25 अक्टूबर 2026
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गरुड़ शक्ति 2026: भारत-इंडोनेशिया विशेष बलों का 12वाँ संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभ्यास बान्युवांगी में

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गरुड़ शक्ति 2026: भारत-इंडोनेशिया विशेष बलों का 12वाँ संयुक्त आतंकवाद विरोधी अभ्यास बान्युवांगी में

सारांश

गरुड़ शक्ति का 12वाँ संस्करण महज एक नियमित अभ्यास नहीं — यह भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति और दक्षिण-पूर्व एशिया में बढ़ती रणनीतिक साझेदारी का ठोस प्रमाण है। इंडोनेशिया के घने जंगलों में आतंकवाद विरोधी प्रशिक्षण दोनों सेनाओं की संयुक्त तैयारी को नया आयाम देता है।

मुख्य बातें

भारतीय विशेष बल गरुड़ शक्ति 2026 के 12वें संस्करण के लिए इंडोनेशिया के बान्युवांगी रवाना हुए।
अभ्यास में जंगलों में आतंकवाद विरोधी और उग्रवाद विरोधी परिस्थितियों से निपटने पर विशेष जोर।
दोनों देशों के सैनिक विशेष अभियानों की रणनीतियाँ, तकनीकें और कार्यप्रणालियाँ साझा करेंगे।
हाल ही में हुई आर्मी टू-आर्मी स्टाफ वार्ता में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग का दायरा बढ़ाने पर सहमति जताई।
इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल आरी प्रसत्य, वीएसीओएस इंटेलिजेंस ने किया था।

भारतीय सेना के विशेष बल इंडोनेशिया के बान्युवांगी के लिए रवाना हो चुके हैं, जहाँ वे गरुड़ शक्ति 2026 के 12वें संस्करण में भाग लेंगे। यह संयुक्त सैन्य अभ्यास भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों के बीच जंगल-युद्ध परिस्थितियों में आतंकवाद विरोधी और उग्रवाद विरोधी अभियानों के संचालन पर केंद्रित है। 25 अक्टूबर 2026 को शुरू हुई यह तैयारी दोनों देशों के बीच बढ़ते रक्षा सहयोग की एक और कड़ी है।

अभ्यास का उद्देश्य और कार्यक्षेत्र

सेना के अनुसार, गरुड़ शक्ति 2026 का मुख्य लक्ष्य दोनों देशों के विशेष बलों के बीच आपसी तालमेल और संयुक्त अभियान क्षमता को सुदृढ़ करना है। इस दौरान भारतीय और इंडोनेशियाई सैनिक विशेष अभियानों से जुड़ी रणनीतियों, तकनीकों और कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान करेंगे। अभ्यास में विशेष रूप से जंगल-इलाकों में आतंकवाद विरोधी और उग्रवाद विरोधी परिस्थितियों से निपटने के तरीकों पर ध्यान दिया जाएगा।

जंगल-युद्ध प्रशिक्षण की विशेष चुनौतियाँ

घनी वनस्पति, दुर्गम रास्तों और सीमित दृश्यता के कारण जंगलों में सैन्य अभियान चलाना विशेष बलों के लिए असाधारण रूप से कठिन होता है। ऐसे वातावरण में सैनिकों को आगे बढ़ना, स्थिति पर नज़र रखना और परस्पर संपर्क बनाए रखना — तीनों कार्य एक साथ करने पड़ते हैं। इंडोनेशिया के बान्युवांगी का भू-भाग इस प्रकार के प्रशिक्षण के लिए उपयुक्त माना जाता है, क्योंकि वहाँ के घने उष्णकटिबंधीय वन वास्तविक अभियान परिस्थितियों की नकल करने में सक्षम हैं।

भारत-इंडोनेशिया रक्षा सहयोग की पृष्ठभूमि

गरुड़ शक्ति श्रृंखला वर्षों से दोनों देशों के सैन्य सहयोग का एक मजबूत स्तंभ रही है। गौरतलब है कि हाल ही में भारत और इंडोनेशिया के बीच आर्मी टू-आर्मी स्टाफ वार्ता भी आयोजित की गई थी, जिसमें दोनों पक्षों ने रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने और द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की थी। उस वार्ता में इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल आरी प्रसत्य, वीएसीओएस इंटेलिजेंस ने किया था।

