8 अगस्त 2026
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टेलीग्राम बैन हटने की उम्मीद, मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक रहेगा बंद — नीट यूजी 2026

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टेलीग्राम बैन हटने की उम्मीद, मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक रहेगा बंद — नीट यूजी 2026

सारांश

नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा के मद्देनज़र लगाया गया टेलीग्राम बैन अब हटने की राह पर है — लेकिन मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक बंद रहेगा। दिल्ली हाई कोर्ट ने सरकार के आपातकालीन अवरोधन आदेश को 'आनुपातिक' और कानूनसम्मत करार दिया है।

मुख्य बातें

केंद्र सरकार ने नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले 22 जून 2026 तक टेलीग्राम को पूरे भारत में ब्लॉक किया था।
रिपोर्टों के अनुसार सरकार बैन आगे नहीं बढ़ाएगी; 23 जून 2026 से टेलीग्राम के ऐप स्टोर्स पर वापस आने की उम्मीद है।
मैसेज-एडिटिंग फीचर पर प्रतिबंध 30 जून 2026 तक लागू रहेगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जस्टिस तेजस करिया की पीठ के ज़रिए टेलीग्राम एफजेड एलएलसी की याचिका खारिज कर सरकार के आदेश को सही ठहराया।
प्रतिबंध आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत NTA और गृह मंत्रालय की सिफारिश पर लगाया गया था।

नई दिल्ली में केंद्र सरकार ने नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले एहतियात के तौर पर 22 जून 2026 तक टेलीग्राम की सेवाएं पूरे देश में अवरुद्ध कर दी थीं, और अब रिपोर्टों के अनुसार सरकार इस रोक को आगे बढ़ाने की योजना नहीं बना रही है। 23 जून 2026 से टेलीग्राम के ऐप स्टोर्स पर पुनः उपलब्ध होने की उम्मीद जताई जा रही है। हालाँकि, टेलीग्राम का मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून 2026 तक बंद रहेगा।

प्रतिबंध की पृष्ठभूमि

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) और गृह मंत्रालय की सिफारिशों के बाद आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत यह आपातकालीन अवरोधन आदेश जारी किया था। NTA ने स्पष्ट किया कि यह कदम उन चीटिंग रैकेट्स के विरुद्ध उठाया गया, जो 21 जून 2026 को होने वाली नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा में शामिल होने वाले उम्मीदवारों को धोखा देने के लिए टेलीग्राम का संगठित रूप से दुरुपयोग कर रहे थे।

दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

दिल्ली उच्च न्यायालय ने जस्टिस तेजस करिया की एकल-न्यायाधीश पीठ के माध्यम से टेलीग्राम एफजेड एलएलसी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें MeitY के ब्लॉकिंग आदेश को चुनौती दी गई थी। न्यायालय ने कहा, 'इस ऑर्डर की इमरजेंसी प्रकृति को देखते हुए, फैसला लेने के लिए बताई गई वजहें काफी थीं। केंद्र सरकार ने आईटी एक्ट की धारा 69ए के तहत जरूरी प्रक्रियात्मक कदमों का सख्ती से पालन किया है, इसलिए वजहें न बताने के आधार पर इस ऑर्डर को चुनौती नहीं दी जा सकती।'

न्यायालय ने यह भी माना कि देशव्यापी मेडिकल प्रवेश परीक्षा से जुड़े हालात को देखते हुए टेलीग्राम को 22 जून तक रोकना और उसके मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून तक बंद रखना 'आनुपातिकता की कसौटी' पर खरा उतरता है।

सरकार का पक्ष

केंद्र सरकार ने अपने कदम का बचाव करते हुए तर्क दिया कि टेलीग्राम के तकनीकी ढाँचे और परीक्षा-संबंधी धोखाधड़ी के लिए इसके बार-बार दुरुपयोग को देखते हुए अधिकारियों के पास आपातकालीन अवरोधन शक्ति का उपयोग करने के अलावा कोई व्यावहारिक विकल्प नहीं बचा था। यह ऐसे समय में आया है जब नीट परीक्षा प्रणाली पर पहले से ही पारदर्शिता को लेकर सवाल उठते रहे हैं।

