SIR के बहाने घुसपैठियों को संरक्षण दे रहे राहुल गांधी: BJP सांसद तरुण चुघ का हमला
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद तरुण चुघ ने 14 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि वे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया का इस्तेमाल घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखने के लिए कर रहे हैं। चुघ ने गुजरात स्थानीय निकाय चुनावों में BJP की भारी जीत और पंजाब में बिगड़ती कानून-व्यवस्था पर भी अपनी प्रतिक्रिया दी।
SIR पर राहुल गांधी को घेरा
चुघ ने कहा, 'लगातार SIR के बहाने राहुल गांधी घुसपैठियों को बचाने की कवायद कर रहे हैं, मृत वोटरों को वापस वोटर लिस्ट में जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं।' उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस नेता भारत की लोकतांत्रिक संस्थाओं — न्यायपालिका, चुनाव आयोग, संसद और मीडिया — को लगातार निशाना बना रहे हैं। चुघ ने कहा कि 'देश की 140 करोड़ जनता इसे देख रही है और वोट की चोट से जवाब भी दे रही है।'
गुजरात निकाय चुनाव: BJP की बड़ी जीत
गुजरात के तीन स्थानीय निकाय चुनावों में BJP ने 104 में से 90 सीटें जीतकर निर्णायक बहुमत हासिल किया। गांधीनगर नगर निगम में BJP ने 44 में से 38 सीटें अपने नाम कीं, जबकि आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवारों की जमानत जब्त होने की बात चुघ ने कही। चुघ ने इस जीत को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और BJP की विकास नीतियों के प्रति जनता के विश्वास का प्रतीक बताया।
पंजाब में कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल
चुघ ने पंजाब की स्थिति को 'बेहद चिंताजनक' करार दिया। उन्होंने बताया कि मानसा में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले परविंदर सिंह झोटा की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई, और अमृतसर में 20 वर्षीय युवती तरुणप्रीत सिंह की भी जान ले ली गई। उन्होंने आरोप लगाया कि पंजाब में भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल की AAP सरकार के 'संरक्षण' में माफिया तत्व सक्रिय हैं।
विपक्ष के विरोध-प्रदर्शन पर BJP का रुख
चुघ ने राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों के प्रदर्शनों को 'मीडिया इवेंट' और 'नारेबाजी' करार देते हुए कहा कि इससे देश की छवि को नुकसान पहुँचाने की कोशिश हो रही है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब संसद में SIR प्रक्रिया को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तनाव बना हुआ है। गौरतलब है कि मतदाता सूची शुद्धिकरण का मुद्दा पिछले कुछ महीनों से राजनीतिक विवाद का केंद्र रहा है। आने वाले दिनों में यह बहस संसद और सड़क — दोनों पर जारी रहने की संभावना है।