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ट्रंप ने मोदी की मादक पदार्थ विरोधी मुहिम की सराहना की, भारत 2027 की अमेरिकी ड्रग सूची में शामिल

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ट्रंप ने मोदी की मादक पदार्थ विरोधी मुहिम की सराहना की, भारत 2027 की अमेरिकी ड्रग सूची में शामिल

सारांश

राष्ट्रपति ट्रंप ने PM मोदी की मादक पदार्थ विरोधी कोशिशों की तारीफ की और साथ ही भारत को 2027 के लिए अमेरिका की ड्रग ट्रांज़िट देशों की 23-देशीय सूची में भी रखा। अमेरिका ने स्पष्ट किया कि सूची में शामिल होना विफलता नहीं, बल्कि भौगोलिक वास्तविकता है।

मुख्य बातें

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 16 सितंबर को PM नरेंद्र मोदी की अवैध मादक पदार्थ विरोधी मुहिम की प्रशंसा की।
भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि दोनों देश मिलकर नशे के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।
अमेरिकी विदेश विभाग ने भारत के अफीम खेती रोकने और आपूर्ति श्रृंखला मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत किया।
भारत को 2027 के लिए अमेरिका की प्रमुख अवैध मादक पदार्थ उत्पादक या पारगमन देशों की सूची में रखा गया — कुल 23 देश शामिल।
अमेरिका ने स्पष्ट किया कि सूची में होने का अर्थ सरकार की विफलता नहीं, बल्कि भौगोलिक और आर्थिक कारक हैं।
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की जब्ती आधे से अधिक कम हुई और ओवरडोज मौतों में 'भारी गिरावट' आई।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 16 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अवैध मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की खुलकर प्रशंसा की। यह सराहना उस दिन आई जब ट्रंप प्रशासन ने विश्व भर में अवैध मादक पदार्थों की स्थिति पर एक वैश्विक रिपोर्ट जारी की, जिसमें भारत को 2027 के लिए प्रमुख अवैध मादक पदार्थों के उत्पादक या पारगमन देशों की सूची में रखा गया है।

राजदूत का बयान और अमेरिकी रुख

भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार सुबह यह वैश्विक रिपोर्ट जारी की। उन्होंने स्पष्ट किया, 'प्रधानमंत्री मोदी ने अवैध मादक पदार्थों से लड़ने में सराहनीय कार्य किया है और संयुक्त राज्य अमेरिका उनके प्रयासों की सराहना करता है। हमारे दोनों देश मिलकर मादक पदार्थों से लड़ना जारी रखेंगे।'

अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार द्वारा अवैध अफीम की खेती को रोकने और आपूर्ति श्रृंखला की अखंडता को मजबूत करने के प्रयासों का स्वागत करता हूँ। मैं अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढाँचे के माध्यम से निरंतर सहयोग की आशा करता हूँ।'

भारत सहित 23 देश सूची में शामिल

अमेरिका ने 2027 के लिए प्रमुख अवैध मादक पदार्थों के उत्पादक या पारगमन देशों की जो सूची जारी की है, उसमें भारत के अलावा अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज, बोलीविया, बर्मा, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मैक्सिको, निकारागुआ, पाकिस्तान, पनामा, पेरू और वेनेजुएला शामिल हैं।

गौरतलब है कि अमेरिका ने स्पष्ट किया कि इस सूची में शामिल होने का अर्थ यह नहीं कि संबंधित सरकार मादक पदार्थों से लड़ने में विफल रही है। देशों को भौगोलिक, वाणिज्यिक और आर्थिक कारकों के आधार पर सूचीबद्ध किया जाता है, जो उन्हें प्राकृतिक पारगमन या उत्पादन केंद्र बनाते हैं — भले ही उनकी सरकारों ने सख्त प्रवर्तन उपाय लागू किए हों।

