पंजाब मतदाता सूची 2026: 7.97 लाख नए मतदाता जुड़े, कुल संख्या 2.01 करोड़ पहुँची
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने सोमवार, 12 अक्टूबर 2026 को घोषणा की कि राज्य में वर्ष 2026 की विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो गई है और सभी 117 विधानसभा क्षेत्रों की अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित कर दी गई है। इस प्रक्रिया के तहत राज्य में 7,97,263 नए मतदाता अंतिम सूची में शामिल किए गए हैं, और कुल पंजीकृत मतदाताओं की संख्या अब 2,01,00,727 हो गई है।
पुनरीक्षण की मुख्य प्रक्रिया
विशेष गहन पुनरीक्षण की शुरुआत 25 जून 2026 से हुई, जब बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) ने 3 अगस्त 2026 तक राज्यभर में घर-घर सर्वेक्षण अभियान चलाया। इस दौरान मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए और उनसे आवश्यक जानकारी एकत्र की गई।
13 अगस्त 2026 को प्रारूप मतदाता सूची प्रकाशित की गई, जिसमें 1,93,94,435 मतदाता दर्ज थे। इसके बाद 13 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक दावे और आपत्तियों की अवधि रखी गई, जिसमें नागरिकों को अपने नाम एवं विवरण की जाँच करने और सुधार हेतु आवेदन करने का अवसर मिला।
मतदाता संख्या में बदलाव
निर्वाचन आयोग के आँकड़ों के अनुसार, 9 जून 2026 तक पंजाब में कुल 2,14,61,043 पंजीकृत मतदाता थे, जिनमें 1,11,76,866 पुरुष, 1,02,83,478 महिलाएं और 699 थर्ड जेंडर मतदाता शामिल थे। एसआईआर प्रक्रिया के बाद अंतिम सूची में यह संख्या 2,01,00,727 रह गई, जिसमें 1,03,76,026 पुरुष, 97,24,195 महिलाएं और 506 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। यह प्रारूप सूची की तुलना में 3.64 प्रतिशत की शुद्ध वृद्धि दर्शाता है।
गौरतलब है कि जिन 35,49,036 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे, उनमें से विस्तृत जाँच और कानूनी प्रक्रिया के बाद 86,038 लोगों को अयोग्य घोषित किया गया। यह मतदाता सूची की स्वच्छता सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मतदान केंद्रों का पुनर्गठन
मतदाता सुविधा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से राज्य में मतदान केंद्रों की संख्या 24,453 से बढ़ाकर 25,332 कर दी गई है। अनिंदिता मित्रा ने बताया कि यह पुनर्गठन दूरदराज और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में मतदाताओं की पहुँच को आसान बनाने के लिए किया गया है।
मतदाता जागरूकता अभियान
एक माह तक चले विशेष जागरूकता अभियान के तहत मानव शृंखला, एसएमएस अलर्ट, रेडियो जिंगल, ई-रिक्शा के जरिए प्रचार, पोस्टर प्रतियोगिताएं, वाद-विवाद, संगोष्ठियाँ तथा कॉलेजों और स्कूलों में विशेष शिविर आयोजित किए गए। इसका प्रमुख उद्देश्य युवा मतदाताओं को सूची में जोड़ना था। मतदाताओं की सहायता के लिए हेल्प डेस्क और 1950 हेल्पलाइन भी संचालित की गई।
आगे क्या होगा
सीईओ अनिंदिता मित्रा ने उन पात्र नागरिकों से अपील की है, जिनका नाम किसी कारणवश अंतिम मतदाता सूची में शामिल नहीं हो पाया, कि वे फॉर्म-6 भरकर ऑनलाइन या अपने बीएलओ के माध्यम से आवेदन करें। अंतिम मतदाता सूची की प्रतियाँ और सॉफ्ट कॉपी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को सौंप दी गई हैं, और यह सीईओ पंजाब की वेबसाइट तथा वोटर पोर्टल पर भी उपलब्ध है। पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से संपन्न यह प्रक्रिया राज्य में आगामी चुनावी तैयारियों की नींव रखती है।