15 अगस्त 2026
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बीरभूम खदान मालिक कांड: भूमि विभाग के अधिकारी प्रोबीर दास गिरफ्तार, 6 दिन की पुलिस हिरासत

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बीरभूम खदान मालिक कांड: भूमि विभाग के अधिकारी प्रोबीर दास गिरफ्तार, 6 दिन की पुलिस हिरासत

सारांश

बंगाल में अवैध खनन घोटाले की जड़ें और गहरी होती दिख रही हैं — फरार खदान मालिक तुलु मंडल के ₹50 करोड़ से अधिक की संपत्ति बरामदगी के बाद अब सरकारी तंत्र के भीतर तक जांच पहुँच गई है। भूमि विभाग अधिकारी की गिरफ्तारी यह संकेत देती है कि यह मामला महज एक व्यापारी तक सीमित नहीं है।

मुख्य बातें

पश्चिम बंगाल पुलिस ने 15 अगस्त को भूमि एवं भू-राजस्व विभाग के मुख्य सहायक प्रोबीर दास को गिरफ्तार किया।
दास पर फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन से कथित संबंध का आरोप है।
छापेमारी में 5 मोबाइल फोन जब्त; बीरभूम जिला अदालत ने 6 दिन की पुलिस हिरासत मंजूर की।
तुलु के रिश्तेदार के घर से ₹28 करोड़ नकद और ₹22 करोड़ मूल्य का 15 किलो सोना बरामद हुआ था।
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तुलु मंडल की गतिविधियों की जांच शुरू करने की तैयारी की है।
तुलु मंडल को TMC के पूर्व बीरभूम जिलाध्यक्ष अनुब्रता मंडल का करीबी माना जाता है।

पश्चिम बंगाल पुलिस ने शनिवार, 15 अगस्त को बीरभूम जिले के फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन से कथित संबंधों के आरोप में राज्य के भूमि एवं भू-राजस्व विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार अधिकारी की पहचान सूरी उपमंडल कार्यालय में तैनात मुख्य सहायक प्रोबीर दास के रूप में हुई है।

गिरफ्तारी और छापेमारी का घटनाक्रम

बीरभूम जिला पुलिस की एक टीम ने सूरी स्थित प्रोबीर दास के आवास पर रात भर छापेमारी की और उन्हें हिरासत में लिया। छापेमारी के दौरान पाँच मोबाइल फोन जब्त किए गए। सरकारी वकील बिवास चट्टोपाध्याय ने अदालत को बताया कि जांचकर्ताओं को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो दास के तुलु मंडल की अवैध पत्थर खनन और पत्थर व्यापार गतिविधियों से कथित संबंध की ओर इशारा करते हैं।

दास को उसी दिन बीरभूम की जिला अदालत में पेश किया गया, जिसने उन्हें 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। दास की पत्नी साथी दास ने दावा किया कि उनके पति निर्दोष हैं और किसी भी कथित गतिविधि में उनकी कोई संलिप्तता नहीं है।

तुलु मंडल कौन है और वह फरार क्यों है

तुलु मंडल इस महीने की शुरुआत में हुई एक बड़ी बरामदगी के बाद से फरार है। उसके करीबी रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और करीब ₹22 करोड़ मूल्य का 15 किलो सोना बरामद किया गया था। पूछताछ में मीनार ने जांचकर्ताओं को बताया कि यह नकद और सोना तुलु का था और उसे केवल इन्हें अपने पास रखने की जिम्मेदारी सौंपी गई थी।

मंडल के फरार होने के बाद बीरभूम जिला अदालत ने उसके खिलाफ 'हुलिया' (वांछित भगोड़े की सूचना) जारी किया। इससे पहले उसके विरुद्ध 'रेड कॉर्नर' नोटिस भी जारी किया जा चुका था।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और टीएमसी कनेक्शन

कथित तौर पर तुलु मंडल ने दिहाड़ी मजदूर के रूप में करियर शुरू किया था और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेतृत्व वाली सरकार के दौरान तेजी से अमीर हुआ। उसे बीरभूम जिला TMC के पूर्व अध्यक्ष अनुब्रता मंडल का करीबी माना जाता है।

