8 अगस्त 2026
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नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले एनटीए की देशव्यापी मॉक ड्रिल, 2.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात

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नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले एनटीए की देशव्यापी मॉक ड्रिल, 2.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात

सारांश

3 मई के कथित पेपर लीक के बाद 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 21 जून को होने वाली नीट री-एग्जाम से पहले एनटीए ने 2.5 लाख सुरक्षाकर्मियों के साथ देशव्यापी मॉक ड्रिल की। दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध भी बरकरार रखा।

मुख्य बातें

एनटीए ने 20 जून 2026 को नीट-यूजी री-एग्जाम से एक दिन पहले देशव्यापी मॉक ड्रिल आयोजित की।
देशभर के 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए।
प्रत्येक केंद्र पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था और सीसीटीवी निगरानी लागू की गई; अर्धसैनिक बल प्रश्नपत्र परिवहन की ज़िम्मेदारी संभालेंगे।
दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति तेजस करिया ने 22 जून तक टेलीग्राम सेवाओं पर प्रतिबंध और 30 जून तक मैसेज एडिट फीचर निष्क्रिय रखने के आदेश को बरकरार रखा।
3 मई 2026 को हुई मूल परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए री-एग्जाम 21 जून को निर्धारित है।

राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से ठीक एक दिन पहले, 20 जून 2026 को देशभर के परीक्षा केंद्रों पर एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की, जिसमें 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। 21 जून को होने वाली री-एग्जाम में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे, जो 3 मई को हुई मूल परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद पुनः परीक्षा देने के लिए बुलाए गए हैं।

मॉक ड्रिल का स्वरूप और उद्देश्य

सुबह 9 बजे IST से शुरू हुई यह मॉक ड्रिल देर शाम तक चली। अधिकारियों के अनुसार, सभी निर्धारित परीक्षा केंद्र पहले ही एनटीए के नियंत्रण में सौंपे जा चुके हैं। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य परीक्षा-दिवस की प्रक्रियाओं को परखना और किसी भी संभावित खामी को पहले से दूर करना था।

एनटीए ने इस बार 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए प्रत्येक केंद्र की निरंतर निगरानी की जाएगी। अर्धसैनिक बलों के जवान प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन, भंडारण और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालेंगे।

दिल्ली हाईकोर्ट का टेलीग्राम प्रतिबंध पर फैसला

दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 जून को नीट री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम सेवाओं पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति तेजस करिया ने टेलीग्राम एफजेडएलएलसी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है।

अदालत ने माना कि 22 जून तक टेलीग्राम सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखना और 30 जून तक उसके मैसेज एडिट फीचर को निष्क्रिय रखना परिस्थितियों के अनुरूप है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि टेलीग्राम का उपयोग बार-बार परीक्षा से जुड़े फर्जीवाड़ों में किया जाता रहा है।

पेपर लीक की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित मूल नीट-यूजी परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोप सामने आए थे। एनटीए ने कथित तौर पर ऐसे कई टेलीग्राम चैनलों की पहचान की थी, जहाँ नीट के फर्जी प्रश्नपत्र और धोखाधड़ी से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे थे। सरकार का तर्क था कि केवल कुछ चैनलों को हटाना पर्याप्त नहीं, क्योंकि ऐसे समूह और बॉट्स दोबारा सक्रिय हो सकते थे।

यह ऐसे समय में आया है जब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए एनटीए पर इस बार निर्दोष और पारदर्शी परीक्षा कराने का असाधारण दबाव है।

आगे क्या

21 जून 2026 को होने वाली री-एग्जाम के परिणाम एनटीए की साख और देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों के भरोसे को फिर से परिभाषित करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, परिणाम घोषित होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या सुरक्षा का यह बाहरी कवच उस प्रणालीगत खामी को ढक सकता है जिसने 3 मई को पेपर लीक होने दिया। एनटीए की साख पहले ही 2024 के नीट विवाद से आहत थी; एक और गड़बड़ी संस्था के अस्तित्व पर ही सवाल खड़े कर सकती है। 22 लाख छात्रों का भविष्य दाँव पर है, और इस बार प्रक्रियागत विफलता की कोई गुंजाइश नहीं है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम क्यों आयोजित की जा रही है?
3 मई 2026 को हुई मूल नीट-यूजी परीक्षा में प्रश्नपत्र लीक होने के आरोपों के बाद 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के लिए 21 जून को री-एग्जाम आयोजित की जा रही है। एनटीए ने इस बार व्यापक सुरक्षा उपाय लागू किए हैं।
एनटीए की मॉक ड्रिल में क्या-क्या शामिल था?
20 जून को सुबह 9 बजे से शुरू हुई मॉक ड्रिल में 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी निगरानी और तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था की जाँच शामिल थी। अर्धसैनिक बलों ने प्रश्नपत्र परिवहन और भंडारण की प्रक्रिया का अभ्यास किया।
दिल्ली हाईकोर्ट ने टेलीग्राम पर प्रतिबंध क्यों बरकरार रखा?
न्यायमूर्ति तेजस करिया ने माना कि केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया। अदालत ने टेलीग्राम एफजेडएलएलसी की याचिका खारिज करते हुए 22 जून तक सेवाएँ बंद और 30 जून तक मैसेज एडिट फीचर निष्क्रिय रखने के आदेश को उचित ठहराया।
नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम में कितने छात्र शामिल होंगे?
21 जून 2026 को होने वाली री-एग्जाम में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे। ये वही छात्र हैं जिन्होंने 3 मई को मूल परीक्षा दी थी और पेपर लीक विवाद के कारण री-एग्जाम के लिए बुलाए गए हैं।
नीट परीक्षा में टेलीग्राम का क्या कनेक्शन था?
केंद्र सरकार के अनुसार, एनटीए ने कथित तौर पर ऐसे कई टेलीग्राम चैनलों की पहचान की थी जहाँ नीट के फर्जी प्रश्नपत्र और धोखाधड़ी से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे थे। सरकार का तर्क था कि केवल कुछ चैनलों को हटाने से समस्या हल नहीं होती, क्योंकि बॉट्स और समूह दोबारा सक्रिय हो सकते थे।
राष्ट्र प्रेस
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