26 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

घुसपैठिया मुद्दे पर BJP का कांग्रेस पर हमला, सूरत में 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
घुसपैठिया मुद्दे पर BJP का कांग्रेस पर हमला, सूरत में 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च

सारांश

भाजपा की गुजरात इकाई ने सूरत में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता दूर करो' मार्च निकालकर कांग्रेस पर घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखने की 'साजिश' का आरोप लगाया। SIR विवाद के बीच यह अभियान दोनों दलों के बीच बढ़ते टकराव की ताज़ा कड़ी है।

मुख्य बातें

भाजपा की गुजरात इकाई ने 25 अक्टूबर 2026 को सूरत में ' लोकतंत्र बचाओ, अराजकता दूर करो ' मार्च का आयोजन किया।
राज्य BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल की मौजूदगी में कांग्रेस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया।
भाजपा का दावा है कि कांग्रेस मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) का विरोध कर लोकतांत्रिक संस्थाओं में भ्रम फैला रही है।
मार्च अडाजन प्राइम मार्केट से शुरू होकर भुलका भवन सर्कल पर समाप्त हुआ; सांसद, विधायक, धार्मिक नेता और व्यापारी प्रतिनिधि शामिल।
विश्वकर्मा के अनुसार भाजपा एवं NDA इस समय 22 राज्यों में सत्ता में है।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) की गुजरात इकाई ने 25 अक्टूबर 2026 को सूरत में 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता दूर करो' मार्च निकालकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर घुसपैठियों को संरक्षण देने और मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) का विरोध करने का आरोप लगाया। पार्टी का कहना है कि कांग्रेस लोकतांत्रिक संस्थाओं और चुनाव प्रक्रिया में जनता के भरोसे को कमज़ोर करने का प्रयास कर रही है।

मार्च का आयोजन और नेतृत्व

यह मार्च अडाजन के प्राइम मार्केट के निकट से प्रारंभ हुआ और प्रेसिडेंसी सर्कल, मछली सर्कल, वरुण हॉस्पिटल सर्कल होते हुए भुलका भवन सर्कल पर समाप्त हुआ। राज्य BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल की उपस्थिति में मार्च को संबोधित किया।

मार्च में राज्य मंत्री नरेश पटेल, BJP के राज्य महासचिव प्रशांत कोराट, सूरत शहर BJP अध्यक्ष परेश पटेल, सांसद, विधायक, धार्मिक एवं सामुदायिक नेता, व्यापारी संघों के प्रतिनिधि, महिलाएँ, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि और अन्य नागरिक शामिल हुए।

मुख्य आरोप और बयान

विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है और नहीं चाहती कि उनके नाम मतदाता सूची से हटाए जाएँ। उनके अनुसार विपक्षी दल देश में अशांति फैलाने और लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति भ्रम एवं अविश्वास का माहौल बनाने में लगा है।

विश्वकर्मा ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस जनता के जनादेश को स्वीकार करने को तैयार नहीं है और 'झूठ की राजनीति' का सहारा ले रही है। उन्होंने पार्टी पर कथित तौर पर विदेशी ताकतों के इशारे पर काम करके युवाओं को भड़काने का भी आरोप लगाया।

विश्वकर्मा ने कहा कि कांग्रेस नेता राहुल गांधी और उनके सहयोगियों की कथित साजिशें कभी सफल नहीं होंगी, क्योंकि भारत के युवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ हैं।

SIR विवाद की पृष्ठभूमि

यह मार्च ऐसे समय में आया है जब मतदाता सूची के विशेष गहन संशोधन (SIR) को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच तनाव बढ़ा हुआ है। भाजपा का कहना है कि SIR प्रक्रिया का उद्देश्य केवल फर्जी मतदाताओं और घुसपैठियों के नाम हटाना है, जबकि कांग्रेस सहित विपक्षी दल इस पर आपत्ति जताते रहे हैं। गौरतलब है कि भाजपा और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक गठबंधन (NDA) वर्तमान में 22 राज्यों में सत्ता में हैं।

