यूपी लेखपाल-बीएड परीक्षा 2026: एआई निगरानी और बायोमेट्रिक से होगी 8 लाख से अधिक अभ्यर्थियों की लाइव मॉनिटरिंग
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश सरकार ने लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा और संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के संचालन को लेकर अभूतपूर्व सुरक्षा व निगरानी तंत्र तैयार किया है। 19 मई 2026 को लखनऊ में हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने मंडलायुक्तों, जिलाधिकारियों और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि परीक्षा की शुचिता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होगा। बीएड परीक्षा के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय द्वारा स्थापित एआई-सक्षम कंट्रोल रूम के ज़रिए सभी केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी।
परीक्षाओं का कार्यक्रम और अभ्यर्थी संख्या
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग के अध्यक्ष एस.एन. साबत के अनुसार, लेखपाल भर्ती मुख्य परीक्षा 21 मई को सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक प्रदेश के 44 जिलों के 861 केंद्रों पर आयोजित होगी। इसमें कुल 3,66,712 अभ्यर्थी शामिल होंगे। लखनऊ, वाराणसी, कानपुर नगर, मेरठ, गोरखपुर, बरेली, आगरा, प्रयागराज, मुरादाबाद, गाजियाबाद, सहारनपुर, अलीगढ़ और झांसी में प्रत्येक जिले में 10 हज़ार से अधिक परीक्षार्थी बैठेंगे।
वहीं, बुंदेलखंड विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. मुकेश पांडेय ने बताया कि संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के लिए इस बार 4,44,958 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जो पिछले वर्षों की तुलना में उल्लेखनीय वृद्धि है। यह परीक्षा प्रदेश के 72 जिलों के 1,011 केंद्रों पर दो पालियों में होगी — पहली पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक। परीक्षार्थियों में 61 प्रतिशत महिलाएँ और 39 प्रतिशत पुरुष शामिल हैं।
एआई निगरानी और बायोमेट्रिक उपस्थिति
प्रो. पांडेय ने बताया कि बुंदेलखंड विश्वविद्यालय ने एआई-इनेबल्ड सर्विलांस सिस्टम आधारित कंट्रोल रूम स्थापित किया है, जो सभी परीक्षा केंद्रों की रीयल-टाइम निगरानी करेगा। यह प्रणाली किसी भी अनधिकृत गतिविधि, असामान्य भीड़, विवाद, निर्धारित संख्या से अधिक लोगों की उपस्थिति और परीक्षा समय से पहले या बाद की संदिग्ध गतिविधियों पर स्वत: अलर्ट जारी करेगी। दोनों पालियों में अभ्यर्थियों की बायोमेट्रिक और फेस रिकग्निशन आधारित उपस्थिति भी दर्ज की जाएगी।
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में परीक्षा घोटालों की पृष्ठभूमि में यह तकनीकी निगरानी ढाँचा विशेष महत्व रखता है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता को लेकर अभ्यर्थियों और अभिभावकों में पहले से चिंता रही है।
सुरक्षा और गोपनीयता के कड़े प्रबंध
कृषि उत्पादन आयुक्त दीपक कुमार ने गोपनीय सामग्री की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता बताते हुए निर्देश दिए कि प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री की निकासी कोषागार से निर्धारित सीरीज़ और केंद्र के अनुसार ही की जाए तथा समयबद्ध तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुँचाई जाए। अभ्यर्थियों की चेकिंग और फ्रिस्किंग पूरी गंभीरता के साथ कराने के निर्देश दिए गए हैं।
केंद्र अधीक्षकों, स्टैटिक और सेक्टर मजिस्ट्रेट समेत सभी कार्मिकों को गहन प्रशिक्षण देने पर विशेष जोर दिया गया है। जिन जिलों में अभ्यर्थियों की संख्या अधिक है, वहाँ अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।
यातायात, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाएँ
रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों पर अपेक्षित भीड़ को देखते हुए पर्याप्त पुलिस बल और ट्रैफिक प्रबंधन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी और स्थानीय अभिसूचना तंत्र को सक्रिय रखने पर भी बल दिया गया।
गर्मी के मद्देनज़र परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली और पेयजल की व्यवस्था अनिवार्य की गई है। आवश्यकतानुसार होल्डिंग एरिया बनाए जाएँगे और नज़दीकी अस्पतालों को अलर्ट मोड पर रखने के साथ ओआरएस व ज़रूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
आगे क्या होगा
लेखपाल परीक्षा 21 मई को और बीएड प्रवेश परीक्षा निर्धारित तिथि पर दो पालियों में संपन्न होगी। परिणाम और मेरिट सूची की घोषणा के बाद ही भर्ती प्रक्रिया का अगला चरण शुरू होगा। एआई-आधारित निगरानी का यह प्रयोग भविष्य की बड़ी भर्ती परीक्षाओं के लिए एक मॉडल बन सकता है।