13 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

पंजाब फाइनल वोटर लिस्ट 2025: 2.01 करोड़ मतदाता दर्ज, CEO अनिंदिता मित्रा ने की घोषणा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
पंजाब फाइनल वोटर लिस्ट 2025: 2.01 करोड़ मतदाता दर्ज, CEO अनिंदिता मित्रा ने की घोषणा

सारांश

पंजाब में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के बाद 2.01 करोड़ मतदाताओं के साथ फाइनल इलेक्टोरल रोल जारी हो गया है। ड्राफ्ट से 8 लाख नए नाम जोड़े गए, जिनमें 3 लाख पहली बार मतदाता बने युवा शामिल हैं। सभी राजनीतिक दलों ने प्रक्रिया को पारदर्शी बताया।

मुख्य बातें

पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने 13 अक्टूबर को 2 करोड़ 1 लाख मतदाताओं के साथ फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित होने की घोषणा की।
ड्राफ्ट रोल ( 13 अगस्त को प्रकाशित) में 1,93,94,000 मतदाता थे; फाइनल लिस्ट में 3.64% की वृद्धि दर्ज हुई।
दावे-आपत्ति प्रक्रिया में 8 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जिनमें 3 लाख पहली बार 18 वर्ष पूरे करने वाले युवा शामिल हैं।
प्री-एसआईआर में 2 करोड़ 14 लाख वोटर थे; साढ़े पाँच लाख मृत, 1.19 लाख डुप्लीकेट और 9 लाख स्थायी रूप से स्थानांतरित मतदाताओं के नाम हटाए गए।
राजनीतिक दलों ने 90 हजार से अधिक बीएलए नियुक्त किए; सभी दलों ने प्रक्रिया को पारदर्शी बताया।
छूटे मतदाताओं के लिए स्पेशल कैंप आयोजित किए जाएंगे जहाँ फॉर्म नंबर 6 भरकर नाम जुड़वाया जा सकेगा।

पंजाब की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) अनिंदिता मित्रा ने 13 अक्टूबर को चंडीगढ़ में घोषणा की कि राज्य में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी हो चुकी है और 2 करोड़ 1 लाख मतदाताओं के साथ फाइनल इलेक्टोरल रोल प्रकाशित कर दिया गया है। यह सूची मुख्य निर्वाचन अधिकारी की आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दी गई है और सभी राजनीतिक दलों के साथ सीईओ स्तर व जिला स्तर पर साझा की जा चुकी है।

मुख्य घटनाक्रम

13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में करीब 1 करोड़ 94 लाख (आधिकारिक आँकड़ों के अनुसार 1,93,94,000) मतदाता पंजीकृत थे। दावे और आपत्तियों की प्रक्रिया के बाद फाइनल सूची में 8 लाख नए मतदाता जोड़े गए, जिससे कुल संख्या 2,01,00,000 हो गई — ड्राफ्ट लिस्ट की तुलना में यह वृद्धि करीब 3.64 प्रतिशत है।

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि नए जुड़े 8 लाख मतदाताओं में से करीब 3 लाख वे युवा हैं जो पहली बार 18 वर्ष की आयु पूरी करने पर मतदाता सूची में शामिल हुए हैं। शेष 5 लाख वे मतदाता हैं जिनका पहले वोट नहीं बना था या जिन्होंने पहले फॉर्म नहीं भरा था।

प्री-एसआईआर से फाइनल रोल तक का सफर

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर शुरू होने से पहले पंजाब में 2 करोड़ 14 लाख वोटर पंजीकृत थे। घर-घर जाकर किए गए सत्यापन के दौरान 20 लाख 66 हजार मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म वापस नहीं आए।

इसके पीछे तीन प्रमुख कारण रहे। पहला, करीब साढ़े पाँच लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, जिनके डेथ सर्टिफिकेट एकत्र कर उनके नाम सूची से हटाए गए। दूसरा, 1 लाख 19 हजार मामलों में एक ही मतदाता का नाम दो बार दर्ज था — यह क्लेरिकल एरर था, इसलिए दोहरी प्रविष्टि हटाई गई, किसी का वोट नहीं काटा गया। तीसरा, करीब 9 लाख मतदाता ऐसे थे जो स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके थे और वहाँ नई सूची में नाम दर्ज करा चुके थे।

राजनीतिक दलों की भूमिका

सीईओ ने बताया कि एसआईआर के दौरान सभी राजनीतिक दलों की भूमिका बेहद सकारात्मक रही। राजनीतिक दलों द्वारा 90 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए गए। पंजाब में कोई भी ऐसा बूथ नहीं था जहाँ एक भी बीएलए मौजूद न हो।

