ट्रंप ने PM मोदी की नशा-रोधी कोशिशों को सराहा, भारत 2027 की अमेरिकी ड्रग-ट्रांज़िट सूची में
सारांश
मुख्य बातें
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार, 16 सितंबर 2026 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अवैध मादक पदार्थों से निपटने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सार्वजनिक रूप से प्रशंसा की। यह सराहना उस वैश्विक रिपोर्ट के साथ आई, जिसे ट्रंप प्रशासन ने दुनिया भर में अवैध नशीले पदार्थों की स्थिति पर जारी किया। उल्लेखनीय है कि इसी रिपोर्ट में अमेरिका ने भारत को 2027 के लिए प्रमुख अवैध मादक पदार्थों के उत्पादक या पारगमन देशों की सूची में रखा है।
राजदूत का बयान और सराहना
भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने बताया कि राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार सुबह यह वैश्विक रिपोर्ट जारी की। राजदूत गोर ने कहा, 'प्रधानमंत्री मोदी ने अवैध मादक पदार्थों से लड़ने में सराहनीय कार्य किया है और संयुक्त राज्य अमेरिका उनके प्रयासों की सराहना करता है। हमारे दोनों देश मिलकर मादक पदार्थों से लड़ना जारी रखेंगे।'
अमेरिकी विदेश विभाग ने अपने आधिकारिक बयान में कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी और भारत सरकार द्वारा अवैध अफीम की खेती को रोकने और आपूर्ति श्रृंखला की अखंडता को मज़बूत करने के प्रयासों का स्वागत करता हूँ। मैं अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढाँचे के माध्यम से निरंतर सहयोग की आशा करता हूँ।'
भारत पारगमन सूची में — लेकिन संदर्भ ज़रूरी
अमेरिका ने भारत को अफगानिस्तान, बहामास, बेलीज़, बोलीविया, बर्मा, चीन, कोलंबिया, कोस्टा रिका, डोमिनिकन गणराज्य, इक्वाडोर, अल सल्वाडोर, ग्वाटेमाला, हैती, होंडुरास, जमैका, लाओस, मेक्सिको, निकारागुआ, पाकिस्तान, पनामा, पेरू और वेनेज़ुएला के साथ 2027 के लिए प्रमुख अवैध मादक पदार्थों के उत्पादक या पारगमन देशों की सूची में शामिल किया है।
हालाँकि, अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि इस सूची में शामिल होने का अर्थ यह नहीं कि किसी देश की सरकार नशे से लड़ने में विफल रही है। भौगोलिक, वाणिज्यिक और आर्थिक कारकों के चलते किसी देश को 'प्राकृतिक पारगमन या उत्पादन केंद्र' माना जाता है — भले ही उस देश की सरकार ने सख्त और सक्रिय प्रवर्तन उपाय लागू किए हों।
ट्रंप प्रशासन के दावे
राष्ट्रपति ट्रंप ने इस अवसर पर मादक पदार्थों की तस्करी और नार्कोटेररिस्ट संगठनों से निपटने में अपने प्रशासन द्वारा की गई 'ऐतिहासिक प्रगति' का उल्लेख किया। उन्होंने कड़ी सीमा सुरक्षा, मादक पदार्थों की कम जब्ती और ओवरडोज़ से होने वाली मौतों में कमी को प्रगति के प्रमाण के रूप में पेश किया।
ट्रंप ने दावा किया कि चार साल की 'खुली सीमा अराजकता' के बाद अमेरिकी दक्षिणी सीमा पर मादक पदार्थों की जब्ती आधे से अधिक कम हो गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ओवरडोज़ से होने वाली मौतों में 'भारी गिरावट' आई है और दावा किया कि प्रशासन ने हज़ारों अमेरिकी नागरिकों की जान बचाई है।
भारत-अमेरिका सहयोग का संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब भारत-अमेरिका के बीच व्यापक रणनीतिक और राजनयिक सहयोग नई ऊँचाइयों पर है। अवैध अफीम की खेती — विशेष रूप से अफगानिस्तान-पाकिस्तान मार्ग से होने वाली तस्करी — भारत के लिए एक दीर्घकालिक चुनौती रही है। गौरतलब है कि अमेरिका-भारत मादक पदार्थ नीति ढाँचा दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग का एक महत्त्वपूर्ण स्तंभ बनता जा रहा है।
आने वाले समय में यह देखना महत्त्वपूर्ण होगा कि दोनों देश इस ढाँचे के तहत किस तरह के ठोस कदम उठाते हैं और भारत की पारगमन सूची में उपस्थिति द्विपक्षीय वार्ताओं को किस दिशा में ले जाती है।