2 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक, केंद्र ने 22 जून तक लगाया अस्थायी प्रतिबंध

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नीट यूजी 2026 री-एग्जाम से पहले टेलीग्राम पर रोक, केंद्र ने 22 जून तक लगाया अस्थायी प्रतिबंध

सारांश

नीट यूजी 2026 की पुनः परीक्षा से ठीक पहले केंद्र ने टेलीग्राम पर अस्थायी ताला लगा दिया। IT अधिनियम की धारा 69ए के तहत 22 जून तक प्रतिबंध, मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक बंद — यह भारत में किसी प्रमुख परीक्षा के लिए किसी मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर लगाई गई पहली ऐसी लक्षित डिजिटल कार्रवाई है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने 16 जून 2026 को IT अधिनियम की धारा 69ए के तहत भारत में टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया।
यह कदम 21 जून को होने वाली नीट (यूजी) 2026 की पुनः परीक्षा से पहले कथित पेपर लीक और धोखाधड़ी नेटवर्क को रोकने के लिए उठाया गया।
टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक भारत में निष्क्रिय रहेगा।
अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय धोखाधड़ी नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार किया जो परीक्षा-संबंधी टेलीग्राम चैनल चला रहे थे।
10 लाख से अधिक छात्रों ने एडमिट कार्ड जारी होने के 24 घंटों के भीतर डाउनलोड किए।
धोखाधड़ी की शिकायत के लिए नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें।

नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की सिफारिश पर केंद्र सरकार ने 16 जून 2026 को पूरे भारत में मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया है। यह कदम 21 जून को होने वाली नीट (यूजी) 2026 की पुनः परीक्षा से पहले कथित पेपर लीक, भ्रामक सूचना अभियानों और संगठित नकल नेटवर्क पर लगाम लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है।

सरकार की कार्रवाई और कानूनी आधार

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत यह निर्देश जारी किया। इसके अंतर्गत परीक्षा के दिन और उसके तत्काल बाद की अवधि को शामिल करते हुए 22 जून तक टेलीग्राम के उपयोग पर पाबंदी लागू की गई है।

इसके अतिरिक्त, टेलीग्राम को निर्देश दिया गया है कि वह भारत में अपना मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक निष्क्रिय रखे। NTA के अनुसार, इस फीचर का पूर्व में दुरुपयोग किया गया था — इसके ज़रिये प्रशासक पुराने संदेशों को संपादित कर मूल पोस्टिंग का समय अपरिवर्तित रखते हुए झूठे दावे फैला सकते थे कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध थे।

धोखाधड़ी नेटवर्क की प्रकृति

NTA ने आरोप लगाया कि 'पेपर लीक्ड नीट', 'री-नीट 2026' और 'प्राइवेट माफिया' जैसे नामों से संचालित कई टेलीग्राम चैनल कथित तौर पर परीक्षा के प्रश्नपत्रों तक पहुँच दिलाने के बदले कुछ हज़ार से लेकर कई लाख रुपये तक की माँग कर रहे थे। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि कोई भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है और ऐसे किसी भी दावे को धोखाधड़ी बताया।

गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने नीट उम्मीदवारों को लक्षित करने वाले टेलीग्राम-आधारित धोखाधड़ी नेटवर्क के विरुद्ध समन्वित कार्रवाई की। राज्य पुलिस बलों और I4C की संयुक्त निगरानी से परीक्षा-संबंधी धोखाधड़ी सेवाओं का प्रचार करने वाले कई चैनलों, ग्रुप्स और स्वचालित बॉट्स को हटवाया गया।

राज्यों की स्वतंत्र कार्रवाई

बिहार पुलिस की इकोनॉमिक ऑफेंस यूनिट ने छात्रों के लिए एक सार्वजनिक एडवाइजरी जारी कर उन्हें सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने के झूठे दावों से सतर्क रहने की सलाह दी।

अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच ने एक अंतरराज्यीय साइबर धोखाधड़ी नेटवर्क के सदस्यों को गिरफ्तार किया, जो कथित तौर पर परीक्षा घोटालों से जुड़े कई टेलीग्राम चैनल संचालित कर रहे थे। जाँचकर्ता अन्य राज्यों में भी संबंधित मामलों की जाँच कर रहे हैं।

