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उमरेठ उपचुनाव: ईवीएम-वीवीपैट सील, दोहरी सुरक्षा में स्ट्रॉन्गरूम — 4 मई को मतगणना

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उमरेठ उपचुनाव: ईवीएम-वीवीपैट सील, दोहरी सुरक्षा में स्ट्रॉन्गरूम — 4 मई को मतगणना

सारांश

गुजरात के उमरेठ उपचुनाव में 306 केंद्रों पर 59.04% मतदान के बाद ईवीएम और वीवीपैट मशीनें दोहरी सुरक्षा में स्ट्रॉन्गरूम में सील। उम्मीदवारों को लाइव सीसीटीवी से निगरानी की सुविधा। 4 मई को मतगणना होगी।

मुख्य बातें

उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में 306 मतदान केंद्रों पर 59.04% मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें मतदान के बाद सील कर दोहरी सुरक्षा वाले स्ट्रॉन्गरूम में रखी गई हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सांगले के अनुसार स्ट्रॉन्गरूम में सशस्त्र जवान और लगातार सीसीटीवी निगरानी की व्यवस्था है।
उम्मीदवार अपने प्रतिनिधियों के जरिए लाइव सीसीटीवी स्क्रीन पर स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी कर सकते हैं।
यह उपचुनाव भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन के बाद आणंद जिले की रिक्त सीट पर कराया गया।
वोटों की गिनती 4 मई 2025 को उम्मीदवारों और केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में होगी।

गांधीनगर/आणंद, 24 अप्रैल। गुजरात के उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में गुरुवार को संपन्न हुए मतदान के बाद सभी इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (ईवीएम) और वीवीपैट मशीनें विधिवत सील करके कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच निर्धारित स्ट्रॉन्गरूम में सुरक्षित रख दी गई हैं। गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सांगले ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। इस पूरी प्रक्रिया को वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ पारदर्शी तरीके से संपन्न किया गया।

मतदान प्रक्रिया और ईवीएम सुरक्षा

उमरेठ विधानसभा क्षेत्र के कुल 306 मतदान केंद्रों पर गुरुवार को वोटिंग हुई। मतदान समाप्त होते ही उपयोग में लाई गई सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को उम्मीदवारों अथवा उनके अधिकृत प्रतिनिधियों तथा चुनाव आयोग के केंद्रीय पर्यवेक्षकों की उपस्थिति में तय स्ट्रॉन्गरूम तक पहुंचाया गया।

यह पूरी कार्रवाई भारत निर्वाचन आयोग के निर्धारित नियमों और प्रोटोकॉल के अनुरूप की गई, जिसमें हर चरण की वीडियोग्राफी अनिवार्य रूप से की गई।

दोहरी सुरक्षा व्यवस्था का ब्यौरा

मुख्य निर्वाचन अधिकारी संदीप सांगले के अनुसार स्ट्रॉन्गरूम में दो स्तरीय सुरक्षा कवच लगाया गया है। पहले स्तर पर सशस्त्र सुरक्षाकर्मी चौबीसों घंटे तैनात हैं, जबकि दूसरे स्तर पर लगातार सीसीटीवी निगरानी सुनिश्चित की गई है।

रिजर्व ईवीएम और वीवीपैट मशीनों को भी एक अलग स्ट्रॉन्गरूम में समान सुरक्षा मानकों के साथ रखा गया है, ताकि किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ की संभावना पूरी तरह समाप्त हो सके।

उम्मीदवारों को निगरानी का अधिकार

चुनाव आयोग के दिशा-निर्देशों के तहत सभी उम्मीदवारों को लिखित रूप से सूचित किया गया है कि वे अपने प्रतिनिधि नियुक्त कर सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रख सकते हैं। प्रतिनिधियों को आंतरिक सुरक्षा सीमा के बाहर रहने की अनुमति दी गई है।

इसके अतिरिक्त उनके लिए लाइव सीसीटीवी स्क्रीन की व्यवस्था भी की गई है, जिससे वे स्ट्रॉन्गरूम की गतिविधियों पर वास्तविक समय में नज़र रख सकें। मतगणना के दिन स्ट्रॉन्गरूम उम्मीदवारों या उनके प्रतिनिधियों और केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ खोला जाएगा।

