4 अगस्त 2026
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टेलीग्राम बैन से नीट-यूजी 2026 छात्र परेशान, बोले — प्रैक्टिस पेपर और स्टडी मटीरियल मिलता था इसी ऐप से

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टेलीग्राम बैन से नीट-यूजी 2026 छात्र परेशान, बोले — प्रैक्टिस पेपर और स्टडी मटीरियल मिलता था इसी ऐप से

सारांश

नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा से पहले टेलीग्राम बैन ने कोटा के छात्रों को दोहरी मुश्किल में डाला — एक तरफ पेपर लीक रोकने की राहत, दूसरी तरफ स्टडी मटीरियल और प्रैक्टिस पेपर का अचानक बंद होना। दिल्ली हाई कोर्ट ने 22 जून तक के निलंबन को वैध ठहराया है।

मुख्य बातें

दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से निलंबित करने के फैसले को वैध ठहराया।
नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित है, जो 3 मई के पेपर लीक के बाद आयोजित हो रही है।
कोटा के छात्रों ने बताया कि टेलीग्राम पर पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, PDF सामग्री और शिक्षकों के अभ्यास प्रश्न उपलब्ध थे।
छात्रों ने डिस्कॉर्ड , स्नैपचैट और व्हाट्सएप जैसे अन्य प्लेटफॉर्म पर भी लीक की आशंका जताते हुए स्थायी समाधान की माँग की।
टेलीग्राम ने निलंबन आदेश को हाई कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया; मैसेज-एडिटिंग फीचर 30 जून तक बंद रहेगा।

नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा से ठीक पहले दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार के टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से निलंबित करने के फैसले को वैध ठहराया, जिसके बाद कोटा में परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्रों ने चिंता जताई कि यह कदम उनकी पढ़ाई पर प्रतिकूल असर डाल सकता है। छात्रों के अनुसार, वे इस मैसेजिंग ऐप के ज़रिए पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, सेल्फ-स्टडी सामग्री और शिक्षकों द्वारा साझा किए गए अभ्यास प्रश्न प्राप्त करते थे।

छात्रों की मिली-जुली प्रतिक्रिया

कोटा में नीट-यूजी की तैयारी कर रहे एक छात्र ने कहा, 'सरकार का मानना है कि पेपर लीक टेलीग्राम के ज़रिए होते हैं, इसलिए एक तरह से इसे रोकना अच्छा कदम है, लेकिन इससे पढ़ाई पर भी असर पड़ता है। हम पढ़ाई के लिए भी टेलीग्राम का इस्तेमाल करते थे।' छात्र ने स्वीकार किया कि बैन के दोनों पहलू हैं — सुरक्षा की दृष्टि से सकारात्मक, पर अध्ययन की दृष्टि से हानिकारक।

एक अन्य छात्र ने बताया कि टेलीग्राम पर पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, सेल्फ-स्टडी सामग्री और शिक्षण सामग्री की PDF उपलब्ध थीं। उन्होंने कहा, 'हमें वहाँ से पिछले वर्ष के पेपर, सेल्फ-स्टडी मटीरियल और प्रैक्टिस के लिए दूसरी चीजें मिलती थीं, इसलिए अब मुश्किल होगी।'

शिक्षक भी करते थे प्लेटफॉर्म का उपयोग

कोटा के एक कोचिंग संस्थान में पढ़ रहे एक छात्र ने बताया कि उनके शिक्षक भी टेलीग्राम पर अभ्यास प्रश्न साझा करते थे, जिससे परीक्षा की तैयारी में सहायता मिलती थी। यह संकेत देता है कि ऐप केवल अनधिकृत सामग्री के लिए नहीं, बल्कि संस्थागत शिक्षण के एक माध्यम के रूप में भी इस्तेमाल हो रहा था।

स्थायी समाधान की माँग

कोटा के एक अन्य छात्र ने कहा, 'मुझे लगता है कि केंद्र सरकार ने टेलीग्राम पर बैन लगाकर अच्छा किया है, लेकिन डिस्कॉर्ड, स्नैपचैट और व्हाट्सएप जैसे दूसरे ऐप्स भी हैं। कुछ ऐसा किया जाना चाहिए, जिससे पेपर लीक बिल्कुल न हों।' उन्होंने यह भी जोड़ा, 'टेलीग्राम को बंद करना सिर्फ उस गलती को छिपाना है, जो हो चुकी है, लेकिन इससे भविष्य की समस्याएँ नहीं रुकेंगी।'

एक और छात्र ने केंद्र सरकार के फैसले का समर्थन करते हुए ऐसे स्थायी उपाय अपनाने की अपील की, जिससे परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

