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क्या तेजस्वी की योजनाओं पर बवाल खड़ा हुआ है? मनोज झा का समर्थन, मांझी का जवाब

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क्या तेजस्वी की योजनाओं पर बवाल खड़ा हुआ है? मनोज झा का समर्थन, मांझी का जवाब

सारांश

तेजस्वी यादव द्वारा महिलाओं को एकमुश्त राशि देने के वादे को लेकर बिहार में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। जहां राजद सांसद मनोज झा ने इसे महिलाओं की मांग का परिणाम बताया है, वहीं केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इसे एक मनगढ़ंत वादा करार दिया। जानें क्या है इस विवाद की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

तेजस्वी यादव का वादा महिलाओं के लिए आर्थिक सहायता का है।
मनोज झा ने इस निर्णय का समर्थन किया है।
केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इसे मनगढ़ंत कहा है।
राजनीतिक विवाद में दोनों पक्षों के तर्क महत्वपूर्ण हैं।
बिहार में महिलाओं के हित को ध्यान में रखते हुए निर्णय लिया गया है।

पटना, 4 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। राजद सांसद मनोज झा ने तेजस्वी यादव के द्वारा महिलाओं को एकमुश्त राशि देने के निर्णय पर कहा कि यह निर्णय बिहार की महिलाओं की मांग पर आधारित है। दूसरी ओर, केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने इसे एक मनगढ़ंत वादा बताया है।

मनोज झा ने राष्ट्र प्रेस से बातचीत में बताया कि महिलाओं से मिले फीडबैक के आधार पर तेजस्वी यादव ने तय किया है कि मकर संक्रांति के दिन 30,000 रुपए की राशि सीधे महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी।

झा ने यह भी कहा कि तेजस्वी यादव की राजनीति रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर केंद्रित है। उन्होंने यह दावा किया कि तेजस्वी रोजगार बढ़ाने, युवाओं को अवसर प्रदान करने और समाज के कमजोर तबकों को सुरक्षा देने का प्रयास कर रहे हैं, जो कि बिहार की आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है।

वहीं दूसरी ओर, तेजस्वी यादव के वादों पर जीतन राम मांझी ने कड़ा जवाब देते हुए सवाल उठाए। मांझी ने कहा कि तेजस्वी अपने 17 महीने के उपमुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान किए गए कार्यों का जिक्र करते हैं, लेकिन अगर उन्होंने वास्तव में इतना काम किया था तो उस समय जनता के लिए और अधिक काम करने से किसने रोका?

जीतन राम मांझी ने कहा, "एक तरफ तेजस्वी कहते हैं कि 17 महीने के उपमुख्यमंत्री काल में उन्होंने इतनी नौकरियां दीं, इतनी सड़कें बनवाईं, और इतना काम किया। अगर यह सच था तो उस समय और ज्यादा काम करने से उन्हें किसने रोका? तब तो कुछ नहीं किया और अब झूठे वादे कर रहे हैं। जनता उन पर कैसे भरोसा करेगी?"

मांझी ने आरोप लगाया कि चुनाव के समय बड़े-बड़े वादे करके जनता को भ्रमित करने की कोशिश की जा रही है, जबकि असल काम करने का मौका मिलने पर तेजस्वी सरकार कोई ठोस उपलब्धि सामने नहीं रख पाई थी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जबकि मांझी की चिंता भी उचित है। हालांकि, यह आवश्यक है कि वादों को केवल चुनावी रणनीति के रूप में नहीं देखा जाए। जनता को ठोस कार्यों की आवश्यकता है।
RashtraPress
27 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

तेजस्वी यादव का निर्णय किस पर आधारित है?
तेजस्वी यादव का निर्णय महिलाओं से मिले फीडबैक पर आधारित है।
जीतन राम मांझी ने तेजस्वी यादव के वादों पर क्या कहा?
जीतन राम मांझी ने तेजस्वी के वादों को मनगढ़ंत करार दिया है।
तेजस्वी यादव ने कितनी राशि देने की बात की है?
तेजस्वी यादव ने महिलाओं को 30,000 रुपए की राशि देने की बात की है।
क्या तेजस्वी यादव की योजनाएं चुनावी रणनीति का हिस्सा हैं?
जीतन राम मांझी ने इसे चुनावी रणनीति से जोड़कर देखा है।
मनोज झा का क्या कहना है?
मनोज झा ने कहा कि यह निर्णय बिहार की महिलाओं की मांग पर आधारित है।
राष्ट्र प्रेस
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