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नशे का कारोबार दुश्मन देशों का आतंकी हथियार : PM मोदी ने युवाओं को किया सावधान

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नशे का कारोबार दुश्मन देशों का आतंकी हथियार : PM मोदी ने युवाओं को किया सावधान

सारांश

PM मोदी ने ड्रग्स तस्करी को महज़ अपराध नहीं, बल्कि दुश्मन देशों का सुनियोजित आतंकी हथियार बताया। 'नशा मुक्त युवा' अभियान की शुरुआत करते हुए उन्होंने परिवारों और युवाओं को नशे के शुरुआती संकेत पहचानने और बिना झिझक मदद माँगने का आह्वान किया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत की।
मोदी ने अवैध ड्रग्स के कारोबार को दुश्मन देशों के आतंकी एजेंडे का हिस्सा बताया।
उन्होंने कहा कि शत्रु राष्ट्र भारतीय युवाओं को नशे के जाल में फँसाकर देश को कमज़ोर करना चाहते हैं।
परिवारों से आग्रह — सामाजिक कलंक के डर से समस्या न छिपाएँ, विशेषज्ञों और मेडिकल प्रोफेशनल्स की मदद लें।
यह अभियान 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य से जुड़ा है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत के अवसर पर देश के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि अवैध नशीले पदार्थों का व्यापार भारत के दुश्मन देशों के आतंकी एजेंडे का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने चेतावनी दी कि शत्रु राष्ट्र जानबूझकर भारत में ड्रग्स की आपूर्ति कर युवाओं को कमज़ोर करने की सुनियोजित कोशिश कर रहे हैं।

मुख्य घोषणा और संदर्भ

प्रधानमंत्री ने कहा, 'जब कोई युवा नशे की लत का शिकार होता है, तो सिर्फ वही व्यक्ति नहीं हारता, बल्कि एक सपना भी टूट जाता है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि नशे की लत के दुष्परिणाम केवल व्यक्ति और परिवार तक सीमित नहीं रहते — इससे पूरे देश की ताकत कमज़ोर होती है। यह अभियान 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर शुरू किया गया है।

ड्रग्स तस्करी को बताया आतंकवाद का औज़ार

नशीले पदार्थों की तस्करी को भारत विरोधी साज़िश का हिस्सा बताते हुए मोदी ने कहा, 'ड्रग्स की सप्लाई से मुनाफा कमाना और हमारे जैसे देश को बर्बाद करने की कोशिश करना भी उनके आतंकी एजेंडे का हिस्सा है।' उन्होंने युवाओं से आग्रह किया कि वे नशे से दूर रहकर अपनी क्षमता को बचाए रखें। यह ऐसे समय में आया है जब सीमा-पार ड्रग्स तस्करी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं और पंजाब सहित कई राज्यों में नशे की समस्या गहराती जा रही है।

परिवारों और समाज पर असर

प्रधानमंत्री ने युवाओं और उनके परिजनों को नशे के दीर्घकालिक दुष्प्रभावों के प्रति सचेत किया। उन्होंने कहा, 'ड्रग्स आपको कुछ समय के लिए उत्साह देते हैं, लेकिन वे आपके परिवार को बर्बाद कर देते हैं।' गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब केंद्र सरकार ने नशे की समस्या को राष्ट्रीय सुरक्षा के नज़रिए से देखा हो — यह बयान इस मुद्दे को केवल स्वास्थ्य नहीं, बल्कि सामरिक खतरे के रूप में परिभाषित करता है।

नशा छुड़ाने और पुनर्वास पर जोर

मोदी ने परिवारों से कहा कि वे सामाजिक कलंक के डर से समस्या को न छिपाएँ। उन्होंने कहा, 'जिन्हें मदद की जरूरत है, उन्हें मदद लेनी चाहिए। विशेषज्ञों और मेडिकल प्रोफेशनल्स की मदद लें।' उन्होंने माता-पिता को बच्चों में नशे के शुरुआती संकेत पहचानने की सलाह दी — जैसे व्यवहार में बदलाव, खोए-खोए रहना, देर रात घर आना, कमरे में बंद रहना या बिना कारण पैसों की माँग करना।

आगे की राह

'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' के तहत देशभर में जागरूकता और पुनर्वास कार्यक्रम चलाए जाएँगे। प्रधानमंत्री ने परिवारों के भीतर खुली बातचीत का माहौल बनाने पर बल दिया ताकि युवा नशे की चपेट में आने से पहले ही सही मार्गदर्शन पा सकें। यह अभियान भारत के 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के संकल्प से सीधे जुड़ा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसे सीधे शत्रु राष्ट्रों की साज़िश बताना नीति-निर्माण पर दबाव बनाता है। सवाल यह है कि क्या 'अभियान' की घोषणा के साथ पुनर्वास ढाँचे, सीमा पर नशा-रोधी तंत्र और राज्य सरकारों के साथ समन्वय का ठोस रोडमैप भी है — या यह केवल जागरूकता की अपील तक सीमित रहेगा।
RashtraPress
1 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' क्या है?
यह केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया एक राष्ट्रव्यापी जागरूकता और पुनर्वास अभियान है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे की लत से दूर रखना और उन्हें 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका के लिए तैयार करना है। PM मोदी ने 2 अगस्त 2026 को इसकी औपचारिक शुरुआत की।
PM मोदी ने ड्रग्स तस्करी को आतंकवाद से क्यों जोड़ा?
मोदी के अनुसार दुश्मन देश जानबूझकर भारत में नशीले पदार्थों की आपूर्ति करते हैं ताकि युवाओं को कमज़ोर किया जा सके और देश की ताकत को नुकसान पहुँचाया जा सके। उन्होंने इसे मुनाफे के साथ-साथ भारत को अस्थिर करने की सुनियोजित रणनीति बताया।
माता-पिता बच्चों में नशे के संकेत कैसे पहचानें?
PM मोदी ने कुछ प्रमुख संकेत गिनाए — व्यवहार में अचानक बदलाव, खोए-खोए रहना, चेहरा छिपाना, कमरे में बंद रहना, देर रात घर आना और बिना कारण पैसों की माँग करना। उन्होंने परिवारों से कहा कि इन संकेतों को नज़रअंदाज़ न करें और तुरंत विशेषज्ञों की मदद लें।
नशे की लत से पीड़ित व्यक्ति को मदद कहाँ से मिलेगी?
PM मोदी ने परिवारों से आग्रह किया कि सामाजिक कलंक के डर से समस्या न छिपाएँ और मेडिकल प्रोफेशनल्स व विशेषज्ञों की मदद लें। सरकार के नशा मुक्ति और पुनर्वास केंद्र इस अभियान के तहत सक्रिय भूमिका निभाएँगे।
यह अभियान विकसित भारत 2047 से कैसे जुड़ा है?
PM मोदी के अनुसार नशे की लत युवाओं की क्षमता और देश की उत्पादकता को नष्ट करती है, जो 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य के लिए सबसे बड़ी बाधाओं में से एक है। इसीलिए यह अभियान युवाओं को नशे से मुक्त रखकर उन्हें राष्ट्र-निर्माण के लिए तैयार करने पर केंद्रित है।
राष्ट्र प्रेस
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