बीरभूम खदान घोटाला: तुलु मंडल मामले में एक और अधिकारी गिरफ्तार, मोहम्मदबाजार के पूर्व BLRO सब्यसाची मंडल हिरासत में
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के बीरभूम जिले में फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल से जुड़े वित्तीय गबन और भ्रष्टाचार मामले में पुलिस ने एक और सरकारी अधिकारी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सब्यसाची मंडल के रूप में हुई है, जो मोहम्मदबाजार ब्लॉक के भूमि एवं भूमि सुधार कार्यालय (बीएलआरओ) के पूर्व अधिकारी हैं। उन्हें शनिवार देर रात पूछताछ के दौरान बयानों में कई विसंगतियाँ सामने आने के बाद गिरफ्तार किया गया।
गिरफ्तारी की परिस्थितियाँ
पुलिस के अनुसार, सब्यसाची मंडल को पहले शनिवार को पूछताछ के लिए सूरी बुलाया गया था। जाँच के दौरान उनके बयानों में कई गंभीर विसंगतियाँ पाई गईं, जिसके बाद उसी रात उन्हें हिरासत में ले लिया गया। फिलहाल वे झाड़ग्राम जिले में कलेक्टर और भूमि अधिग्रहण अधिकारी के पद पर कार्यरत हैं।
जाँच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि सब्यसाची के तुलु मंडल से विशेष संबंध थे। उन पर सरकारी राजस्व के गबन और फर्जी डुप्लीकेट कार्बन रसीद (डीसीआर) गिरोह को मदद पहुँचाने का आरोप है।
कथित भूमिका और आरोप
जाँचकर्ताओं के अनुसार, सब्यसाची मंडल वर्ष 2022 से 2025 तक मोहम्मदबाजार के बीएलआरओ पद पर तैनात रहे। इसी अवधि में कथित तौर पर फर्जी डीसीआर के जरिए सरकारी राजस्व में करोड़ों रुपये की हेराफेरी की गई। आरोप है कि इस दौरान तुलु मंडल ने प्रशासन के एक वर्ग की मिलीभगत से फर्जी रसीदें तैयार करवाईं और सरकार को मिलने वाले राजस्व का बड़ा हिस्सा हड़प लिया।
मामले में अब तक की गिरफ्तारियाँ
यह मामले में अब तक की नवीनतम गिरफ्तारी है। इससे पहले पश्चिम बंगाल पुलिस की विशेष जाँच टीम (एसआईटी) ने बीएलआरओ कार्यालय के कोषाध्यक्ष विश्वजीत साहा समेत दो लोगों को गिरफ्तार किया था। पाँच दौर की पूछताछ के बाद बयानों में विसंगतियाँ सामने आने पर साहा को हिरासत में लिया गया था।
इसके अलावा तुलु मंडल के बेहद करीबी कर्मचारी कौसर अली को भी कई दौर की पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया था। जाँचकर्ताओं का दावा है कि कौसर तुलु की बेहिसाबी आय के अलावा उसके कई बैंक खातों का प्रबंधन करता था। पुलिस ने उसके पास से कई बैंक चेकबुक बरामद की थीं।
तुलु मंडल का कारोबारी नेटवर्क और फरारी
तुलु मंडल पर बीरभूम के मोहम्मदबाजार और नलहाटी समेत कई इलाकों में पत्थर और बालू के कारोबार पर कथित एकाधिकार रखने का आरोप है। यह मामला पिछली तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार के कार्यकाल से जुड़ा बताया जा रहा है।
तुलु के बहनोई मिनार मंडल के घर पर छापेमारी के दौरान ₹28.5 करोड़ नकद और 15 किलोग्राम सोना बरामद होने के बाद से तुलु फरार चल रहा है। जाँचकर्ताओं का अनुमान है कि वह दुबई या तुर्किये भाग गया है।
कानूनी कार्रवाई और आगे की दिशा
हाल ही में सरकारी वकील ने सूरी जिला अदालत में तुलु मंडल को 'घोषित अपराधी' घोषित करने और उसकी संपत्तियाँ जब्त करने के लिए आवेदन दायर किया है। यह ऐसे समय में आया है जब एसआईटी की जाँच का दायरा तेजी से बढ़ रहा है और एक के बाद एक सरकारी अधिकारी इस नेटवर्क के आरोपी के रूप में सामने आ रहे हैं। मामले की आगामी सुनवाई और संभावित संपत्ति जब्ती पर सबकी निगाहें टिकी हैं।