जब भी किसी मतदाता से बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) का संपर्क नहीं हो पाया, तो उन नामों को तत्काल बीएलए के साथ साझा किया गया। अनिंदिता मित्रा ने कहा कि राजनीतिक दलों ने ऑन रिकॉर्ड यह स्वीकार किया है कि वे एसआईआर प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हैं और उन्हें नहीं लगता कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम हटाया गया है।

पारदर्शिता और सत्यापन प्रक्रिया

सीईओ ने स्पष्ट किया कि मृत्यु के प्रत्येक मामले में डेथ सर्टिफिकेट एकत्र किया गया। जहाँ दोहरी प्रविष्टि थी, वहाँ वोटर आईडी कार्ड तक जाँचा गया। जो मतदाता स्थायी रूप से स्थानांतरित हुए, उनके बारे में पूरी जानकारी जुटाई गई और विभागीय प्रमुखों से भी प्रमाणित करवाया गया।

आगे क्या होगा

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि यदि इतनी सावधानी के बाद भी कोई मतदाता सूची से छूट गया हो तो उसके लिए स्पेशल कैंप आयोजित किए जाएंगे। इन कैंपों की तारीख और समय मीडिया, आम जनता और राजनीतिक दलों के साथ साझा किया जाएगा।

इन कैंपों में बीएलओ गाँव-गाँव में बूथ स्तर पर बैठकर लोगों को वोटर लिस्ट चेक करवाएंगे। जिन लोगों को ऑनलाइन सूची देखने में असुविधा होती है, वे वहीं जाकर अपना नाम जाँच सकते हैं। यदि किसी का नाम छूटा हो तो वे फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना नाम फाइनल रोल में जुड़वा सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि क्या हटाए गए 20 लाख से अधिक नामों में कोई वास्तविक मतदाता भी शामिल तो नहीं हुआ। राजनीतिक दलों का 'ऑन रिकॉर्ड संतोष' आश्वस्त करने वाला है, पर यह भी उल्लेखनीय है कि यही दल किसी भी भविष्य के चुनाव विवाद में इसी रोल को चुनौती दे सकते हैं। स्पेशल कैंप की घोषणा सही दिशा में कदम है, लेकिन डिजिटल पहुँच से वंचित ग्रामीण और बुजुर्ग मतदाताओं तक यह सुविधा वास्तव में कितनी पहुँचेगी, यह देखना बाकी है।
RashtraPress
13 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

पंजाब की फाइनल वोटर लिस्ट 2025 में कितने मतदाता हैं?
पंजाब की फाइनल इलेक्टोरल रोल में कुल 2 करोड़ 1 लाख मतदाता दर्ज हैं। यह सूची 13 अक्टूबर को मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा द्वारा प्रकाशित घोषित की गई और सीईओ की आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध है।
पंजाब की वोटर लिस्ट में इतने नाम क्यों हटाए गए?
विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान घर-घर सत्यापन में पाया गया कि करीब साढ़े पाँच लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी थी, 1 लाख 19 हजार नाम डुप्लीकेट थे और 9 लाख मतदाता स्थायी रूप से दूसरी जगह स्थानांतरित हो चुके थे। इन्हीं कारणों से नाम हटाए गए, किसी वास्तविक मतदाता को मनमाने ढंग से नहीं हटाया गया।
अगर किसी का नाम वोटर लिस्ट से छूट गया है तो क्या करें?
ऐसे मतदाता फॉर्म नंबर 6 भरकर अपना नाम सूची में जुड़वा सकते हैं। इसके अलावा निर्वाचन आयोग द्वारा स्पेशल कैंप आयोजित किए जाएंगे जहाँ बीएलओ बूथ स्तर पर मौजूद रहेंगे और मदद करेंगे।
पंजाब में एसआईआर प्रक्रिया में राजनीतिक दलों की क्या भूमिका रही?
राजनीतिक दलों ने एसआईआर के दौरान 90 हजार से अधिक बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) नियुक्त किए। पंजाब का कोई भी बूथ बीएलए-रहित नहीं रहा। सभी दलों ने ऑन रिकॉर्ड कहा कि वे इस प्रक्रिया से पूरी तरह संतुष्ट हैं।
पंजाब की फाइनल वोटर लिस्ट ड्राफ्ट से कितनी अलग है?
13 अगस्त को प्रकाशित ड्राफ्ट रोल में 1,93,94,000 मतदाता थे, जबकि फाइनल रोल में 2,01,00,000 मतदाता हैं। यह वृद्धि 3.64 प्रतिशत है, जो दावे-आपत्ति प्रक्रिया में जोड़े गए 8 लाख नए नामों के कारण हुई।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 19 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 2 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 9 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले