नीट-यूजी पुनर्परीक्षा 21 जून: धर्मेंद्र प्रधान ने 5,400 केंद्रों की सुरक्षा समीक्षा की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बुधवार, 27 मई 2026 को नई दिल्ली में नीट-यूजी पुनर्परीक्षा की तैयारियों पर एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। 21 जून को देशभर के 550 शहरों में 5,400 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर आयोजित होने वाली इस परीक्षा के लिए सुरक्षा ढाँचे को और मज़बूत करना बैठक का केंद्रीय एजेंडा रहा। यह बैठक राष्ट्रीय प्रवेश परीक्षाओं में पारदर्शिता और सुधार की बढ़ती माँग के बीच आयोजित हुई।
बैठक में कौन-कौन शामिल हुए
बैठक में पूर्व इसरो अध्यक्ष के. राधाकृष्णन भी उपस्थित रहे, जो राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) में सुधारों की निगरानी के लिए गठित उच्च स्तरीय संचालन समिति के प्रमुख हैं। इसके अलावा उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह और शिक्षा मंत्रालय के अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी इस समीक्षा में शामिल हुए।
सुरक्षा उपायों का विवरण
अधिकारियों के अनुसार, एनटीए के महानिदेशक अभिषेक सिंह ने परीक्षा प्रक्रिया में पारदर्शिता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए लागू किए जा रहे अतिरिक्त सुरक्षा उपायों का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। अनियमितताओं को रोकने के लिए निगरानी प्रणालियों को सुदृढ़ करने, सख्त निगरानी तंत्र स्थापित करने और परीक्षा केंद्रों पर बेहतर समन्वय बनाने पर विशेष चर्चा हुई।
गौरतलब है कि यह समीक्षा ऐसे समय में हो रही है जब नीट-यूजी पर पिछले वर्षों में प्रश्नपत्र लीक और अनियमितताओं के आरोपों को लेकर व्यापक विवाद रहा है, जिसके बाद एनटीए में संरचनात्मक सुधारों की प्रक्रिया शुरू की गई थी।
मंत्री का बयान
शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने बैठक में स्पष्ट किया कि परीक्षा प्रक्रिया की अखंडता की रक्षा करना केंद्र सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि देशभर के सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त सुविधाएँ और विद्यार्थी-अनुकूल वातावरण सुनिश्चित करना उतना ही ज़रूरी है जितना सुरक्षा।
आम छात्रों पर असर
आधिकारिक बयान के अनुसार, परीक्षा प्रक्रिया के दौरान छात्रों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए व्यापक तैयारियाँ की जा रही हैं। 550 शहरों में फैले 5,400 से अधिक केंद्रों पर परीक्षा आयोजन का यह विस्तार इसे देश की सबसे बड़ी लॉजिस्टिक चुनौतियों में से एक बनाता है।
आगे क्या होगा
परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित है और तैयारियाँ अंतिम चरण में हैं। के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता वाली संचालन समिति एनटीए सुधारों के क्रियान्वयन की निरंतर निगरानी कर रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस पुनर्परीक्षा का निर्विघ्न आयोजन एनटीए की साख बहाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगा।