बीरभूम पुलिस ने फरार तुलु मंडल के करीबी सेवानिवृत्त भूमि अधिकारी रबीउल इस्लाम को गिरफ्तार किया
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल की बीरभूम पुलिस ने 2 नवंबर 2026 को फरार पत्थर खदान कारोबारी तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन से कथित संबंधों के आरोप में एक सेवानिवृत्त सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अधिकारी का नाम रबीउल इस्लाम है, जो बीरभूम के उप जिला भूमि एवं भूमि सुधार विभाग में कार्यरत रहे थे। यह गिरफ्तारी अवैध पत्थर खदान संचालन और ₹220 करोड़ से अधिक की अवैध संपत्ति के कथित संचय की चल रही जांच के तहत की गई है।
गिरफ्तारी का विवरण
पुलिस सूत्रों के अनुसार, रबीउल इस्लाम को रविवार और सोमवार की दरमियानी रात छापेमारी में पकड़ा गया। उन्होंने इसी वर्ष सरकारी सेवाओं से सेवानिवृत्ति ली थी। बीरभूम उनका गृह जिला है और यही तुलु मंडल का मुख्य कार्यक्षेत्र भी था। इस्लाम को सोमवार को बीरभूम जिले के सूरी स्थित निचली अदालत में पेश किया गया, जहाँ लोक अभियोजक ने उनकी पुलिस हिरासत की माँग रखी।
आरोप पत्र और अब तक की गिरफ्तारियाँ
पुलिस के अनुसार, 13 अक्टूबर को दायर आरोप पत्र में 12 आरोपियों के नाम दर्ज हैं। इनमें से 11 लोगों को अब तक गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि मुख्य आरोपी तुलु मंडल अभी भी फरार है। रबीउल इस्लाम का नाम भी आरोप पत्र में शामिल था और वे गिरफ्तारी से बचते रहे थे।
तुलु मंडल मामले में दूसरी नौकरशाही गिरफ्तारी
गौरतलब है कि इस्लाम तुलु मंडल मामले में गिरफ्तार होने वाले पहले नौकरशाह नहीं हैं। इससे पहले 4 अक्टूबर को बीरभूम पुलिस ने मोहम्मदबाजार ब्लॉक के तत्कालीन ब्लॉक भूमि राजस्व अधिकारी (BLRO) सब्यसाची मंडल को गिरफ्तार किया था, जिन्हें बाद में जेल भेज दिया गया था। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में नौकरशाही-राजनीतिक गठजोड़ को लेकर जाँच एजेंसियाँ सक्रिय हैं।
जब्त संपत्ति और राजनीतिक कनेक्शन
बीरभूम पुलिस ने अब तक तुलु मंडल, उनके रिश्तेदारों और करीबी सहयोगियों से ₹220 करोड़ की नकदी और सोने के रूप में संपत्ति जब्त की है। जांच अधिकारियों के सामने इन रिश्तेदारों और सहयोगियों ने कथित तौर पर स्वीकार किया है कि यह संपत्ति तुलु की थी और उन्हें दबाव में इसे अपने घरों में छिपाकर रखना पड़ा था। उल्लेखनीय है कि तुलु मंडल, बीरभूम के पूर्व तृणमूल कांग्रेस (TMC) जिला अध्यक्ष अनुब्रता मंडल के करीबी माने जाते हैं।
आगे क्या होगा
पुलिस ने संकेत दिया है कि जांच का दायरा और विस्तृत हो सकता है। मुख्य आरोपी तुलु मंडल की तलाश अभी भी जारी है। इस मामले में नौकरशाहों की लगातार गिरफ्तारियाँ यह दर्शाती हैं कि जांच एजेंसियाँ अवैध खदान नेटवर्क की पूरी परतें उघाड़ने में लगी हैं।