टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र के अस्थायी प्रतिबंध को दी चुनौती, नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से पहले बड़ा कानूनी दांव
सारांश
मुख्य बातें
मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने बुधवार, 17 जून 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी, जिसके तहत नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा (21 जून) से पहले भारत में टेलीग्राम की सेवाएं 22 जून तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। यह याचिका न्यायमूर्ति तेजस कारिया की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष पेश की गई।
प्रतिबंध का कानूनी आधार
केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत यह निर्देश जारी किए। यह कदम राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सिफारिशों के बाद उठाया गया। NTA ने तर्क दिया कि चैनल-विशिष्ट कार्रवाई और अन्य प्रवर्तन उपाय समस्या की गंभीरता को कम करने में अपर्याप्त साबित हुए, जिसके बाद यह अस्थायी प्रतिबंध आवश्यक हो गया।
NTA के आरोप और पेपर लीक की आशंका
NTA के अनुसार, 'पेपर लीक्ड नीट', 'री-नीट 2026' और 'प्राइवेट माफिया' जैसे नामों से संचालित कई टेलीग्राम चैनल कथित तौर पर परीक्षा पत्रों तक पहुँच दिलाने के बदले अभ्यर्थियों से भुगतान की माँग कर रहे थे। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर का दुरुपयोग पुराने संदेशों को संपादित कर और मूल टाइमस्टैम्प बनाए रखते हुए अटैचमेंट बदलकर प्रश्नपत्र लीक के मनगढ़ंत सबूत तैयार करने के लिए किया गया था। इसी कारण अधिकारियों ने टेलीग्राम को भारत में 30 जून तक अपना मैसेज एडिटिंग फीचर बंद करने का निर्देश भी दिया।
टेलीग्राम CEO की प्रतिक्रिया
टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल ड्यूरोव ने इस अस्थायी निलंबन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध से भारत में 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत टेलीग्राम के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक है।
व्यापक संदर्भ: नीट विवाद की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा पिछले कुछ वर्षों से पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के कारण विवादों में रही है। 21 जून 2026 को होने वाली पुनर्परीक्षा इन्हीं विवादों के मद्देनज़र आयोजित की जा रही है। सरकार का कहना है कि परीक्षा की पवित्रता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से यह अभूतपूर्व डिजिटल प्रतिबंध लगाया गया। दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर टेलीग्राम की यह याचिका डिजिटल प्लेटफॉर्म की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा के बीच टकराव का एक नया अध्याय खोलती है।
आगे क्या होगा
दिल्ली उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी। यदि न्यायालय प्रतिबंध पर रोक नहीं लगाता, तो 22 जून तक टेलीग्राम भारत में अनुपलब्ध रहेगा। नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित है, और इसके परिणाम लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करेंगे।