यूपी बीएड प्रवेश परीक्षा 2026: 22 हजार कैमरे, AI और बायोमेट्रिक निगरानी में 90% उपस्थिति
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश की संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 रविवार, 31 मई 2026 को प्रदेश के 72 जिलों के 1,011 परीक्षा केंद्रों पर सफलतापूर्वक संपन्न हुई। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, फेस रिकॉग्निशन, बायोमेट्रिक सत्यापन और 22 हजार सीसीटीवी कैमरों की चौतरफा निगरानी के बीच आयोजित इस परीक्षा में करीब 90 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने भाग लिया। उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने इसे योगी सरकार की तकनीक-संचालित और जवाबदेह परीक्षा व्यवस्था का सफल मॉडल बताया।
परीक्षा का स्वरूप और अभ्यर्थी संख्या
इस परीक्षा के लिए कुल 4,44,958 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें 2,72,659 महिला, 1,72,297 पुरुष और 2 ट्रांसजेंडर अभ्यर्थी शामिल थे। प्रथम पाली में सामान्य ज्ञान एवं भाषा विषय की परीक्षा हुई, जबकि द्वितीय पाली में अभिरुचि परीक्षण एवं विषय योग्यता का मूल्यांकन किया गया। दोनों पालियों में उपस्थिति का प्रतिशत समान रूप से लगभग 90% रहा।
कासगंज और पीलीभीत में सर्वाधिक 95 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई, जबकि गाजियाबाद और गौतमबुद्ध नगर में 84 प्रतिशत अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। यह आँकड़ा राज्य में परीक्षा व्यवस्था के प्रति अभ्यर्थियों के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।
तकनीकी निगरानी तंत्र
परीक्षा की निगरानी के लिए बुंदेलखंड विश्वविद्यालय, झांसी में अत्याधुनिक इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) स्थापित किया गया। इस केंद्र से प्रदेश के सभी 1,011 परीक्षा केंद्रों की लाइव मॉनिटरिंग की गई। इसके लिए लगभग 22 हजार सीसीटीवी कैमरे और 5,651 बायोमेट्रिक मशीनें लगाई गई थीं।
अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए एआई आधारित फेस रिकॉग्निशन तकनीक, फिंगरप्रिंट आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन और रीयल-टाइम अटेंडेंस सिस्टम का उपयोग किया गया। परीक्षा केंद्रों के स्ट्रांग रूम, प्रवेश और निकास द्वारों के साथ-साथ परीक्षा कक्षों की लगातार निगरानी की गई। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनाधिकृत व्यक्ति की मौजूदगी पर कंट्रोल रूम को तत्काल अलर्ट प्राप्त होता था।
पहली बार GPS बॉडी कैमरे और VoIP संचार
मंत्री योगेंद्र उपाध्याय के अनुसार, इस वर्ष पहली बार विश्वविद्यालय के प्रतिनिधियों को जीपीएस आधारित बॉडी बॉर्न कैमरे उपलब्ध कराए गए। इन कैमरों के माध्यम से प्रतिनिधियों की लाइव लोकेशन, निरीक्षण गतिविधियों और गोपनीय सामग्री से जुड़े कार्यों की निगरानी कंट्रोल रूम से की गई।
इसके अलावा सभी परीक्षा केंद्रों को वॉयस ओवर इंटरनेट प्रोटोकॉल (VoIP) आधारित संचार प्रणाली से जोड़ा गया था, जिससे आयोजक विश्वविद्यालय और परीक्षा केंद्रों के बीच सुरक्षित एवं त्वरित संवाद सुनिश्चित हो सका। गोपनीय सामग्री के बॉक्स खोले जाने की जानकारी भी सीधे कंट्रोल रूम तक पहुँचती रही।
सरकार की प्रतिक्रिया और आगे की राह
उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश देश में पारदर्शी और तकनीक-संचालित परीक्षा प्रणाली का मॉडल बनकर उभरा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि योगी सरकार युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं करेगी।
गौरतलब है कि पिछले कुछ वर्षों में देश के कई राज्यों में परीक्षा पत्र लीक और नकल के मामले सामने आए हैं, जिसके बाद उत्तर प्रदेश का यह तकनीक-केंद्रित मॉडल राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है। संयुक्त बीएड प्रवेश परीक्षा-2026 के परिणाम और आगामी प्रवेश प्रक्रिया की घोषणा जल्द अपेक्षित है।