झारखंड: डायन के आरोप में 46 वर्षीय रेंदाई सुम्बरुई की हत्या, चार घंटे में चार आरोपी गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के कराईकेला थाना क्षेत्र स्थित कोलजोमरो गाँव में 24 अक्टूबर 2025 की रात कथित तौर पर डायन होने के संदेह में 46 वर्षीय रेंदाई सुम्बरुई की हत्या कर दी गई। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए मात्र चार घंटे के भीतर इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया और वारदात में इस्तेमाल लकड़ी का डंडा भी बरामद किया।
घटनाक्रम: रात के अँधेरे में हुआ हमला
पुलिस की प्रारंभिक जाँच के अनुसार, आरोपियों ने रात के समय रेंदाई सुम्बरुई के घर पर हमला बोला। उन पर जादू-टोना करने का आरोप मढ़ते हुए डंडों से प्रहार किया गया और इसके बाद गला घोंटकर उनकी हत्या कर दी गई। मृतका के पति साधुचरण सुम्बरुई की लिखित शिकायत के आधार पर कराईकेला थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई।
गिरफ्तार आरोपी और पुलिस की कार्रवाई
गिरफ्तार चारों आरोपियों की पहचान बुधु होनहागा, मार्टिन दिग्गी, मारतुस होनहागा और मधुसूदन होनहागा के रूप में हुई है। ये सभी कराईकेला थाना क्षेत्र के जोनुवा गाँव के निवासी हैं। पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक अमित रेणु के निर्देश पर चक्रधरपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी डॉ. सैयद मुस्तफा हाशमी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी दल गठित किया गया था।
इस टीम में कराईकेला थाना प्रभारी प्यारे हसन, पुलिस अवर निरीक्षक धीरज कुमार यादव, अनुसंधानकर्ता संजीत कुमार और थाने के रिज़र्व जवान भी शामिल थे।
अंधविश्वास और रंजिश की आशंका
पुलिस के अनुसार, प्रारंभिक जाँच में अंधविश्वास और आपसी रंजिश दोनों का संयोग सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपियों में से एक की पत्नी कुछ समय से बीमार थी और उसे संदेह था कि रेंदाई सुम्बरुई ने उसकी पत्नी पर जादू-टोना किया है। इसी संदेह के चलते यह जघन्य वारदात को अंजाम दिया गया, ऐसी आशंका पुलिस जताती है।
गौरतलब है कि झारखंड में डायन प्रथा से जुड़ी हिंसा की घटनाएँ लंबे समय से चिंता का विषय रही हैं। राज्य में इसे रोकने के लिए झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 पहले से लागू है, फिर भी इस तरह की वारदातें सामने आती रहती हैं।
दर्ज धाराएँ और कानूनी कार्यवाही
इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) और 3(5) के साथ-साथ झारखंड डायन प्रथा प्रतिषेध अधिनियम, 2001 की धारा 3 और 4 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। चारों आरोपी फिलहाल पुलिस हिरासत में हैं और जाँच जारी है।
आगे की जाँच
पुलिस मामले की गहन जाँच कर रही है। अधिकारियों के अनुसार, यह स्पष्ट करने का प्रयास किया जा रहा है कि क्या इस वारदात के पीछे केवल अंधविश्वास था या इसमें पूर्व से चली आ रही कोई व्यक्तिगत शत्रुता भी शामिल थी। मामले में और गिरफ्तारियाँ भी हो सकती हैं।