कलकत्ता हाईकोर्ट ने अभिषेक बनर्जी के फरार सहायक सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका ठुकराई
सारांश
मुख्य बातें
कलकत्ता हाईकोर्ट की एकल पीठ ने 25 जून 2026 को तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव एवं लोकसभा सांसद अभिषेक बनर्जी के फरार कार्यकारी सहायक सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत ने साथ ही रॉय को 29 जून तक अपने बैंक खातों और समस्त वित्तीय लेनदेन का विवरण शपथपत्र के रूप में प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
मुख्य घटनाक्रम
अदालत ने राज्य पुलिस को भी 29 जून तक सुमित रॉय के विरुद्ध दर्ज मामले की विस्तृत रिपोर्ट और केस डायरी पेश करने का आदेश दिया। सुमित रॉय के खिलाफ भ्रष्टाचार और अवैध भूमि कब्जे से जुड़े आरोपों में पहले ही गिरफ्तारी वारंट और लुकआउट नोटिस जारी किया जा चुका है।
गौरतलब है कि इसी महीने पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी थाने की पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) और कोलकाता पुलिस की संयुक्त टीम ने रॉय की तलाश में दक्षिण कोलकाता के कालीघाट स्थित अभिषेक बनर्जी के आवास पर तड़के छापेमारी की थी।
अदालत में दोनों पक्षों की दलीलें
रॉय के वकील ने दलील दी कि उनके मुवक्किल TMC महासचिव के कार्यालय में केवल एक कर्मचारी के रूप में कार्यरत थे। वकील ने अदालत से कहा, 'यदि पार्टी कार्यालय से भूमि बिक्री से जुड़े कुछ दस्तावेज बरामद हुए हैं तो उसके लिए मेरे मुवक्किल को कैसे जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?'
वहीं, राज्य सरकार के वकील ने अदालत को बताया कि पुलिस जाँच में फर्जी मुहरें और स्टांप बरामद हुए हैं। सरकारी पक्ष ने यह भी दावा किया कि जाँच के दौरान सुमित रॉय और TMC के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा के बीच करीबी संबंधों के प्रमाण मिले हैं।
सुजॉय हाजरा से संबंध और जाँच का दायरा
TMC के पूर्व विधायक सुजॉय हाजरा को इसी अवैध भूमि कब्जा मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। अधिकारियों के अनुसार, रॉय और हाजरा के बीच के संबंध इस मामले में जाँच का एक अहम पहलू बन गए हैं। यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में भूमि कब्जे और भ्रष्टाचार से जुड़े मामलों में राजनीतिक सहयोगियों की भूमिका की जाँच तेज हो रही है।
आगे क्या होगा
लंबे समय से संपर्क से बाहर रहने के बावजूद रॉय के वकील ने इसी महीने हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दायर की थी, जिसे गुरुवार को विस्तृत सुनवाई के बाद खारिज कर दिया गया। अब 29 जून को अदालत में वित्तीय ब्यौरे और पुलिस रिपोर्ट पेश होने के बाद मामले की अगली दिशा तय होगी। सुमित रॉय की गिरफ्तारी अभी भी लंबित है और उनकी तलाश जारी है।