9 अगस्त 2026
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सुमित रॉय लगातार दूसरे दिन कोलकाता CID के सामने पेश, अभिषेक बनर्जी के PA पर जमीन हड़पने के 4 मामले

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सुमित रॉय लगातार दूसरे दिन कोलकाता CID के सामने पेश, अभिषेक बनर्जी के PA पर जमीन हड़पने के 4 मामले

सारांश

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के PA सुमित रॉय लगातार दूसरे दिन कोलकाता CID के सामने पेश हुए। पश्चिम मिदनापुर में जमीन हड़पने के कथित मामले में उन पर 4 FIR दर्ज हैं। सर्वोच्च न्यायालय से अंतरिम सुरक्षा मिलने के बाद ही वे जाँच एजेंसी के सामने आए।

मुख्य बातें

सुमित रॉय , TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के PA, रविवार 9 अगस्त को लगातार दूसरे दिन दक्षिण कोलकाता CID कार्यालय में पेश हुए।
शनिवार को उनसे 11 घंटे से अधिक पूछताछ की गई; रात को वे कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के घर गए।
रॉय पर 4 एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें सालबोनी, पश्चिम मिदनापुर में सरकारी जमीन जाली दस्तावेजों से हड़पने का आरोप शामिल है।
फरारी के दौरान स्थानीय अदालत ने गिरफ्तारी वारंट और CID ने लुकआउट नोटिस जारी किया था।
सर्वोच्च न्यायालय से एक मामले में अंतरिम सुरक्षा मिलने के बाद रॉय CID के समक्ष उपस्थित हुए।

तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) सुमित रॉय रविवार, 9 अगस्त को लगातार दूसरे दिन दक्षिण कोलकाता स्थित सीआईडी (CID) कार्यालय में पूछताछ के लिए उपस्थित हुए। पश्चिम मिदनापुर जिले में कथित जमीन हड़पने के मामले में पश्चिम बंगाल पुलिस की CID टीम उनसे पूछताछ कर रही है।

मुख्य घटनाक्रम

शनिवार को सुमित रॉय सुबह करीब 10 बजे CID कार्यालय पहुँचे थे, जहाँ उनसे 11 घंटे से अधिक समय तक पूछताछ की गई। देर रात कार्यालय से निकलने के बाद वे कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के आवास पर गए। रविवार को वे पुनः जाँच एजेंसी के समक्ष हाजिर हुए।

रॉय के खिलाफ कुल चार एफआईआर दर्ज हैं, जिनमें पश्चिम मिदनापुर के सालबोनी में सरकारी ज़मीन को जाली दस्तावेजों के जरिए हड़पने और बेचने का आरोप प्रमुख है।

फरारी और कानूनी लड़ाई

रॉय काफी समय तक फरार रहे, जिसके चलते स्थानीय अदालत ने उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी किया और CID ने लुकआउट नोटिस जारी किया था। जून में पुलिस टीमों ने कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के घर और सेरामपुर में रॉय के ससुराल में तलाशी ली, लेकिन वे कहीं नहीं मिले।

गिरफ्तारी से बचने के लिए रॉय ने कलकत्ता उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया। पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमीन हड़पने के एक मामले में अंतरिम सुरक्षा प्रदान की, जिसके बाद वे CID के सामने उपस्थित हुए।

आरोपों का विवरण

जाँच एजेंसियों के अनुसार, सुमित रॉय पर आरोप है कि उन्होंने सालबोनी, पश्चिम मिदनापुर में सरकारी भूमि को फर्जी कागजातों के माध्यम से अपने नाम कराकर बेचा। शिकायत दर्ज होने के बाद पश्चिम बंगाल पुलिस की CID टीम इस पूरे मामले की जाँच कर रही है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब TMC के भीतर और बाहर दोनों जगह अभिषेक बनर्जी की करीबी टीम पर कानूनी दबाव बढ़ता जा रहा है। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और TMC के राष्ट्रीय महासचिव हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर TMC सरकार पर निशाना साधा है।

आगे क्या होगा

CID की जाँच जारी है और रॉय को सर्वोच्च न्यायालय से मिली अंतरिम सुरक्षा के दायरे में पूछताछ का सामना करना पड़ रहा है। मामले की अगली सुनवाई और जाँच की दिशा पर सभी की नजरें टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह भी दर्शाता है कि राज्य पुलिस की CID और न्यायपालिका के बीच इस मामले में तनाव किस स्तर पर है। चार FIR और महीनों की फरारी के बाद भी यदि जाँच की गति इतनी धीमी रही, तो जवाबदेही का सवाल केवल रॉय पर नहीं, बल्कि उस पूरी व्यवस्था पर उठता है जिसने इसे इतने लंबे समय तक संभव बनाए रखा।
RashtraPress
9 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमित रॉय कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
सुमित रॉय TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक (PA) हैं। उन पर पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में सरकारी जमीन को जाली दस्तावेजों के जरिए हड़पने और बेचने समेत कुल चार FIR दर्ज हैं।
सुमित रॉय CID के सामने क्यों पेश हुए?
सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमीन हड़पने के एक मामले में अंतरिम सुरक्षा प्रदान की, जिसके बाद वे CID के सामने उपस्थित हुए। इससे पहले वे फरार थे और उनके खिलाफ गिरफ्तारी वारंट व लुकआउट नोटिस जारी हो चुके थे।
CID ने सुमित रॉय के खिलाफ क्या कार्रवाई की थी?
पश्चिम बंगाल पुलिस की CID ने रॉय के खिलाफ लुकआउट नोटिस जारी किया था। जून में पुलिस ने कालीघाट में अभिषेक बनर्जी के घर और सेरामपुर में रॉय के ससुराल में तलाशी ली, लेकिन वे नहीं मिले। स्थानीय अदालत ने गिरफ्तारी वारंट भी जारी किया था।
इस मामले में सर्वोच्च न्यायालय की क्या भूमिका रही?
सुमित रॉय ने गिरफ्तारी से बचाव के लिए कलकत्ता उच्च न्यायालय और सर्वोच्च न्यायालय दोनों का दरवाजा खटखटाया। पिछले सप्ताह सर्वोच्च न्यायालय ने उन्हें जमीन हड़पने के एक मामले में अंतरिम सुरक्षा दी, जिसके बाद वे CID के समक्ष उपस्थित हुए।
अभिषेक बनर्जी का इस मामले से क्या संबंध है?
सुमित रॉय TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के PA हैं। CID की तलाशी में पुलिस कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर भी गई थी, हालाँकि रॉय वहाँ नहीं मिले। शनिवार रात पूछताछ के बाद रॉय उसी आवास पर गए।
राष्ट्र प्रेस
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