दिल्ली हाई कोर्ट का फैसला

दिल्ली हाई कोर्ट ने शुक्रवार को नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा से पहले पूरे भारत में टेलीग्राम की सेवाएँ अस्थायी रूप से बंद करने के केंद्र के फैसले को वैध ठहराया। अदालत ने कहा कि केंद्र सरकार ने आपातकालीन अवरोधन शक्तियों का उपयोग करते समय कानून के तहत निर्धारित प्रक्रिया का कड़ाई से पालन किया था।

गौरतलब है कि 3 मई 2026 को नीट-यूजी 2026 का पेपर लीक होने के बाद पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित की गई। टेलीग्राम ने इस निलंबन आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी — कंपनी ने 22 जून तक सेवाएँ बंद रखने और 30 जून तक मैसेज-एडिटिंग फीचर निष्क्रिय रखने के केंद्र के आदेश को अदालत में चुनौती दी थी, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

आगे की राह

यह मामला केवल एक ऐप के निलंबन तक सीमित नहीं है — यह भारत की परीक्षा सुरक्षा प्रणाली की व्यापक खामियों को उजागर करता है। जब तक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर निगरानी और परीक्षा केंद्रों में सुरक्षा के ठोस उपाय नहीं होते, अकेले किसी एक ऐप पर बैन से पेपर लीक की समस्या का स्थायी समाधान संभव नहीं दिखता।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि बीमारी का। पेपर लीक की समस्या किसी एक ऐप तक सीमित नहीं है — यह परीक्षा तंत्र की संरचनागत कमज़ोरी है, जो व्हाट्सएप, डिस्कॉर्ड या किसी भी एन्क्रिप्टेड माध्यम से उतनी ही आसानी से हो सकती है। जब तक परीक्षा केंद्रों पर निगरानी, प्रश्नपत्र वितरण की डिजिटल ऑडिट ट्रेल और लीक करने वालों पर कठोर कानूनी कार्रवाई नहीं होती, तब तक यह बैन महज़ एक प्रतीकात्मक कदम बनकर रह जाएगा। साथ ही, लाखों छात्रों के वैध शैक्षणिक उपयोग को बाधित करना उस नुकसान को और गहरा करता है जो पेपर लीक पहले ही कर चुका है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

टेलीग्राम को भारत में क्यों बैन किया गया?
केंद्र सरकार ने नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा से पहले पेपर लीक रोकने के लिए आपातकालीन अवरोधन शक्तियों का उपयोग करते हुए टेलीग्राम को 22 जून 2026 तक अस्थायी रूप से निलंबित किया। दिल्ली हाई कोर्ट ने इस फैसले को कानूनी प्रक्रिया के अनुरूप बताते हुए वैध ठहराया।
नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा कब है और क्यों हो रही है?
नीट-यूजी 2026 की पुनः परीक्षा 21 जून 2026 को निर्धारित है। 3 मई 2026 को मूल परीक्षा का पेपर लीक होने के बाद यह पुनः परीक्षा आयोजित की जा रही है।
टेलीग्राम बैन से कोटा के छात्रों पर क्या असर पड़ा?
कोटा में नीट-यूजी 2026 की तैयारी कर रहे छात्रों ने बताया कि वे टेलीग्राम पर पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र, सेल्फ-स्टडी सामग्री और शिक्षकों द्वारा साझा किए गए अभ्यास प्रश्न प्राप्त करते थे। बैन के कारण परीक्षा से ठीक पहले यह सामग्री अचानक बंद हो गई।
क्या टेलीग्राम ने इस बैन को चुनौती दी?
हाँ, टेलीग्राम ने 22 जून तक सेवाएँ बंद रखने और 30 जून तक मैसेज-एडिटिंग फीचर निष्क्रिय रखने के आदेश को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी थी। अदालत ने टेलीग्राम की याचिका खारिज करते हुए केंद्र के फैसले को सही ठहराया।
छात्रों ने पेपर लीक रोकने के लिए क्या सुझाव दिए?
छात्रों ने कहा कि केवल टेलीग्राम बंद करने से समस्या हल नहीं होगी, क्योंकि डिस्कॉर्ड, स्नैपचैट और व्हाट्सएप जैसे अन्य प्लेटफॉर्म भी उपलब्ध हैं। उन्होंने ऐसे स्थायी और व्यापक उपाय अपनाने की माँग की, जिससे भविष्य में पेपर लीक पूरी तरह रोके जा सकें।
राष्ट्र प्रेस
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