मतदान प्रतिशत और चुनावी पृष्ठभूमि

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार उमरेठ उपचुनाव में कुल 59.04 प्रतिशत मतदान शांतिपूर्ण ढंग से दर्ज किया गया। मतदान प्रतिशत सुबह करीब 25 प्रतिशत से शुरू होकर शाम तक 54 प्रतिशत से अधिक हो गया, जिसके बाद अंतिम आंकड़े जारी किए गए।

यह उपचुनाव मार्च 2025 में भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन के कारण रिक्त हुई सीट पर कराया गया। आणंद जिले में स्थित इस विधानसभा क्षेत्र में 2.45 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं, जिनमें शहरी और ग्रामीण दोनों वर्ग शामिल हैं।

गौरतलब है कि उमरेठ सीट परंपरागत रूप से भाजपा का गढ़ मानी जाती रही है। गोविंद परमार यहां से लगातार जीत दर्ज करते आए थे। ऐसे में यह उपचुनाव भाजपा के लिए अपनी विरासत बचाने और विपक्ष के लिए पैठ बनाने का अवसर दोनों के लिए महत्वपूर्ण है।

तुलनात्मक दृष्टि से देखें तो गुजरात में पिछले कई उपचुनावों में मतदान प्रतिशत 55-65% के बीच रहा है, और इस बार का 59.04% आंकड़ा इस सीट पर मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी को दर्शाता है।

वोटों की गिनती 4 मई 2025 को होगी। परिणाम न केवल इस सीट का भविष्य तय करेंगे बल्कि गुजरात में 2027 के विधानसभा चुनावों से पहले राजनीतिक दलों की ताकत का एक महत्वपूर्ण संकेत भी देंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या चुनाव आयोग की यह पारदर्शिता मतदाताओं का भरोसा जीतने में पर्याप्त है? जब भी उपचुनाव होते हैं, विपक्षी दल ईवीएम की विश्वसनीयता पर सवाल उठाते हैं — ऐसे में लाइव सीसीटीवी और उम्मीदवार प्रतिनिधियों की तैनाती एक सकारात्मक कदम है। गोविंद परमार की विरासत वाली यह सीट भाजपा के लिए भावनात्मक भी है और रणनीतिक भी — 2027 से पहले यह नतीजा गुजरात की राजनीतिक दिशा का पूर्वाभास दे सकता है। 59.04% मतदान बताता है कि जनता उदासीन नहीं है, अब देखना यह है कि यह जनादेश किस ओर झुकता है।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

उमरेठ उपचुनाव में ईवीएम कहां रखी गई हैं?
उमरेठ उपचुनाव की सभी ईवीएम और वीवीपैट मशीनें मतदान के बाद सील करके निर्धारित स्ट्रॉन्गरूम में रखी गई हैं। वहां दो स्तरीय सुरक्षा — सशस्त्र जवान और लगातार सीसीटीवी निगरानी — की व्यवस्था है।
उमरेठ उपचुनाव में कितने प्रतिशत मतदान हुआ?
उमरेठ विधानसभा उपचुनाव में कुल 59.04 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ और 306 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई।
उमरेठ उपचुनाव की मतगणना कब होगी?
उमरेठ विधानसभा उपचुनाव के वोटों की गिनती 4 मई 2025 को होगी। मतगणना उम्मीदवारों के प्रतिनिधियों और केंद्रीय पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में वीडियो रिकॉर्डिंग के साथ की जाएगी।
उमरेठ उपचुनाव क्यों कराया गया?
उमरेठ उपचुनाव मार्च 2025 में भाजपा विधायक गोविंद परमार के निधन के बाद सीट रिक्त होने के कारण कराया गया। आणंद जिले में स्थित इस क्षेत्र में 2.45 लाख से अधिक पंजीकृत मतदाता हैं।
उम्मीदवार स्ट्रॉन्गरूम की निगरानी कैसे कर सकते हैं?
सभी उम्मीदवारों को लिखित में सूचित किया गया है कि वे अपने प्रतिनिधि नियुक्त कर सुरक्षा व्यवस्था पर नज़र रख सकते हैं। इसके लिए लाइव सीसीटीवी स्क्रीन की भी व्यवस्था की गई है, हालांकि प्रतिनिधियों को आंतरिक सुरक्षा सीमा के बाहर ही रहना होगा।
राष्ट्र प्रेस
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