ट्रंप प्रशासन की 'ऐतिहासिक प्रगति' के दावे

राष्ट्रपति ट्रंप ने इस अवसर पर मादक पदार्थों की तस्करी और नार्कोटेररिस्ट संगठनों से निपटने में अपने प्रशासन द्वारा की गई 'ऐतिहासिक प्रगति' का उल्लेख किया। उन्होंने कड़ी सीमा सुरक्षा, मादक पदार्थों की कम जब्ती और ओवरडोज से होने वाली मौतों में कमी को प्रगति के प्रमाण के रूप में पेश किया।

ट्रंप ने दावा किया कि चार साल की 'खुली सीमा अराजकता' के बाद अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की जब्ती आधे से अधिक कम हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ओवरडोज से होने वाली मौतों में 'भारी गिरावट' आई है और दावा किया कि प्रशासन ने हजारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई है।

भारत-अमेरिका सहयोग की दिशा

यह ऐसे समय में आया है जब भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय संबंध कई मोर्चों पर मजबूत हो रहे हैं। अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढाँचे के तहत दोनों देशों के बीच सूचना साझाकरण और संयुक्त अभियानों को और गति मिलने की संभावना है। आगे देखें तो इस वैश्विक रिपोर्ट के बाद भारत से अपेक्षा की जाएगी कि वह अफीम की खेती और आपूर्ति श्रृंखला पर निगरानी को और कड़ा करे।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी तरफ भारत को ड्रग ट्रांज़िट सूची में बनाए रखना। यह विरोधाभास दिखाता है कि भू-राजनीतिक सहयोग और तकनीकी वर्गीकरण अलग-अलग चलते हैं। मुख्यधारा की कवरेज प्रशंसा पर केंद्रित है, लेकिन असली सवाल यह है कि अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढाँचे के तहत ठोस परिणाम कितने सत्यापन-योग्य हैं। जब तक द्विपक्षीय सहयोग के नतीजे पारदर्शी आँकड़ों से नहीं जुड़ते, यह प्रशंसा कूटनीतिक शिष्टाचार से अधिक नहीं दिखती।
RashtraPress
17 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ट्रंप ने PM मोदी की किस बात के लिए सराहना की?
राष्ट्रपति ट्रंप ने PM मोदी द्वारा अवैध मादक पदार्थों, विशेष रूप से अफीम की खेती रोकने और आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने के प्रयासों की सराहना की। अमेरिकी विदेश विभाग ने भी अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढाँचे के तहत निरंतर सहयोग की आशा जताई।
भारत को अमेरिका की 2027 ड्रग सूची में क्यों शामिल किया गया?
अमेरिका ने स्पष्ट किया कि यह सूची भौगोलिक, वाणिज्यिक और आर्थिक कारकों के आधार पर तैयार की जाती है, न कि सरकार की विफलता के आधार पर। भारत को पारगमन केंद्र के रूप में सूचीबद्ध किया गया है, भले ही भारत सरकार ने सख्त प्रवर्तन उपाय लागू किए हों।
2027 की अमेरिकी ड्रग सूची में कुल कितने देश हैं?
इस सूची में कुल 23 देश शामिल हैं, जिनमें भारत, अफगानिस्तान, चीन, पाकिस्तान, मैक्सिको, कोलंबिया और वेनेजुएला प्रमुख हैं। यह सूची अमेरिका द्वारा जारी वैश्विक मादक पदार्थ रिपोर्ट का हिस्सा है।
अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढाँचा क्या है?
यह एक द्विपक्षीय सहयोग तंत्र है जिसके तहत भारत और अमेरिका अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, आपूर्ति श्रृंखला निगरानी और सूचना साझाकरण पर मिलकर काम करते हैं। अमेरिकी विदेश विभाग ने इस ढाँचे के माध्यम से निरंतर सहयोग की आशा व्यक्त की है।
ट्रंप प्रशासन ने अपनी मादक पदार्थ नीति में क्या दावे किए?
ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की जब्ती आधे से अधिक कम हुई है और ओवरडोज से होने वाली मौतों में भारी गिरावट आई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने हजारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई है, हालाँकि इन दावों का स्वतंत्र सत्यापन अभी बाकी है।
राष्ट्र प्रेस
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