25 अक्टूबर 2026
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झारखंड: डायन के आरोप में 46 वर्षीय रेंदाई सुम्बरुई की हत्या, चार घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार

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झारखंड: डायन के आरोप में 46 वर्षीय रेंदाई सुम्बरुई की हत्या, चार घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार

सारांश

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में अंधविश्वास ने एक बार फिर जान ली — 46 वर्षीय रेंदाई सुम्बरुई को डायन बताकर रात में घर पर हमला कर मार डाला गया। पुलिस ने चार घंटे में चार आरोपी दबोचे। डायन प्रतिषेध कानून होने के बावजूद राज्य में यह हिंसा थमती नहीं।

मुख्य बातें

46 वर्षीय रेंदाई सुम्बरुई की 24 अक्टूबर 2025 की रात पश्चिमी सिंहभूम के कोलजोमरो गाँव में कथित डायन के आरोप में हत्या कर दी गई।
आरोपियों ने डंडों से प्रहार कर और गला घोंटकर हत्या की; वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा बरामद।
पुलिस ने चार घंटे के भीतर बुधु होनहागा, मार्टिन दिग्गी, मारतुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा को गिरफ्तार किया।
मामले में BNS धारा 103(1), 3(5) और झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम 2001 की धारा 3 व 4 के तहत FIR दर्ज।
प्रारंभिक जाँच में अंधविश्वास और आपसी रंजिश दोनों की आशंका; जाँच जारी।

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र स्थित कोलजोमरो गाँव में 24 अक्टूबर 2025 की रात कथित तौर पर डायन होने के संदेह में 46 वर्षीय रेंदाई सुम्बरुई की हत्या कर दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मात्र चार घंटे के भीतर इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा भी बरामद किया।

घटनाक्रम: रात के अँधेरे में हुआ हमला

पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपियों ने रात के समय रेंदाई सुम्बरुई के घर पर हमला बोला। उन पर जादू-टोना करने का आरोप मढ़ते हुए डंडों से प्रहार किया गया और इसके बाद गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। मृतका के पति साधुचरण सुम्बरुई की लिखित शिकायत के आधार पर कराईकेला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।

गिरफ्तार आरोपी और पुलिस की कार्रवाई

गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान बुधु होनहागा, मार्टिन दिग्गी, मारतुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा के रूप में हुई है। ये सभी कराईकेला थाना क्षेत्र के जोनुवा गाँव के निवासी हैं। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया था।

इस टीम में कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन, पुलिस अवर निरीक्षक धीरज कुमार यादव, अनुसंधानकर्ता संजीत कुमार और थाने के रिज़र्व जवान भी शामिल थे।

अंधविश्वास और रंजिश की आशंका

पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में अंधविश्वास और आपसी रंजिश दोनों का संयोग सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक की पत्नी कुछ समय से बीमार थी और उसे संदेह था कि रेंदाई सुम्बरुई ने उसकी पत्नी पर जादू-टोना किया है। इसी संदेह के चलते यह जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया, ऐसी आशंका पुलिस जताती है।

गौरतलब है कि झारखंड में डायन प्रथा से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। राज्य में इसे रोकने के लिए झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 पहले से लागू है, फिर भी इस तरह की वारदातें सामने आती रहती हैं।

दर्ज धाराएँ और कानूनी कार्यवाही

इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के साथ-साथ झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की धारा 3 और 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। चारों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और जाँच जारी है।

आगे की जाँच

पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस वारदात के पीछे केवल अंधविश्वास था या इसमें पूर्व से चली आ रही कोई व्यक्तिगत शत्रुता भी शामिल थी। मामले में और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी दो दशक से अधिक समय बाद इस तरह की हत्याएँ रुकती नहीं — यह कानून की सीमाओं से अधिक, सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक उपस्थिति की विफलता को उजागर करता है। पुलिस की चार घंटे में गिरफ्तारी की तत्परता सराहनीय है, लेकिन असली सवाल यह है कि ऐसे गाँवों में निवारक तंत्र क्यों नहीं है। राज्य सरकार और जिला प्रशासन की जवाबदेही इस बात पर भी बनती है कि केवल दंड नहीं, बल्कि समुदाय-स्तर पर अंधविश्वास उन्मूलन के कार्यक्रम कितने सक्रिय हैं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम में डायन के आरोप में किसकी हत्या हुई?
मृतका की पहचान रेंदाई सुम्बरुई (46 वर्ष) के रूप में हुई है, जो कराईकेला थाना क्षेत्र के कोलजोमरो गाँव की निवासी थीं। 24 अक्टूबर 2025 की रात आरोपियों ने उन पर डायन होने का आरोप लगाकर उनकी हत्या कर दी।
इस मामले में कितने लोगों को गिरफ्तार किया गया और कौन हैं?
पुलिस ने चार घंटे के भीतर चार आरोपियों — बुधु होनहागा, मार्टिन दिग्गी, मारतुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा — को गिरफ्तार किया। ये सभी जोनुवा गाँव, पश्चिमी सिंहभूम के निवासी हैं।
हत्या का कारण क्या बताया जा रहा है?
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपियों में से एक की पत्नी बीमार थी और उसे संदेह था कि रेंदाई सुम्बरुई ने जादू-टोना किया है। इसी अंधविश्वास और कथित आपसी रंजिश के चलते हत्या किए जाने की आशंका है।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 103(1) और 3(5) के साथ-साथ झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की धारा 3 और 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है।
झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम क्या है?
यह 2001 में झारखंड राज्य द्वारा पारित कानून है, जो किसी को डायन घोषित करने, प्रताड़ित करने या उसकी हत्या करने को दंडनीय अपराध मानता है। इस कानून के बावजूद राज्य में डायन प्रथा से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ सामने आती रहती हैं।
राष्ट्र प्रेस
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