नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले एनटीए की देशव्यापी मॉक ड्रिल, 2.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात
सारांश
मुख्य बातें
राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) ने नीट-यूजी 2026 री-एग्जाम से ठीक एक दिन पहले, 20 जून 2026 को देशभर के परीक्षा केंद्रों पर एक व्यापक मॉक ड्रिल आयोजित की, जिसमें 2.5 लाख से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए। 21 जून को होने वाली री-एग्जाम में 22 लाख से अधिक अभ्यर्थी शामिल होंगे, जो 3 मई को हुई मूल परीक्षा में कथित पेपर लीक के बाद पुनः परीक्षा देने के लिए बुलाए गए हैं।
मॉक ड्रिल का स्वरूप और उद्देश्य
सुबह 9 बजे IST से शुरू हुई यह मॉक ड्रिल देर शाम तक चली। अधिकारियों के अनुसार, सभी निर्धारित परीक्षा केंद्र पहले ही एनटीए के नियंत्रण में सौंपे जा चुके हैं। इस अभ्यास का मुख्य उद्देश्य परीक्षा-दिवस की प्रक्रियाओं को परखना और किसी भी संभावित खामी को पहले से दूर करना था।
एनटीए ने इस बार 5,000 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर तीन-स्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। सीसीटीवी कैमरों के ज़रिए प्रत्येक केंद्र की निरंतर निगरानी की जाएगी। अर्धसैनिक बलों के जवान प्रश्नपत्रों और उत्तर पुस्तिकाओं के परिवहन, भंडारण और सुरक्षा की ज़िम्मेदारी संभालेंगे।
दिल्ली हाईकोर्ट का टेलीग्राम प्रतिबंध पर फैसला
दिल्ली उच्च न्यायालय ने 20 जून को नीट री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम सेवाओं पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को बरकरार रखा। न्यायमूर्ति तेजस करिया ने टेलीग्राम एफजेडएलएलसी की याचिका खारिज करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने आपातकालीन शक्तियों का उपयोग करते हुए कानूनी प्रक्रिया का पालन किया है।
अदालत ने माना कि 22 जून तक टेलीग्राम सेवाओं को अस्थायी रूप से बंद रखना और 30 जून तक उसके मैसेज एडिट फीचर को निष्क्रिय रखना परिस्थितियों के अनुरूप है। केंद्र सरकार ने अदालत को बताया कि टेलीग्राम का उपयोग बार-बार परीक्षा से जुड़े फर्जीवाड़ों में किया जाता रहा है।
पेपर लीक की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि 3 मई 2026 को आयोजित मूल नीट-यूजी परीक्षा के बाद प्रश्नपत्र लीक होने के गंभीर आरोप सामने आए थे। एनटीए ने कथित तौर पर ऐसे कई टेलीग्राम चैनलों की पहचान की थी, जहाँ नीट के फर्जी प्रश्नपत्र और धोखाधड़ी से जुड़े संदेश प्रसारित किए जा रहे थे। सरकार का तर्क था कि केवल कुछ चैनलों को हटाना पर्याप्त नहीं, क्योंकि ऐसे समूह और बॉट्स दोबारा सक्रिय हो सकते थे।
यह ऐसे समय में आया है जब देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल उठ चुके हैं। 22 लाख से अधिक अभ्यर्थियों के भविष्य को देखते हुए एनटीए पर इस बार निर्दोष और पारदर्शी परीक्षा कराने का असाधारण दबाव है।
आगे क्या
21 जून 2026 को होने वाली री-एग्जाम के परिणाम एनटीए की साख और देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों के भरोसे को फिर से परिभाषित करेंगे। अधिकारियों के अनुसार, परिणाम घोषित होने तक सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।