अमेरिकी विदेशी निवेश नियंत्रण पर चीन का कड़ा विरोध, जवाबी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित
सारांश
मुख्य बातें
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने 24 अक्टूबर 2026 को अमेरिकी वित्त मंत्रालय द्वारा प्रस्तावित नए विदेशी निवेश नियंत्रण नियमों पर कड़ी आपत्ति जताई और स्पष्ट किया कि बीजिंग इन प्रस्तावित नियमों का 'डटकर विरोध' करता है तथा आवश्यकतानुसार 'संबंधित कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित' रखता है। यह प्रतिक्रिया ऐसे समय में आई है जब अमेरिका और चीन के बीच आर्थिक एवं व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ रहा है।
प्रस्तावित नियमों पर चीन की आपत्ति
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिकी वित्त मंत्रालय के ये प्रस्तावित नियम 'भेदभावपूर्ण रूप से' चीन में निवेश नियंत्रण के दायरे का विस्तार करते हैं। उनका कहना है कि यह राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को 'बढ़ा-चढ़ाकर पेश करने' की कार्रवाई है और दोनों देशों के उद्यमों के सामान्य आर्थिक व व्यापारिक सहयोग को बाधित करती है।
प्रवक्ता ने यह भी कहा कि ये नियम दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच संपन्न महत्वपूर्ण सहमतियों के विरुद्ध हैं और अंतरराष्ट्रीय आर्थिक व व्यापारिक व्यवस्था को नुकसान पहुँचाते हैं।
अमेरिकी उद्यमों के हितों पर असर
चीनी पक्ष का तर्क है कि अमेरिका का चीन में निवेश नियंत्रित करना न केवल चीन-अमेरिका आर्थिक व व्यापारिक सहयोग के प्रतिकूल है, बल्कि खुद अमेरिकी उद्यमों के हितों को भी नुकसान पहुँचाता है। प्रवक्ता ने रेखांकित किया कि 'चीन के पास बहुत बड़ा बाजार है, जिसमें उपभोग और निवेश की विशाल संभावनाएं हैं' और 'चीन में निवेश करने का मतलब भविष्य में निवेश करना है।'
चीन की माँगें
बीजिंग ने वाशिंगटन से आग्रह किया है कि वह बाजार अर्थव्यवस्था के नियमों का सम्मान करे, राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश करना बंद करे और आर्थिक व व्यापारिक सवालों का 'राजनीतिकरण तथा हथियारीकरण' बंद करे। चीन ने दोनों देशों के बीच आर्थिक व व्यापारिक सहयोग के लिए 'बेहतर वातावरण' तैयार करने की माँग की है।
व्यापक संदर्भ
गौरतलब है कि अमेरिका और चीन के बीच तकनीक, व्यापार और निवेश को लेकर खींचतान पिछले कई वर्षों से जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश कूटनीतिक स्तर पर संवाद बनाए रखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन नीतिगत मोर्चे पर टकराव कम नहीं हो रहा। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के नियंत्रण उपाय वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को और जटिल बना सकते हैं।
आगे देखने वाली बात यह है कि अमेरिकी वित्त मंत्रालय इन प्रस्तावित नियमों पर प्राप्त सार्वजनिक टिप्पणियों के बाद क्या रुख अपनाता है और चीन अपनी घोषित 'जवाबी कदम' की रणनीति को किस रूप में अमल में लाता है।