गौरतलब है कि अनुब्रता मंडल को करोड़ों रुपये के मवेशी तस्करी मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) और बाद में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उन्होंने कई महीने हिरासत में बिताए। वर्तमान में वह ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले TMC के 'विद्रोही' गुट से जुड़े हुए हैं। तुलु मंडल का नाम 2022 में मवेशी तस्करी मामले में भी सामने आया था, जब ED ने उनके आवास और कार्यालय पर छापा मारा था।

ईडी की जांच और आगे की कार्रवाई

प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तुलु मंडल की गतिविधियों की जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है। केंद्रीय एजेंसी के अधिकारी बीरभूम जिला पुलिस से जानकारी जुटा रहे हैं। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में अवैध खनन और उससे जुड़े भ्रष्टाचार के मामलों पर केंद्रीय एजेंसियों की नज़र पहले से तेज है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि सरकारी तंत्र के भीतर तक फैला हो सकता है — और यह पहली बार नहीं है जब बंगाल में भूमि-राजस्व तंत्र और अवैध खनन के बीच कड़ी उजागर हुई हो। तुलु मंडल का दिहाड़ी मजदूर से ₹50 करोड़ से अधिक की संपत्ति तक का सफर और TMC के शीर्ष नेताओं से उसकी कथित निकटता यह सवाल उठाती है कि राजनीतिक संरक्षण के बिना यह संभव था या नहीं। ED की संभावित प्रविष्टि इस मामले को राज्य पुलिस की सीमाओं से परे ले जा सकती है, लेकिन असली परीक्षा यह होगी कि क्या जांच ऊपर तक पहुँचती है या केवल निचले स्तर पर सिमट जाती है।
RashtraPress
15 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रोबीर दास को क्यों गिरफ्तार किया गया?
प्रोबीर दास, भूमि एवं भू-राजस्व विभाग के सूरी उपमंडल कार्यालय में मुख्य सहायक, को बीरभूम के फरार पत्थर खदान मालिक तुलु मंडल से कथित संबंधों के आरोप में गिरफ्तार किया गया। जांचकर्ताओं को ऐसे साक्ष्य मिले हैं जो उनके तुलु की अवैध खनन गतिविधियों से जुड़े होने की ओर इशारा करते हैं।
तुलु मंडल कौन है और वह फरार क्यों है?
तुलु मंडल उर्फ मोहम्मद नजीबुद्दीन बीरभूम जिले का एक पत्थर खदान मालिक है। इस महीने की शुरुआत में उसके रिश्तेदार मीनार मंडल के घर से ₹28 करोड़ नकद और ₹22 करोड़ मूल्य का 15 किलो सोना बरामद होने के बाद वह फरार हो गया। उसके विरुद्ध 'रेड कॉर्नर' नोटिस और जिला अदालत का 'हुलिया' जारी हो चुका है।
तुलु मंडल का TMC से क्या संबंध है?
तुलु मंडल को बीरभूम जिला TMC के पूर्व अध्यक्ष अनुब्रता मंडल का करीबी माना जाता है। कथित तौर पर तुलु ने TMC सरकार के दौरान तेजी से संपत्ति अर्जित की। अनुब्रता मंडल स्वयं मवेशी तस्करी मामले में CBI और ED द्वारा गिरफ्तार किए जा चुके हैं।
इस मामले में ED की क्या भूमिका है?
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने तुलु मंडल की गतिविधियों की जांच शुरू करने की तैयारी कर ली है और बीरभूम जिला पुलिस से जानकारी जुटा रही है। तुलु का नाम 2022 में मवेशी तस्करी मामले में ED की जांच के दौरान भी सामने आया था।
प्रोबीर दास को कितने दिन की हिरासत मिली?
बीरभूम की जिला अदालत ने प्रोबीर दास को 6 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। छापेमारी के दौरान उनके आवास से 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं जिनकी जांच की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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