नशा मुक्त युवा अभियान: PM मोदी ने एक्स पर किया ऐलान, 100 सप्ताह तक चलेगा देशव्यापी जन भागीदारी अभियान
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2 अगस्त 2026 को 'नशा मुक्त युवा – विकसित भारत संकल्प अभियान' के शुभारंभ से पूर्व एक्स पर संदेश साझा करते हुए स्पष्ट किया कि इस पहल का केंद्रीय उद्देश्य देश के युवाओं को नशे से दूर रखना और समाज में सकारात्मक बदलाव के लिए प्रेरित करना है। यह अभियान नई दिल्ली से प्रारंभ होकर देशभर के 10,000 से अधिक स्थानों तक फैलेगा।
अभियान की संरचना और दायरा
प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार यह 100 सप्ताह तक चलने वाला राष्ट्रव्यापी 'जन भागीदारी' अभियान है, जिसमें प्रत्येक रविवार को देशभर में साप्ताहिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। इन आयोजनों में खेलकूद, वॉकाथॉन, ध्यान सत्र, सांस्कृतिक कार्यक्रम, नुक्कड़ नाटक, जागरूकता अभियान, चर्चा मंच और कला प्रतियोगिताएँ शामिल होंगी।
अभियान में 'माय भारत' और राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्वयंसेवकों के साथ-साथ स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालय, युवा क्लब, गैर-सरकारी संगठन (NGO) और आध्यात्मिक संगठनों को एक साझा मंच पर लाने की योजना है।
PM मोदी का संदेश
मोदी ने सामाजिक मीडिया मंच एक्स पर लिखा, 'सुबह 11 बजे, 'नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान' की शुरुआत होगी। इस पहल का मकसद युवाओं को नशे से दूर रहने और समाज में सकारात्मक बदलाव लाने के लिए प्रेरित करना है।' उन्होंने इसे एक व्यापक सामूहिक आंदोलन की नींव बताया जो शैक्षणिक संस्थाओं, नागरिक समाज और उद्योग निकायों को एकजुट करेगा।
दिल्ली की मुख्यमंत्री की अपील
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अभियान का समर्थन करते हुए कहा, 'हर माता-पिता का एक ही सपना होता है कि उनके बच्चे सुरक्षित रहें, अपने सपनों को जीएं और जीवन में ऐसी पहचान बनाएं जिस पर पूरा परिवार गर्व करे। उनके हाथों में नशा नहीं, हुनर हो। उनकी आंखों में भटकाव नहीं, बड़े सपने हों।' उन्होंने नागरिकों से आग्रह किया कि वे इस जनआंदोलन से जुड़ें और हर युवा के सपनों पर विश्वास करें।
आम जनता और युवाओं पर असर
यह अभियान विशेष रूप से उन युवाओं को लक्षित करता है जो मादक पदार्थों के दुष्प्रभाव के प्रति संवेदनशील हैं। 10,000 से अधिक स्थानों पर एक साथ सक्रिय यह पहल ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में जागरूकता फैलाने का प्रयास करती है। गौरतलब है कि नशे की लत से जुड़ी सामाजिक समस्याएँ भारत में लगातार चिंता का विषय रही हैं, और यह अभियान उस संदर्भ में एक संगठित सरकारी प्रतिक्रिया के रूप में सामने आया है।
आगे क्या होगा
अभियान के तहत आने वाले 100 रविवारों तक निरंतर कार्यक्रम आयोजित होते रहेंगे। सरकार का लक्ष्य है कि शैक्षणिक संस्थाओं, युवा संगठनों और आध्यात्मिक समूहों की सक्रिय भागीदारी से यह अभियान एक स्थायी सामाजिक आंदोलन का रूप ले।