15 सितंबर 2026
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बंगाल भूमि घोटाला: सीआईडी को मिलीं नकली सरकारी सील और स्टैम्प, TMC नेता सहित तीन गिरफ्तार

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बंगाल भूमि घोटाला: सीआईडी को मिलीं नकली सरकारी सील और स्टैम्प, TMC नेता सहित तीन गिरफ्तार

सारांश

पश्चिम बंगाल के सालबोनी भूमि घोटाले में CID को नकली सरकारी सील और स्टैम्प मिले हैं। TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के PA सहित तीन गिरफ्तार, चार्जशीट में सांसद के दो PSO समेत 20 गवाह — मामला जितना बड़ा दिख रहा है, उतना ही पेचीदा भी।

मुख्य बातें

CID को पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी में भूमि घोटाले की जाँच में राज्य सरकार की नकली सील और स्टैम्प मिले हैं।
गिरफ्तार तीन लोगों में सुमित रॉय (TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के PA), सुजॉय हाजरा (TMC पूर्व विधायक, मिदनापुर) और अमित घोष शामिल हैं।
सुजॉय हाजरा के घर से नकली रबर स्टैम्प सील , स्टैम्प पेपर, पासबुक और चेकबुक बरामद।
चार्जशीट में 20 गवाह ; इनमें अभिषेक बनर्जी के दो PSO भी शामिल।
टाइटल डीड में दर्ज पतों पर संबंधित व्यक्ति मौजूद ही नहीं थे — फर्जी दस्तावेज़ों का संकेत।

पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में करोड़ों रुपये के कथित भूमि हड़प घोटाले की जाँच कर रहे क्रिमिनल इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) को 15 सितंबर 2026 को अहम साक्ष्य हाथ लगे हैं। जाँच अधिकारियों के अनुसार, सरकारी भूमि को अवैध रूप से श्रेणी परिवर्तित कर ऊंचे दामों पर बेचने के लिए राज्य सरकार की नकली सील और स्टैम्प का इस्तेमाल किया गया था।

मुख्य घटनाक्रम

CID ने इस मामले में अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, इनमें पहले सुमित रॉय शामिल हैं, जो तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव और डायमंड हार्बर लोकसभा सीट से TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट बताए जाते हैं। दूसरे सुजॉय हाजरा हैं, जो मिदनापुर विधानसभा क्षेत्र से TMC के पूर्व विधायक हैं। तीसरे अमित घोष हैं, जो रॉय और हाजरा दोनों के करीबी सहयोगी बताए जाते हैं।

क्या मिला छापेमारी में

राज्य पुलिस के एक अधिकारी के अनुसार, जाँच अधिकारी जब भूमि के स्वामित्व दस्तावेज़ों (टाइटल डीड) में दर्ज पतों पर पहुँचे, तो उन पतों पर संबंधित व्यक्ति मौजूद ही नहीं थे। अधिकारी ने बताया, "सुजॉय हाजरा के घर से बड़ी संख्या में स्टैम्प पेपर और राज्य के भूमि एवं राजस्व विभाग की रबर स्टैम्प सील बरामद की गईं, जो बाद में नकली पाई गईं।" इसके अतिरिक्त, हाजरा के घर से कई पासबुक और चेकबुक भी ज़ब्त की गई हैं।

चार्जशीट और गवाहों की सूची

CID द्वारा दायर चार्जशीट में कुल 20 गवाहों के नाम शामिल किए गए हैं। उल्लेखनीय रूप से, इस सूची में अभिषेक बनर्जी के दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) के नाम भी गवाह के तौर पर दर्ज हैं। राज्य पुलिस के सूत्रों के अनुसार, इन PSO के बयान मामले को पुख्ता करने के लिहाज़ से अत्यंत महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।

एक पुलिस अधिकारी के मुताबिक, "गवाहों की सूची में पंचायत प्रमुखों से लेकर स्थानीय TMC नेताओं तक शामिल हैं। यहाँ तक कि सुजॉय हाजरा की कार के ड्राइवर को भी गवाह बनाया गया है।"

घोटाले की कार्यप्रणाली

जाँच में कथित तौर पर यह सामने आया है कि सरकारी भूमि को पहले नकली सरकारी मुहरों के ज़रिए अवैध रूप से एक अलग श्रेणी में परिवर्तित किया गया, और फिर उसे ऊंचे बाज़ार दामों पर बेचा गया। टाइटल डीड में फर्जी नाम और पते दर्शाना इस षड्यंत्र का अहम हिस्सा कथित तौर पर रहा। गौरतलब है कि यह मामला ऐसे समय में सुर्खियाँ बन रहा है जब पश्चिम बंगाल में भूमि विवादों और सत्तापक्ष से जुड़े घोटालों को लेकर राजनीतिक माहौल पहले से गरम है।

आगे क्या होगा

CID की जाँच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ संभव बताई जा रही हैं। नकली सील स्टैम्प के स्रोत और उनके नेटवर्क का खुलासा करना अब जाँच एजेंसी की प्रमुख प्राथमिकता होगी। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए, इस पर राजनीतिक और कानूनी दोनों मोर्चों पर सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जाँच एजेंसी के पास मौजूद सुरागों की गहराई का संकेत देता है। पश्चिम बंगाल में सरकारी तंत्र और सत्तादल के बीच कथित मिलीभगत के आरोप नए नहीं हैं, लेकिन नकली भूमि राजस्व सील की बरामदगी इस मामले को सामान्य राजनीतिक विवाद से ऊपर उठाती है। असली सवाल यह है कि ये नकली दस्तावेज़ इतने लंबे समय तक प्रशासनिक नज़रों से कैसे बचे रहे — और क्या यह महज कुछ व्यक्तियों की साजिश थी या कोई बड़ा नेटवर्क काम कर रहा था।
RashtraPress
15 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल सालबोनी भूमि घोटाला क्या है?
यह पश्चिम बंगाल के पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में सरकारी भूमि को कथित तौर पर नकली सरकारी सील और स्टैम्प के ज़रिए अवैध रूप से श्रेणी परिवर्तित करके ऊंचे दामों पर बेचने का मामला है। CID इस मामले की जाँच कर रही है और अब तक तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस मामले में किन्हें गिरफ्तार किया गया है?
CID ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया है — TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के पर्सनल असिस्टेंट सुमित रॉय, मिदनापुर से TMC के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा, और उनके करीबी सहयोगी अमित घोष।
सुजॉय हाजरा के घर से क्या बरामद हुआ?
जाँच अधिकारियों ने सुजॉय हाजरा के घर से राज्य के भूमि एवं राजस्व विभाग की नकली रबर स्टैम्प सील, बड़ी संख्या में स्टैम्प पेपर, और कई पासबुक तथा चेकबुक बरामद की हैं।
चार्जशीट में अभिषेक बनर्जी के PSO का नाम क्यों है?
CID द्वारा दायर चार्जशीट में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के दो पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर (PSO) को गवाह के रूप में शामिल किया गया है। राज्य पुलिस सूत्रों के अनुसार, उनके बयान मामले को पुख्ता करने के लिए महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
इस घोटाले में कथित धोखाधड़ी कैसे की गई?
आरोप है कि सरकारी भूमि को नकली सरकारी मुहरों और फर्जी टाइटल डीड के ज़रिए पहले अवैध रूप से एक अलग श्रेणी में परिवर्तित किया गया, फिर उसे ऊंचे बाज़ार भाव पर बेचा गया। जाँच में पाया गया कि टाइटल डीड में दर्ज पतों पर संबंधित नाम के व्यक्ति मौजूद ही नहीं थे।
राष्ट्र प्रेस
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