यूपी लेखपाल-बीएड परीक्षा 2026: एआई निगरानी और बायोमेट्रिक से होगी लाइव मॉनिटरिंग, 8 लाख से अधिक अभ्यर्थी
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने आगामी लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा और संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के लिए एआई-आधारित लाइव निगरानी, बायोमेट्रिक उपस्थिति और बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र लागू करने का निर्णय लिया है। लखनऊ में 19 मई 2026 को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा।
मुख्य घटनाक्रम
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने मंगलवार को दोनों परीक्षाओं की विस्तृत तैयारियों की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिया कि परीक्षाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप निष्पक्ष, पारदर्शी और सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाएं। जिन जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है, वहाँ अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
परीक्षा केंद्रों पर तैनात केंद्र अधीक्षकों, स्टैटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेटों सहित सभी कार्मिकों को गहन प्रशिक्षण देने पर विशेष बल दिया गया, ताकि संचालन में किसी प्रकार की चूक न हो। गोपनीय सामग्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए निर्देश दिया गया कि प्रश्नपत्र एवं अन्य सामग्री कोषागार से निर्धारित सीरिज और केंद्र के अनुसार ही निकाली जाए और समयबद्ध तरीके से केंद्रों तक पहुँचाई जाए।
लेखपाल परीक्षा: तारीख, केंद्र और अभ्यर्थी
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. साबत ने बताया कि लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा 21 मई 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रदेश के 44 जिलों के 861 केंद्रों पर आयोजित होगी। इस परीक्षा में 3,66,712 अभ्यर्थी शामिल होंगे।
लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, मेरठ, गोरखपुर, बरेली, आगरा, प्रयागराज, मुरादाबाद, गाजियाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़ और झाँसी में 10,000 से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे, जिससे इन जिलों में विशेष यातायात और भीड़ प्रबंधन की व्यवस्था की गई है।
बीएड प्रवेश परीक्षा: रिकॉर्ड आवेदन और एआई निगरानी
बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के लिए इस बार 4,44,958 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। परीक्षा प्रदेश के 72 जिलों के 1,011 केंद्रों पर आयोजित होगी।
परीक्षा दो पालियों में होगी — पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक। इस परीक्षा में 61 प्रतिशत महिला और 39 प्रतिशत पुरुष अभ्यर्थी शामिल होंगे — जो महिला भागीदारी के लिहाज से उल्लेखनीय आँकड़ा है।
प्रो. पांडेय ने बताया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय की ओर से एआई-इनेबल्ड सर्विलांस सिस्टम आधारित कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है, जिसके जरिए सभी परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग होगी। यह सिस्टम किसी भी अनधिकृत गतिविधि, भीड़, विवाद, निर्धारित संख्या से अधिक लोगों की मौजूदगी और परीक्षा समय से पहले या बाद की गतिविधियों पर स्वतः अलर्ट जारी करेगा।
सुरक्षा और अभ्यर्थी सुविधाएँ
अभ्यर्थियों की चेकिंग और फ्रिस्किंग पूरी गंभीरता से कराने के निर्देश दिए गए हैं। दोनों पालियों में अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन आधारित उपस्थिति सुनिश्चित की जाएगी। रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल और यातायात व्यवस्था के साथ-साथ होल्डिंग एरिया भी बनाए जाएंगे।
गर्मी के मद्देनजर परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली और पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नजदीकी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने तथा ओआरएस और जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने को कहा गया है। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी और स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर भी जोर दिया गया है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब उत्तर प्रदेश में परीक्षा पारदर्शिता को लेकर पिछले कुछ वर्षों में कई विवाद सामने आ चुके हैं। एआई-आधारित निगरानी और बायोमेट्रिक उपस्थिति का यह प्रयोग यदि सफल रहा, तो यह भविष्य की बड़ी भर्ती परीक्षाओं के लिए एक मानक तय कर सकता है।