प्रतिभागियों के नारे

मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने 'कांग्रेस घुसपैठियों का समर्थन करती है', 'घुसपैठियों के मित्र देशद्रोही हैं' और 'देश वोट चोरी के नाम पर जनता के जनादेश का अपमान बर्दाश्त नहीं करेगा' जैसे नारे लगाए। विश्वकर्मा ने 'मेक इन इंडिया' पहल और प्रधानमंत्री मोदी की 25 वर्षों की सार्वजनिक सेवा का भी उल्लेख किया।

आगे क्या

भाजपा की गुजरात इकाई के अनुसार, यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और राज्य के अन्य शहरों में भी इसी तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाएँगे। इस राजनीतिक सरगर्मी के बीच कांग्रेस की प्रतिक्रिया पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि SIR विवाद को राष्ट्रीय आख्यान में बदलने की सुनियोजित कोशिश है — जहाँ घुसपैठिया बनाम मतदाता की बहस को सीधे देशभक्ति से जोड़ा जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि 'घुसपैठिया' शब्द का व्यापक राजनीतिक इस्तेमाल बिना सत्यापित आँकड़ों के चुनावी उत्तेजना का साधन बन सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस की चुप्पी या प्रतिक्रिया भी उतनी ही निर्णायक होगी — क्योंकि SIR प्रक्रिया पर उसकी आपत्ति को भाजपा अपने पक्ष में भुनाने में कोई कसर नहीं छोड़ रही। यह 22 राज्यों में NDA के सत्ता के दावे के साथ मिलकर एक ऐसी राजनीतिक जमीन तैयार करता है जिसकी परीक्षा अगले चुनावों में होगी।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भाजपा का 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च क्या है?
यह भाजपा की गुजरात इकाई द्वारा 25 अक्टूबर 2026 को सूरत में आयोजित एक राजनीतिक मार्च है, जिसका उद्देश्य कांग्रेस पर घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखने के प्रयास का आरोप लगाना और SIR के खिलाफ कथित भ्रामक प्रचार का मुकाबला करना है।
भाजपा ने कांग्रेस पर क्या आरोप लगाए?
राज्य BJP अध्यक्ष जगदीश विश्वकर्मा ने आरोप लगाया कि कांग्रेस घुसपैठियों को संरक्षण दे रही है, मतदाता सूची के SIR का विरोध कर रही है, और कथित रूप से विदेशी ताकतों के इशारे पर युवाओं को भड़का रही है। पार्टी ने कांग्रेस पर 'झूठ की राजनीति' और अराजकता फैलाने का भी आरोप लगाया।
मतदाता सूची का विशेष गहन संशोधन (SIR) क्या है?
SIR चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है जिसके तहत मतदाता सूची की विस्तृत समीक्षा की जाती है और अपात्र, फर्जी या घुसपैठ कर आए व्यक्तियों के नाम हटाए जाते हैं। भाजपा इसे लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवश्यक बता रही है, जबकि विपक्ष इस पर आपत्ति जताता रहा है।
सूरत में यह मार्च कहाँ से कहाँ तक निकला?
मार्च अडाजन के प्राइम मार्केट के निकट से प्रारंभ होकर प्रेसिडेंसी सर्कल, मछली सर्कल और वरुण हॉस्पिटल सर्कल से गुजरता हुआ भुलका भवन सर्कल पर समाप्त हुआ।
इस मार्च में कौन-कौन शामिल हुए?
मार्च में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल, राज्य मंत्री नरेश पटेल, BJP राज्य महासचिव प्रशांत कोराट, सूरत शहर BJP अध्यक्ष परेश पटेल, सांसद, विधायक, धार्मिक एवं सामुदायिक नेता, व्यापारी संघों के प्रतिनिधि, महिलाएँ और NGO प्रतिनिधि शामिल हुए।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 7 घंटे पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 2 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 3 सप्ताह पहले
  7. 3 सप्ताह पहले
  8. 3 सप्ताह पहले