पंजाब फाइनल वोटर लिस्ट 2025: 2.01 करोड़ मतदाता दर्ज, CEO अनिंदिता मित्रा ने की घोषणा
सारांश
मुख्य बातें
पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने 13 अक्टूबर को चंडीगढ़ में घोषणा की कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और 2 करोड़ 1 लाख मतदाताओं के साथ फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित कर दिया गया है। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है और सभी राजनीतिक दलों के साथ सीईओ स्तर व जिला स्तर पर साझा की जा चुकी है।
मुख्य घटनाक्रम
13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में करीब 1 करोड़ 94 लाख (आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 1,93,94,000) मतदाता पंजीकृत थे। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद फाइनल सूची में 8 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जिससे कुल संख्या 2,01,00,000 हो गई — ड्राफ्ट लिस्ट की तुलना में यह वृद्धि करीब 3.64 प्रतिशत है।
अनिंदिता मित्रा ने बताया कि नए जुड़े 8 लाख मतदाताओं में से करीब 3 लाख वे युवा हैं जो पहली बार 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मतदाता सूची में शामिल हुए हैं। शेष 5 लाख वे मतदाता हैं जिनका पहले वोट नहीं बना था या जिन्होंने पहले फॉर्म नहीं भरा था।
प्री-एसआईआर से फाइनल रोल तक का सफर
अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर शुरू होने से पहले पंजाब में 2 करोड़ 14 लाख वोटर पंजीकृत थे। घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान 20 लाख 66 हजार मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म वापस नहीं आए।
इसके पीछे तीन प्रमुख कारण रहे। पहला, करीब साढ़े पाँच लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, जिनके डेथ सर्टिफिकेट एकत्र कर उनके नाम सूची से हटाए गए। दूसरा, 1 लाख 19 हजार मामलों में एक ही मतदाता का नाम दो बार दर्ज था — यह क्लेरिकल एरर था, इसलिए दोहरी प्रविष्टि हटाई गई, किसी का वोट नहीं काटा गया। तीसरा, करीब 9 लाख मतदाता ऐसे थे जो स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके थे और वहाँ नई सूची में नाम दर्ज करा चुके थे।
राजनीतिक दलों की भूमिका
सीईओ ने बताया कि एसआईआर के दौरान सभी राजनीतिक दलों की भूमिका बेहद सकारात्मक रही। राजनीतिक दलों द्वारा 90 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए गए। पंजाब में कोई भी ऐसा बूथ नहीं था जहाँ एक भी बीएलए मौजूद न हो।
जब भी किसी मतदाता से बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का संपर्क नहीं हो पाया, तो उन नामों को तत्काल बीएलए के साथ साझा किया गया। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि राजनीतिक दलों ने ऑन रिकॉर्ड यह स्वीकार किया है कि वे एसआईआर प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उन्हें नहीं लगता कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाया गया है।
पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया
सीईओ ने स्पष्ट किया कि मृत्यु के प्रत्येक मामले में डेथ सर्टिफिकेट एकत्र किया गया। जहाँ दोहरी प्रविष्टि थी, वहाँ वोटर आईडी कार्ड तक जाँचा गया। जो मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए, उनके बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई और विभागीय प्रमुखों से भी प्रमाणित करवाया गया।
आगे क्या होगा
अनिंदिता मित्रा ने बताया कि यदि इतनी सावधानी के बाद भी कोई मतदाता सूची से छूट गया हो तो उसके लिए स्पेशल कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों की तारीख और समय मीडिया, आम जनता और राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाएगा।
इन कैंपों में बीएलओ गाँव-गाँव में बूथ स्तर पर बैठकर लोगों को वोटर लिस्ट चेक करवाएंगे। जिन लोगों को ऑनलाइन सूची देखने में असुविधा होती है, वे वहीं जाकर अपना नाम जाँच सकते हैं। यदि किसी का नाम छूटा हो तो वे फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना नाम फाइनल रोल में जुड़वा सकते हैं।