सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई, गिरफ्तारी पर रोक जारी
सारांश
मुख्य बातें
सर्वोच्च न्यायालय सोमवार, 19 अगस्त 2026 को सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सुमित रॉय का नाम अवैध भूमि कब्जे और कथित 'सरकारी नौकरी के बदले नकदी' घोटाले — दोनों मामलों में सामने आया है। फ़िलहाल उनकी गिरफ्तारी पर शीर्ष अदालत की रोक बरकरार है।
मामले का घटनाक्रम
3 अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने भूमि कब्जे वाले मामले में सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हालाँकि उसी दिन अदालत ने 'सरकारी नौकरी के बदले पैसे' वाले दूसरे मामले में शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी और निर्देश दिया कि 10 दिन के भीतर जाँच एजेंसी के सामने पेश होना होगा।
इसके बाद 6 अगस्त को सुमित रॉय ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया और गिरफ्तारी जैसी कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की माँग की।
सुप्रीम कोर्ट का आदेश
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहाना की पीठ ने पश्चिम बंगाल पुलिस के भूमि कब्जे वाले मामले में सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि यह रोक शर्तों के साथ है — सुमित रॉय को जाँच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा और पूरा सहयोग करना होगा।
पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के अग्रिम जमानत अस्वीकृति के आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर नोटिस भी जारी किया।
जाँच में सहयोग पर विवाद
बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सुमित रॉय पुलिस के समन पर उपस्थित तो हो रहे हैं, लेकिन पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दे रहे। उन्होंने तर्क दिया कि इस स्थिति में हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब अदालत की शर्त के अनुसार सहयोग की बाध्यता पहले से तय है।
आगे क्या होगा
सर्वोच्च न्यायालय अब सोमवार को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा, जिसमें अग्रिम जमानत याचिका पर निर्णायक सुनवाई होने की संभावना है। गौरतलब है कि गिरफ्तारी पर रोक तब तक बरकरार रहेगी जब तक अदालत अन्यथा आदेश न दे। इस मामले का परिणाम पश्चिम बंगाल में चल रहे भूमि कब्जे और नौकरी घोटाले की जाँच की दिशा पर भी असर डाल सकता है।