एडमिट कार्ड और परीक्षा की स्थिति

NTA ने अपने आधिकारिक एक्स हैंडल पर जानकारी दी कि एडमिट कार्ड डाउनलोड सुविधा शुरू होने के लगभग 24 घंटों में 10 लाख से अधिक छात्रों ने नीट यूजी 2026 के लिए अपने एडमिट कार्ड डाउनलोड कर लिए। एजेंसी ने आश्वस्त किया कि सर्वर लोड की निगरानी की जा रही है और सभी उम्मीदवारों को परीक्षा से पर्याप्त पहले एडमिट कार्ड उपलब्ध होंगे।

NTA ने छात्रों और अभिभावकों को भरोसा दिलाया कि नीट (यूजी) 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून को निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आयोजित होगी। उम्मीदवारों को सलाह दी गई कि वे केवल आधिकारिक NTA चैनलों से ही अपडेट लें और असत्यापित ऑनलाइन जानकारी से बचें।

शिकायत और आगे की राह

NTA ने नागरिकों से आग्रह किया कि किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी की सूचना नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से दें। एजेंसी ने इस समन्वित प्रयास के लिए MeitY, गृह मंत्रालय, I4C, केंद्रीय जाँच ब्यूरो (CBI) और कई राज्यों की पुलिस का आभार व्यक्त किया। परीक्षा की निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए यह बहु-एजेंसी समन्वय भारत में डिजिटल परीक्षा सुरक्षा की दिशा में एक नई मिसाल स्थापित करता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उतना ही विचारणीय भी है। सवाल यह है कि क्या NTA की संस्थागत विश्वसनीयता इस हद तक कमज़ोर हो चुकी है कि एक अस्थायी डिजिटल ब्लैकआउट ही एकमात्र विकल्प बचा? 2024 के नीट विवाद के बाद सुधार के वादे किए गए थे, फिर भी 2026 में वही संस्था उन्हीं प्लेटफॉर्म-आधारित खतरों से जूझ रही है। असली समस्या तकनीकी नहीं, संरचनात्मक है — और टेलीग्राम बंद करना उस समस्या का समाधान नहीं, केवल एक लक्षण-राहत है।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

नीट यूजी 2026 से पहले टेलीग्राम पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
केंद्र सरकार ने 21 जून 2026 को होने वाली नीट (यूजी) की पुनः परीक्षा से पहले कथित पेपर लीक, भ्रामक सूचना अभियानों और संगठित नकल नेटवर्क को रोकने के लिए टेलीग्राम पर 22 जून तक अस्थायी प्रतिबंध लगाया। NTA की सिफारिश पर MeitY ने IT अधिनियम की धारा 69ए के तहत यह कार्रवाई की।
टेलीग्राम पर यह प्रतिबंध कब तक रहेगा?
भारत में टेलीग्राम के उपयोग पर 22 जून 2026 तक प्रतिबंध है। इसके अतिरिक्त, टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून 2026 तक निष्क्रिय रहेगा।
टेलीग्राम के मैसेज-एडिटिंग फीचर को अलग से क्यों बंद किया गया?
NTA के अनुसार, इस फीचर का दुरुपयोग करके प्रशासक पुराने संदेशों को संपादित कर सकते थे — मूल पोस्टिंग का समय अपरिवर्तित रखते हुए — जिससे यह झूठा आभास होता था कि परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र उपलब्ध थे। इस हेरफेर को रोकने के लिए यह फीचर 30 जून तक बंद रखने का निर्देश दिया गया।
क्या नीट यूजी 2026 का प्रश्नपत्र वास्तव में लीक हुआ है?
NTA ने स्पष्ट रूप से कहा है कि कोई भी प्रश्नपत्र लीक नहीं हुआ है। एजेंसी ने चेतावनी दी कि प्रश्नपत्रों तक पहले से पहुँच का दावा करने वाला कोई भी व्यक्ति या चैनल धोखाधड़ी कर रहा है।
नीट 2026 से जुड़ी साइबर धोखाधड़ी की शिकायत कहाँ करें?
किसी भी संदिग्ध धोखाधड़ी की सूचना नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर या नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल के माध्यम से दी जा सकती है। परीक्षा से संबंधित अपडेट के लिए केवल आधिकारिक NTA चैनलों पर भरोसा करें।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 1 महीना पहले
  3. 1 महीना पहले
  4. 1 महीना पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 1 महीना पहले
  8. 1 महीना पहले