राहुल गांधी पर BJP का हमला: विदेश दौरों में संवैधानिक संस्थाओं को कमज़ोर करने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता और पूर्व प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव के पोते एनवी सुभाष ने रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। सुभाष ने आरोप लगाया कि गांधी अपनी विदेश यात्राओं के दौरान भारत की संवैधानिक संस्थाओं, न्यायपालिका और चुनावी प्रक्रियाओं को जानबूझकर कमज़ोर करने का प्रयास करते हैं।
मुख्य आरोप और बयान
BJP प्रवक्ता ने कहा, 'जब भी वे विदेश जाते हैं, तो उनके पूरे तंत्र में हलचल मच जाती है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष के नेता के रूप में राहुल गांधी को सरकार की आलोचना करने का पूरा अधिकार है, लेकिन उनके अनुसार गांधी इसके बजाय संविधान, चुनाव आयोग और न्यायपालिका सहित समूची व्यवस्था को निशाना बनाते हैं।
सुभाष ने यह भी कहा कि एक जिम्मेदार विपक्षी नेता को देश में रहकर पार्टी कार्यकर्ताओं और आम जनता से जुड़ना चाहिए, न कि बार-बार विदेश दौरों पर जाना चाहिए।
आगामी विधानसभा चुनावों पर निशाना
BJP नेता ने पाँच राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि राहुल गांधी पहले से ही हार का बहाना तैयार कर रहे हैं। सुभाष ने कहा, 'वे बहाने बनाने की नींव रख रहे हैं – यह दावा करते हुए कि हम एसआईआर की वजह से हारे हैं, ईवीएम की वजह से हारे हैं या फिर सीट बंटवारे की वजह से हारे हैं।' उनका यह भी दावा था कि यदि इन पाँच राज्यों में हार होती है, तो कांग्रेस लगातार 100 चुनाव हारने का रिकॉर्ड बना लेगी।
यह ऐसे समय में आया है जब 1 नवंबर को रामलीला मैदान, नई दिल्ली में इंडिया ब्लॉक की एक बड़ी रैली प्रस्तावित है। सुभाष ने इस रैली का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि गांधी जनता के कुछ वर्गों को भड़काने की नीयत से काम करते हैं।
सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काने का आरोप
BJP प्रवक्ता ने राहुल गांधी पर सिखों और अल्पसंख्यक वर्गों की भावनाओं को राजनीतिक लाभ के लिए आहत करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यह स्थिति 'चिंताजनक' हो गई है और राजनीतिक अस्तित्व बचाने के लिए संवेदनशील सामाजिक व सांप्रदायिक भावनाओं को भड़काया जा रहा है।
गौरतलब है कि यह पहली बार नहीं है जब BJP ने राहुल गांधी की विदेश यात्राओं को लेकर उन पर हमला किया हो। पिछले कई अवसरों पर भी सत्तारूढ़ दल ने उनके विदेशी बयानों को राष्ट्रीय हितों के विपरीत बताया है।
पूर्व विपक्षी नेताओं से तुलना की माँग
सुभाष ने राहुल गांधी से पूर्व विपक्षी नेताओं द्वारा स्थापित मानकों का पालन करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, 'हम मांग करते हैं कि राहुल गांधी एक जिम्मेदार नेता विपक्ष की तरह व्यवहार करें। उनके पूर्वजों ने इस देश पर शासन किया है और कांग्रेस पार्टी में कई शीर्ष विपक्षी नेता रहे हैं, लेकिन उन्होंने कभी ऐसा व्यवहार नहीं किया।'
इन आरोपों पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस / INC) की तरफ से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। आने वाले दिनों में इस राजनीतिक बहस के और तेज़ होने की संभावना है, खासकर रामलीला मैदान रैली से पहले।