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अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस: अमित शाह बोले — मोदी के नेतृत्व में भारत ने नार्को-कार्टेल्स के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की

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अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस: अमित शाह बोले — मोदी के नेतृत्व में भारत ने नार्को-कार्टेल्स के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की

सारांश

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह सहित कई मुख्यमंत्रियों ने नशा मुक्त भारत का संकल्प दोहराया। शाह ने एक्स पर कहा कि मोदी के नेतृत्व में नार्को-कार्टेल्स का सफाया और पीड़ितों का सहानुभूतिपूर्ण उपचार — दोनों एक साथ हो रहे हैं।

मुख्य बातें

26 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस पर गृह मंत्री अमित शाह ने नशा मुक्त भारत का संदेश दिया।
शाह ने कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में नार्को-कार्टेल्स का कठोरता से सफाया किया जा रहा है।
उत्तराखंड CM पुष्कर सिंह धामी , UP CM योगी आदित्यनाथ , राजस्थान CM भजनलाल शर्मा और MP CM मोहन यादव ने भी नशा-विरोधी संकल्प लिया।
नेताओं ने जन जागरूकता, पुनर्वास और कानूनी कार्रवाई को एकसाथ आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
नशे को व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र की प्रगति में सबसे बड़ी बाधा बताया गया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ड्रग्स के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के विरुद्ध अब तक की सबसे सशक्त लड़ाई लड़ी है। नई दिल्ली से कई वरिष्ठ नेताओं ने इस दिन 'नशा मुक्त भारत' का संकल्प दोहराया।

अमित शाह का संदेश

गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर ड्रग्स के खिलाफ हमारी राष्ट्रीय लड़ाई में शामिल सभी योद्धाओं को शुभकामनाएं।' उन्होंने आगे कहा, 'मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने ड्रग्स के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है। इसके तहत नार्को-कार्टेल्स का कठोरता से सफाया किया जा रहा है और प्रभावित लोगों का उचित देखभाल और सहानुभूति के साथ इलाज किया गया है।' शाह ने यह भी कहा कि यह दिन युवा पीढ़ी को ड्रग्स से बचाने के संकल्प को और मजबूत करे।

मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राज्य की प्रगति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को नशे के अभिशाप से मुक्त कर एक समृद्ध भविष्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया।

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'नशा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास में बाधा है। यह व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और भविष्य तीनों को कमजोर करता है।' उन्होंने नशा-मुक्त समाज की दिशा में जन जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। स्वस्थ, जागरूक और सशक्त राष्ट्र के निर्माण हेतु आवश्यक है कि हम स्वयं नशे से दूर रहें तथा जन-जागरूकता के माध्यम से दूसरों को भी इस बुराई से मुक्त होने के लिए प्रेरित करें।'

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सजगता बरतने और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।

आम जनता पर असर

गौरतलब है कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग भारत में युवाओं के लिए एक बड़ी सामाजिक चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रग्स का असर न केवल स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि यह परिवारों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक ताने-बाने को भी कमज़ोर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार नशा-विरोधी अभियानों को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने पर ज़ोर दे रही है।

आगे की राह

केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर जन जागरूकता अभियान, पुनर्वास केंद्रों के विस्तार और नार्को-तस्करी पर कड़ी कार्रवाई के माध्यम से नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही हैं। नेताओं के इस सामूहिक संदेश से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर नीतिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर और अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि नार्को-कार्टेल्स के 'सफाए' के दावों को ज़मीनी आँकड़ों से कितना समर्थन मिलता है। पंजाब, मणिपुर और उत्तर-पूर्व के राज्यों में ड्रग तस्करी की चुनौती अभी भी गंभीर बनी हुई है। केवल राजनीतिक संकल्पों से आगे बढ़कर पुनर्वास ढाँचे, नशा-मुक्ति केंद्रों की संख्या और सफलता दर जैसे सत्यापन-योग्य मानकों पर ध्यान देना ज़रूरी है — अन्यथा यह अभियान हर साल एक औपचारिकता बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस कब और क्यों मनाया जाता है?
अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस हर वर्ष 26 जून को मनाया जाता है। संयुक्त राष्ट्र ने इसे नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और अवैध तस्करी के विरुद्ध वैश्विक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से घोषित किया है।
अमित शाह ने नशा निरोधक दिवस पर क्या कहा?
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि PM मोदी के नेतृत्व में भारत ने ड्रग्स के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है। उन्होंने नार्को-कार्टेल्स के सफाए और पीड़ितों के सहानुभूतिपूर्ण उपचार दोनों का उल्लेख किया।
राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस दिवस पर क्या संदेश दिया?
उत्तराखंड के CM पुष्कर सिंह धामी, UP के CM योगी आदित्यनाथ, राजस्थान के CM भजनलाल शर्मा और MP के CM मोहन यादव ने नशा-मुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। सभी ने जन जागरूकता और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने की अपील की।
नशा मुक्त भारत अभियान का लक्ष्य क्या है?
नशा मुक्त भारत अभियान का उद्देश्य ड्रग्स के दुरुपयोग को रोकना, नार्को-तस्करी पर कड़ी कार्रवाई करना और प्रभावित व्यक्तियों को पुनर्वास सेवाएं प्रदान करना है। यह अभियान केंद्र और राज्य सरकारों के समन्वय से चलाया जा रहा है।
नशे का समाज पर क्या प्रभाव पड़ता है?
नशे का दुरुपयोग व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित करता है और परिवार की आर्थिक स्थिति व सामाजिक ताने-बाने को भी कमज़ोर करता है। नेताओं के अनुसार, यह राष्ट्र की समग्र प्रगति में भी गंभीर बाधा उत्पन्न करता है।
राष्ट्र प्रेस
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