आगे क्या होगा

रिपोर्टों के अनुसार टेलीग्राम की पूर्ण सेवाएं 23 जून 2026 से बहाल होने की संभावना है, लेकिन मैसेज-एडिटिंग फीचर पर रोक 30 जून 2026 तक जारी रहेगी। यह घटनाक्रम भारत में डिजिटल प्लेटफॉर्म के नियमन और परीक्षा प्रणाली की सुरक्षा को लेकर भविष्य की नीति-निर्माण प्रक्रिया पर गहरा प्रभाव डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसके साथ एक असुविधाजनक सवाल भी उठता है: क्या करोड़ों वैध उपयोगकर्ताओं की सेवा बाधित करना, मुट्ठीभर चीटिंग रैकेट को रोकने का सबसे आनुपातिक तरीका था? नीट परीक्षा प्रणाली पर पहले से ही विश्वसनीयता का संकट है, और इस बैन ने उस संकट को उजागर किया — हल नहीं किया। असली सवाल यह है कि क्या सरकार के पास टेलीग्राम के 'आर्किटेक्चर' से निपटने के लिए कोई दीर्घकालिक तकनीकी रणनीति है, या यह हर परीक्षा के पहले एक अस्थायी 'स्विच-ऑफ' का नया चलन बनने वाला है।
RashtraPress
8 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत में टेलीग्राम बैन क्यों लगाया गया था?
केंद्र सरकार ने 21 जून 2026 को होने वाली नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा से पहले चीटिंग रैकेट्स द्वारा टेलीग्राम के संगठित दुरुपयोग को रोकने के लिए आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत 22 जून 2026 तक यह प्रतिबंध लगाया था। NTA और गृह मंत्रालय की सिफारिश पर MeitY ने यह आपातकालीन आदेश जारी किया।
टेलीग्राम की सेवाएं कब बहाल होंगी?
रिपोर्टों के अनुसार सरकार बैन को आगे नहीं बढ़ाएगी और 23 जून 2026 से टेलीग्राम के ऐप स्टोर्स पर पुनः उपलब्ध होने की उम्मीद है। हालाँकि, मैसेज-एडिटिंग फीचर पर रोक 30 जून 2026 तक जारी रहेगी।
दिल्ली हाई कोर्ट ने टेलीग्राम बैन पर क्या कहा?
दिल्ली उच्च न्यायालय ने जस्टिस तेजस करिया की एकल पीठ के ज़रिए टेलीग्राम एफजेड एलएलसी की याचिका खारिज करते हुए सरकार के आदेश को कानूनसम्मत और 'आनुपातिकता की कसौटी' पर खरा माना। कोर्ट ने कहा कि सरकार ने धारा 69ए के तहत सभी प्रक्रियात्मक कदमों का सख्ती से पालन किया।
मैसेज-एडिटिंग फीचर को अलग से क्यों बंद रखा गया है?
न्यायालय ने माना कि परीक्षा से जुड़े धोखाधड़ी के जोखिम को देखते हुए मैसेज-एडिटिंग फीचर को 30 जून 2026 तक बंद रखना उचित है। यह फीचर चीटिंग रैकेट्स द्वारा साक्ष्य मिटाने और संदेश बदलने के लिए इस्तेमाल किए जाने की आशंका के कारण अलग से प्रतिबंधित किया गया।
नीट यूजी 2026 दोबारा परीक्षा से टेलीग्राम बैन का क्या संबंध है?
NTA ने पाया कि चीटिंग रैकेट टेलीग्राम का उपयोग नीट यूजी 2026 की दोबारा परीक्षा में शामिल उम्मीदवारों को धोखा देने के लिए संगठित रूप से कर रहे थे। इसी के जवाब में परीक्षा से पहले आपातकालीन प्रतिबंध लगाया गया, जिसे न्यायालय ने भी उचित माना।
राष्ट्र प्रेस
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