भारत की भूमिका: पश्चिम एशिया में शांति के लिए हर देश का स्वागत, अमेरिकी राजदूत का बयान
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिकी राजदूत का भारत के लिए स्वागत
- शांति प्रक्रिया में भारत की संभावित भूमिका
- बातचीत और कूटनीति का महत्व
- भारत और अमेरिका के बीच संबंधों में मजबूती
- स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की सुरक्षा पर जोर
नई दिल्ली, 14 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष को समाप्त करने में मदद करने वाले देशों के लिए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का स्वागत किया। उन्होंने यह भी कहा कि यदि भारत इस प्रयास में भाग लेता है, तो उसका भी स्वागत किया जाएगा।
राजदूत गोर ने स्पष्ट किया कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इस मामले में किसी भी देश के योगदान को लेकर भेदभाव नहीं कर रहे हैं।
एनडीटीवी को दिए गए एक साक्षात्कार में गोर ने कहा, “जैसे हम अन्य देशों की भागीदारी का स्वागत कर रहे हैं, उसी तरह भारत का भी स्वागत करेंगे।”
हालांकि, उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि यह निर्णय भारत को स्वयं लेना होगा कि वह क्या करना चाहता है।
उन्होंने कहा, “यह प्रश्न भारत के लिए है... लेकिन मेरा मानना है कि पूरी दुनिया शांति प्रक्रिया में अपनी भूमिका निभा सकती है, और इसमें भारत भी शामिल है।”
गोर हाल ही में वॉशिंगटन से लौटे हैं, जहां उन्होंने राष्ट्रपति ट्रंप से मुलाकात की और भारत-अमेरिका की स्ट्रेटेजिक साझेदारी को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
उन्होंने संकेत दिया कि दोनों देशों के संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण फैसले जल्द ही सामने आ सकते हैं। अगले कुछ दिनों में कुछ नई खबरें आ सकती हैं, लेकिन मैं इस विषय पर अधिक जानकारी नहीं दे सकता।
इस बीच, मंगलवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। दोनों नेताओं ने वेस्ट एशिया की स्थिति और आपसी संबंधों को मजबूत करने पर चर्चा की।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर लिखा, "मेरे दोस्त, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का फोन आया। हमने विभिन्न क्षेत्रों में अपने द्विपक्षीय सहयोग में हुई जबरदस्त प्रगति की समीक्षा की। हम सभी क्षेत्रों में अपनी व्यापक वैश्विक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध हैं।"
उन्होंने आगे कहा, “हमने वेस्ट एशिया की स्थिति पर भी चर्चा की और इस बात पर जोर दिया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खुला और सुरक्षित रहना चाहिए।”
गोर ने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप नियमित रूप से प्रधानमंत्री मोदी को अपडेट देते रहते हैं।
भारत ने लगातार कहा है कि इस संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत और कूटनीति आवश्यक है। भारत ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए सीजफायर का स्वागत किया है और उम्मीद जताई है कि इससे क्षेत्र में स्थायी शांति आएगी।
नई दिल्ली का मानना है कि इस संघर्ष के कारण लोगों को काफी नुकसान हुआ है और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति तथा व्यापार भी प्रभावित हुआ है। भारत यह भी चाहता है कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से बिना किसी रुकावट के व्यापार और जहाजों की आवाजाही जारी रहे।