नीट-यूजी री-एग्जाम 2026: एनडीए नेताओं ने कहा — पारदर्शी परीक्षा सरकार की पहली प्राथमिकता
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) द्वारा 21 जून 2026 को आयोजित नीट-यूजी री-एग्जाम से एक दिन पहले, नई दिल्ली में केंद्र और राज्य स्तर के एनडीए नेताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और नकल-रोधी उपायों पर एकजुट बयान दिए। सरकार ने स्पष्ट किया कि इस बार किसी भी स्तर पर अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
नेताओं की प्रतिक्रियाएँ
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के सांसद प्रदीप कुमार सिंह ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष बनाना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, 'नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में किसी भी तरह की गड़बड़ी या शिकायत की गुंजाइश नहीं रहनी चाहिए।' सरकार ने छात्रों का भरोसा बनाए रखने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में कई कड़े कदम उठाए हैं।
केंद्रीय राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार परीक्षा व्यवस्था को लेकर बेहद संवेदनशील है। उन्होंने जोड़ा कि नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और व्यवस्थाओं को और मज़बूत किया जा रहा है।
केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव ने कहा कि शिक्षा मंत्री स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए हैं और सरकार पूरी तरह सतर्क है। उन्होंने परीक्षा देने जा रहे छात्रों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि सिस्टम को अधिक भरोसेमंद बनाने की दिशा में काम जारी है।
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने एनटीए द्वारा आयोजित देशव्यापी मेगा मॉक ड्रिल को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि पारदर्शी शासन की सबसे बड़ी पहचान यही है कि परीक्षाएँ और उनके परिणाम निष्पक्ष तरीके से आयोजित हों। शर्मा ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी स्तर पर अनियमितता पाए जाने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
देशव्यापी मॉक ड्रिल और सुरक्षा तैयारियाँ
री-एग्जाम को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए एनटीए ने शनिवार, 20 जून को सुबह 9 बजे से देशव्यापी मॉक ड्रिल शुरू की, जो देर शाम तक जारी रही। यह विशेष अभ्यास रविवार की री-एग्जाम से पहले तैयारियों को अंतिम रूप देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। अधिकारियों के अनुसार, इस अभ्यास में देशभर के परीक्षा केंद्रों पर 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी भाग ले रहे हैं।
गौरतलब है कि सभी निर्धारित परीक्षा केंद्र पहले ही एनटीए के नियंत्रण में सौंप दिए गए हैं। इस बार हर केंद्र पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है, जिसका उद्देश्य नकल, पेपर लीक और किसी भी तरह की गड़बड़ी की संभावना को पूरी तरह समाप्त करना है।
सुरक्षा व्यवस्था का खाका
सुरक्षा ढाँचे के तहत अर्धसैनिक बलों के जवान प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन, भंडारण और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालेंगे। इसके साथ ही देशभर के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए निरंतर निगरानी रखी जाएगी और बड़ी संख्या में सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब नीट-यूजी 2026 की री-एग्जाम पेपर लीक और परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितताओं की पिछली शिकायतों के बाद आयोजित की जा रही है। आलोचकों का कहना है कि बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बयानबाज़ी तब तक पर्याप्त नहीं होगी जब तक संस्थागत सुधार नहीं होते। आगे देखना होगा कि 21 जून की परीक्षा बिना किसी विवाद के संपन्न होती है या नहीं।