6 अगस्त 2026
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टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र के अस्थायी प्रतिबंध को दी चुनौती, नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से पहले बड़ा कानूनी दांव

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टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट में केंद्र के अस्थायी प्रतिबंध को दी चुनौती, नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से पहले बड़ा कानूनी दांव

सारांश

नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा से महज चार दिन पहले केंद्र ने टेलीग्राम पर 22 जून तक बैन लगाया — पेपर लीक और नकल नेटवर्क रोकने के नाम पर। टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाया। 15 करोड़ भारतीय यूज़र दांव पर, और परीक्षा सुरक्षा बनाम डिजिटल स्वतंत्रता की बहस तेज़।

मुख्य बातें

टेलीग्राम ने 17 जून 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के अस्थायी प्रतिबंध को चुनौती दी।
केंद्र ने IT Act, 2000 की धारा 69ए के तहत 22 जून तक टेलीग्राम पर प्रतिबंध लगाया — नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा ( 21 जून ) से पहले।
NTA ने पाया कि 'पेपर लीक्ड नीट' जैसे चैनल कथित तौर पर अभ्यर्थियों से भुगतान लेकर प्रश्नपत्र उपलब्ध कराने का दावा कर रहे थे।
अधिकारियों ने टेलीग्राम को 30 जून तक भारत में मैसेज एडिटिंग फीचर बंद करने का भी निर्देश दिया।
CEO पावेल ड्यूरोव ने कहा कि प्रतिबंध से भारत में 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे।
मामला न्यायमूर्ति तेजस कारिया की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष सुनवाई के लिए है।

मैसेजिंग प्लेटफॉर्म टेलीग्राम ने बुधवार, 17 जून 2026 को दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र सरकार के उस फैसले को चुनौती दी, जिसके तहत नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा (21 जून) से पहले भारत में टेलीग्राम की सेवाएं 22 जून तक अस्थायी रूप से निलंबित कर दी गई हैं। यह याचिका न्यायमूर्ति तेजस कारिया की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष पेश की गई।

प्रतिबंध का कानूनी आधार

केंद्र सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के माध्यम से सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 69ए के तहत यह निर्देश जारी किए। यह कदम राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) की सिफारिशों के बाद उठाया गया। NTA ने तर्क दिया कि चैनल-विशिष्ट कार्रवाई और अन्य प्रवर्तन उपाय समस्या की गंभीरता को कम करने में अपर्याप्त साबित हुए, जिसके बाद यह अस्थायी प्रतिबंध आवश्यक हो गया।

NTA के आरोप और पेपर लीक की आशंका

NTA के अनुसार, 'पेपर लीक्ड नीट', 'री-नीट 2026' और 'प्राइवेट माफिया' जैसे नामों से संचालित कई टेलीग्राम चैनल कथित तौर पर परीक्षा पत्रों तक पहुँच दिलाने के बदले अभ्यर्थियों से भुगतान की माँग कर रहे थे। एजेंसी ने यह भी दावा किया कि टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर का दुरुपयोग पुराने संदेशों को संपादित कर और मूल टाइमस्टैम्प बनाए रखते हुए अटैचमेंट बदलकर प्रश्नपत्र लीक के मनगढ़ंत सबूत तैयार करने के लिए किया गया था। इसी कारण अधिकारियों ने टेलीग्राम को भारत में 30 जून तक अपना मैसेज एडिटिंग फीचर बंद करने का निर्देश भी दिया।

टेलीग्राम CEO की प्रतिक्रिया

टेलीग्राम के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी पावेल ड्यूरोव ने इस अस्थायी निलंबन की कड़ी आलोचना की। उन्होंने कहा कि इस प्रतिबंध से भारत में 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता प्रभावित होंगे। यह ऐसे समय में आया है जब भारत टेलीग्राम के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक है।

व्यापक संदर्भ: नीट विवाद की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा पिछले कुछ वर्षों से पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के कारण विवादों में रही है। 21 जून 2026 को होने वाली पुनर्परीक्षा इन्हीं विवादों के मद्देनज़र आयोजित की जा रही है। सरकार का कहना है कि परीक्षा की पवित्रता सुनिश्चित करना सर्वोच्च प्राथमिकता है, और इसी उद्देश्य से यह अभूतपूर्व डिजिटल प्रतिबंध लगाया गया। दिल्ली उच्च न्यायालय में दायर टेलीग्राम की यह याचिका डिजिटल प्लेटफॉर्म की अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और राष्ट्रीय परीक्षा सुरक्षा के बीच टकराव का एक नया अध्याय खोलती है।

आगे क्या होगा

दिल्ली उच्च न्यायालय की अवकाशकालीन पीठ इस मामले पर सुनवाई करेगी। यदि न्यायालय प्रतिबंध पर रोक नहीं लगाता, तो 22 जून तक टेलीग्राम भारत में अनुपलब्ध रहेगा। नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा 21 जून को निर्धारित है, और इसके परिणाम लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो करोड़ों निर्दोष उपयोगकर्ताओं को प्रभावित करता है। सवाल यह है कि क्या सरकार ने सर्जिकल विकल्प वास्तव में आज़माए या सीधे परमाणु विकल्प चुना। दिल्ली उच्च न्यायालय का फैसला न केवल इस प्रतिबंध की वैधता तय करेगा, बल्कि भविष्य में डिजिटल प्लेटफॉर्म और परीक्षा सुरक्षा के बीच सरकारी हस्तक्षेप की सीमा भी परिभाषित करेगा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टेलीग्राम पर भारत में प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
केंद्र सरकार ने नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा (21 जून) से पहले पेपर लीक, गलत सूचना और नकल नेटवर्क रोकने के लिए IT Act, 2000 की धारा 69ए के तहत 22 जून तक टेलीग्राम पर अस्थायी प्रतिबंध लगाया। NTA की सिफारिश पर MeitY ने यह निर्देश जारी किए।
टेलीग्राम ने दिल्ली हाई कोर्ट में क्या माँग की है?
टेलीग्राम ने दिल्ली उच्च न्यायालय में केंद्र के अस्थायी निलंबन आदेश को चुनौती देते हुए इसे रद्द करने की माँग की है। यह याचिका न्यायमूर्ति तेजस कारिया की अवकाशकालीन पीठ के समक्ष पेश की गई है।
इस प्रतिबंध से कितने लोग प्रभावित होंगे?
टेलीग्राम के CEO पावेल ड्यूरोव के अनुसार, भारत में 15 करोड़ से अधिक उपयोगकर्ता इस अस्थायी निलंबन से प्रभावित होंगे। भारत टेलीग्राम के सबसे बड़े बाज़ारों में से एक है।
मैसेज एडिटिंग फीचर पर प्रतिबंध क्यों लगाया गया?
NTA ने दावा किया कि टेलीग्राम के मैसेज एडिटिंग फीचर का दुरुपयोग मूल टाइमस्टैम्प बनाए रखते हुए अटैचमेंट बदलकर पेपर लीक के मनगढ़ंत सबूत तैयार करने के लिए किया गया था। इसी कारण अधिकारियों ने 30 जून तक इस फीचर को भारत में बंद रखने का निर्देश दिया।
नीट-यूजी 2026 पुनर्परीक्षा कब होगी और इसका क्या महत्व है?
नीट-यूजी 2026 की पुनर्परीक्षा 21 जून 2026 को आयोजित होनी है। यह परीक्षा पिछले वर्षों में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के बाद आयोजित की जा रही है, और इसके परिणाम देशभर के लाखों मेडिकल अभ्यर्थियों के भविष्य को प्रभावित करेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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