क्षेत्रीय सुरक्षा पर व्यापक प्रभाव

यह अभ्यास ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियाँ बढ़ रही हैं और भारत अपनी 'एक्ट ईस्ट' नीति के तहत आसियान देशों के साथ रक्षा साझेदारी को लगातार गहरा कर रहा है। गरुड़ शक्ति 2026 का 12वाँ संस्करण न केवल सैन्य कौशल साझा करने का अवसर है, बल्कि यह भारत-इंडोनेशिया के बीच रणनीतिक विश्वास को भी और मजबूत करता है। आने वाले संस्करणों में साझा तकनीकी अभ्यासों और समुद्री घटक जोड़ने की संभावना पर भी दोनों पक्ष विचार कर सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसका समय और संदर्भ महत्वपूर्ण है — हाल ही में हुई आर्मी टू-आर्मी स्टाफ वार्ता और इंडोनेशिया के साथ सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान इस बात का संकेत है कि भारत आसियान क्षेत्र में अपनी सैन्य साझेदारी को व्यवस्थित तरीके से गहरा कर रहा है। जंगल-युद्ध पर ध्यान केंद्रित करना रणनीतिक रूप से सोचा-समझा है, क्योंकि दक्षिण-पूर्व एशिया में इस प्रकार के इलाकों में उग्रवाद एक सतत चुनौती रही है। हालाँकि, असली कसौटी यह होगी कि ये द्विवार्षिक अभ्यास वास्तविक अभियान अंतर-संचालनीयता में बदलते हैं या सिर्फ कूटनीतिक प्रतीकवाद बनकर रह जाते हैं।
RashtraPress
25 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गरुड़ शक्ति 2026 अभ्यास क्या है?
गरुड़ शक्ति 2026 भारत और इंडोनेशिया के विशेष बलों के बीच आयोजित होने वाला द्विपक्षीय संयुक्त सैन्य अभ्यास है, जो इस वर्ष अपने 12वें संस्करण में है। यह अभ्यास इंडोनेशिया के बान्युवांगी में होगा और इसमें जंगलों में आतंकवाद विरोधी एवं उग्रवाद विरोधी अभियानों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
गरुड़ शक्ति 2026 कहाँ आयोजित हो रहा है?
यह अभ्यास इंडोनेशिया के बान्युवांगी में आयोजित किया जा रहा है। भारतीय सेना के विशेष बलों का दल इसके लिए रवाना हो चुका है।
इस अभ्यास में किन विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा?
अभ्यास में जंगलों के चुनौतीपूर्ण इलाकों में आतंकवाद विरोधी और उग्रवाद विरोधी परिस्थितियों से निपटना, विशेष अभियानों की रणनीतियाँ, तकनीकें और कार्यप्रणालियों का आदान-प्रदान शामिल है। घनी वनस्पति में सैन्य अभियान, संचार और समन्वय पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।
भारत और इंडोनेशिया के बीच हाल की सैन्य वार्ता में क्या हुआ था?
हाल ही में भारत में आयोजित आर्मी टू-आर्मी स्टाफ वार्ता में दोनों देशों ने रक्षा सहयोग के नए क्षेत्रों की पहचान करने और द्विपक्षीय संयुक्त प्रशिक्षण का दायरा बढ़ाने पर सहमति दी। इंडोनेशियाई प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिगेडियर जनरल आरी प्रसत्य, वीएसीओएस इंटेलिजेंस ने किया था।
गरुड़ शक्ति अभ्यास का क्षेत्रीय सुरक्षा में क्या महत्व है?
यह अभ्यास भारत की 'एक्ट ईस्ट' नीति का हिस्सा है और दक्षिण-पूर्व एशिया में क्षेत्रीय सुरक्षा चुनौतियों से मिलकर निपटने की दोनों देशों की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इससे संयुक्त अभियानों में बेहतर तालमेल स्थापित होता है और रणनीतिक विश्वास मजबूत होता है।
राष्ट्र प्रेस
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