अभिषेक बनर्जी समेत 30 पर जमीन हड़पने का मामला: नदिया कोर्ट ने दिए पुलिस जांच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
नदिया जिला सेशन कोर्ट ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद एवं महासचिव अभिषेक बनर्जी और 29 अन्य आरोपियों के खिलाफ सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे के मामले में 13 अगस्त 2026 को पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत के अनुसार, कथित तौर पर नदिया और मुर्शिदाबाद जिलों में सरकारी भूमि पर 2016 से अवैध कब्जा किया जाता रहा।
मामले की पृष्ठभूमि
मूल रूप से कालीगंज के निवासी बपन घोष ने 15 जुलाई को कृष्णानगर जिला सेशन कोर्ट में यह शिकायत दर्ज कराई थी। उनका आरोप है कि 2016 से नदिया जिले के कालीगंज और बेनडांगा-2 ब्लॉक के अंतर्गत शक्तिपुर गांव में सरकारी जमीनों पर अवैध तरीके से कब्जा किया गया और बाद में उन्हें बेच दिया गया।
घोष के अनुसार, उन्होंने पहले इस मामले की शिकायत पुलिस और वन विभाग दोनों से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उनका दावा है कि शिकायत करने के बाद उन्हें TMC कार्यकर्ताओं की ओर से धमकियाँ मिलीं।
आरोपियों में कौन-कौन शामिल
शिकायत में नामित आरोपियों में कालीगंज से TMC विधायक अलीफ अहमद, बेलडांगा से TMC के पूर्व विधायक हसनुज्जमान शेख और पूर्ववर्ती सरकारों में विधायक रहे कई अन्य लोग शामिल हैं। कुल मिलाकर 30 लोगों के नाम इस मामले में आए हैं।
पर्यावरण क्षति का भी आरोप
शिकायतकर्ता घोष ने यह भी आरोप लगाया है कि अवैध कब्जे के दौरान नदिया और मुर्शिदाबाद के प्रभावित इलाकों में बड़े पैमाने पर पेड़ काटे गए, जिससे न केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान हुआ, बल्कि स्थानीय पर्यावरण को भी गंभीर क्षति पहुँची।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में हाल ही में संपन्न विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ है। घोष ने सत्ता परिवर्तन के बाद ही नदिया जिला सेशन कोर्ट में याचिका दाखिल की। TMC से जुड़े लोगों का कहना है कि ये आरोप राजनीतिक बदले की भावना से प्रेरित हैं और पुलिस जांच के बाद ही सच्चाई सामने आ सकेगी।
आगे क्या होगा
कोर्ट के आदेश के बाद अब पुलिस को इस मामले की विधिवत जांच करनी होगी। जांच में नदिया और मुर्शिदाबाद दोनों जिलों में कथित भूमि अधिग्रहण के दस्तावेज़ी साक्ष्य खंगाले जाएंगे। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी TMC के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक हैं और यह मामला पार्टी के लिए राजनीतिक रूप से संवेदनशील है।