अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस: अमित शाह बोले — मोदी के नेतृत्व में भारत ने नार्को-कार्टेल्स के खिलाफ सबसे कड़ी कार्रवाई की
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 26 जून 2025 को अंतरराष्ट्रीय नशा निरोधक दिवस के अवसर पर कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने ड्रग्स के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के विरुद्ध अब तक की सबसे सशक्त लड़ाई लड़ी है। नई दिल्ली से कई वरिष्ठ नेताओं ने इस दिन 'नशा मुक्त भारत' का संकल्प दोहराया।
अमित शाह का संदेश
गृह मंत्री अमित शाह ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए लिखा, 'नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ अंतर्राष्ट्रीय दिवस पर ड्रग्स के खिलाफ हमारी राष्ट्रीय लड़ाई में शामिल सभी योद्धाओं को शुभकामनाएं।' उन्होंने आगे कहा, 'मोदी जी के नेतृत्व में भारत ने ड्रग्स के दुरुपयोग की वैश्विक चुनौती के खिलाफ सबसे मजबूत लड़ाई लड़ी है। इसके तहत नार्को-कार्टेल्स का कठोरता से सफाया किया जा रहा है और प्रभावित लोगों का उचित देखभाल और सहानुभूति के साथ इलाज किया गया है।' शाह ने यह भी कहा कि यह दिन युवा पीढ़ी को ड्रग्स से बचाने के संकल्प को और मजबूत करे।
मुख्यमंत्रियों की प्रतिक्रिया
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य को नहीं, बल्कि उसके परिवार, समाज और राज्य की प्रगति को भी गंभीर रूप से प्रभावित करता है। उन्होंने देवभूमि उत्तराखंड को नशे के अभिशाप से मुक्त कर एक समृद्ध भविष्य बनाने का संकल्प व्यक्त किया।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने एक्स पर लिखा, 'नशा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास में बाधा है। यह व्यक्ति की सोच, स्वास्थ्य और भविष्य तीनों को कमजोर करता है।' उन्होंने नशा-मुक्त समाज की दिशा में जन जागरूकता बढ़ाने का आह्वान किया।
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा, 'नशा व्यक्ति, परिवार और समाज तीनों के लिए घातक है। स्वस्थ, जागरूक और सशक्त राष्ट्र के निर्माण हेतु आवश्यक है कि हम स्वयं नशे से दूर रहें तथा जन-जागरूकता के माध्यम से दूसरों को भी इस बुराई से मुक्त होने के लिए प्रेरित करें।'
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने भी नशे के दुष्प्रभावों के प्रति सजगता बरतने और नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने की अपील की।
आम जनता पर असर
गौरतलब है कि नशीले पदार्थों का दुरुपयोग भारत में युवाओं के लिए एक बड़ी सामाजिक चुनौती बना हुआ है। विशेषज्ञों के अनुसार, ड्रग्स का असर न केवल स्वास्थ्य पर पड़ता है, बल्कि यह परिवारों की आर्थिक स्थिति और सामाजिक ताने-बाने को भी कमज़ोर करता है। यह ऐसे समय में आया है जब सरकार नशा-विरोधी अभियानों को ज़मीनी स्तर तक पहुँचाने पर ज़ोर दे रही है।
आगे की राह
केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर जन जागरूकता अभियान, पुनर्वास केंद्रों के विस्तार और नार्को-तस्करी पर कड़ी कार्रवाई के माध्यम से नशा मुक्त भारत के लक्ष्य की दिशा में काम कर रही हैं। नेताओं के इस सामूहिक संदेश से यह स्पष्ट है कि आने वाले समय में इस मुद्दे पर नीतिगत और सामाजिक दोनों स्तरों पर और अधिक ध्यान केंद्रित किया जाएगा।