चीनी सैन्य उद्यम सूची पर चीन का तीखा जवाब: अमेरिका से उपाय वापस लेने की माँग, जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
सारांश
मुख्य बातें
चीन के वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता ने शनिवार, 13 जून को कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिकी रक्षा मंत्रालय द्वारा कई चीनी कंपनियों को 'चीनी सैन्य उद्यम सूची' में शामिल किए जाने पर बीजिंग को 'तीव्र असंतोष और दृढ़ विरोध' है। प्रवक्ता ने अमेरिका से इन उपायों को तत्काल वापस लेने और द्विपक्षीय संबंधों को सही दिशा में लाने का आग्रह किया।
अमेरिकी कदम पर चीन की आपत्ति
चीनी वाणिज्य मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, अमेरिका ने दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच बीजिंग वार्ता में बनी आम सहमति को नजरअंदाज किया है। प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि वाशिंगटन 'राष्ट्रीय सुरक्षा की अवधारणा का लगातार विस्तार' कर रहा है और 'राष्ट्रीय शक्ति का दुरुपयोग' करते हुए चीनी कंपनियों पर अनुचित दबाव डाल रहा है।
चीन का कहना है कि यह कदम चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों के समग्र हितों के विरुद्ध है और दोनों देशों के बीच व्यापारिक सहयोग की भावना को कमज़ोर करता है।
वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला पर असर
बीजिंग के प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि अमेरिका का यह निर्णय 'अंतरराष्ट्रीय आर्थिक और व्यापारिक व्यवस्था को गंभीर रूप से क्षति पहुँचाता है।' उनके अनुसार, यह कदम वैश्विक औद्योगिक और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता के लिए भी खतरा उत्पन्न करता है और चीनी कंपनियों के 'वैध अधिकारों व हितों को गंभीर नुकसान' पहुँचाता है।
चीन की माँग और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
चीनी प्रवक्ता ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि चीन अमेरिका से तीन बातें चाहता है — अपनी 'गलत प्रथाओं को तुरंत रोकना', 'संबंधित उपायों को तत्काल वापस लेना', और 'चीन-अमेरिका रचनात्मक रणनीतिक स्थिर संबंधों के निर्माण के सही रास्ते पर लौटना।' प्रवक्ता ने यह भी माँग की कि चीनी कंपनियों को 'निष्पक्ष, न्यायसंगत और गैर-भेदभावपूर्ण व्यवहार' प्रदान किया जाए।
प्रवक्ता ने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने अपना रुख नहीं बदला, तो 'चीन पूरी तरह से और जोरदार तरीके से जवाबी कार्रवाई करेगा' और इससे उत्पन्न सभी परिणामों की जिम्मेदारी अमेरिका की होगी।
व्यापक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब चीन-अमेरिका व्यापार तनाव पहले से ही उच्च स्तर पर है। गौरतलब है कि अमेरिका का 'चीनी सैन्य उद्यम सूची' तंत्र उन कंपनियों को चिह्नित करता है जिन्हें वाशिंगटन चीनी सेना से जुड़ा मानता है — हालाँकि सूचीबद्ध कंपनियाँ अक्सर इन आरोपों को खारिज करती हैं। यह सूची सीधे प्रतिबंध नहीं लगाती, लेकिन अमेरिकी निवेशकों और भागीदारों के लिए एक संकेत के रूप में काम करती है। आगे की घटनाएँ बताएंगी कि क्या यह तनाव कूटनीतिक वार्ता की ओर मुड़ता है या व्यापारिक टकराव और गहरा होता है।