19 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई, गिरफ्तारी पर रोक जारी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को करेगा सुनवाई, गिरफ्तारी पर रोक जारी

सारांश

TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुप्रीम कोर्ट सोमवार को सुनवाई करेगा। कलकत्ता उच्च न्यायालय की अस्वीकृति के बाद शीर्ष अदालत ने गिरफ्तारी पर रोक लगाई है, लेकिन सॉलिसिटर जनरल ने जाँच में असहयोग का आरोप लगाते हुए हिरासत में पूछताछ की माँग की है।

मुख्य बातें

सुप्रीम कोर्ट सोमवार, 19 अगस्त को सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने पश्चिम बंगाल पुलिस के भूमि कब्जे मामले में सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगाई हुई है।
3 अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय ने भूमि कब्जे मामले में अग्रिम जमानत खारिज की; 'नौकरी घोटाले' में शर्तों के साथ जमानत दी।
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सुमित रॉय सवालों का जवाब नहीं दे रहे, हिरासत में पूछताछ ज़रूरी है।
सुमित रॉय का नाम अवैध भूमि कब्जे और सरकारी नौकरी के बदले नकदी — दोनों मामलों में है।

सर्वोच्च न्यायालय सोमवार, 19 अगस्त 2026 को सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई करेगा। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाने वाले सुमित रॉय का नाम अवैध भूमि कब्जे और कथित 'सरकारी नौकरी के बदले नकदी' घोटाले — दोनों मामलों में सामने आया है। फ़िलहाल उनकी गिरफ्तारी पर शीर्ष अदालत की रोक बरकरार है।

मामले का घटनाक्रम

3 अगस्त को कलकत्ता उच्च न्यायालय में न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने भूमि कब्जे वाले मामले में सुमित रॉय की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी। हालाँकि उसी दिन अदालत ने 'सरकारी नौकरी के बदले पैसे' वाले दूसरे मामले में शर्तों के साथ अग्रिम जमानत दे दी और निर्देश दिया कि 10 दिन के भीतर जाँच एजेंसी के सामने पेश होना होगा।

इसके बाद 6 अगस्त को सुमित रॉय ने सर्वोच्च न्यायालय का दरवाज़ा खटखटाया और गिरफ्तारी जैसी कठोर पुलिस कार्रवाई से अंतरिम सुरक्षा की माँग की।

सुप्रीम कोर्ट का आदेश

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहाना की पीठ ने पश्चिम बंगाल पुलिस के भूमि कब्जे वाले मामले में सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक लगा दी। साथ ही अदालत ने स्पष्ट किया कि यह रोक शर्तों के साथ है — सुमित रॉय को जाँच एजेंसी के समक्ष उपस्थित होना होगा और पूरा सहयोग करना होगा।

पीठ ने कलकत्ता उच्च न्यायालय के अग्रिम जमानत अस्वीकृति के आदेश को चुनौती देने वाली विशेष अनुमति याचिका (SLP) पर नोटिस भी जारी किया।

जाँच में सहयोग पर विवाद

बुधवार को हुई सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि सुमित रॉय पुलिस के समन पर उपस्थित तो हो रहे हैं, लेकिन पूछे गए सवालों का जवाब नहीं दे रहे। उन्होंने तर्क दिया कि इस स्थिति में हिरासत में पूछताछ आवश्यक है। यह ऐसे समय में आया है जब अदालत की शर्त के अनुसार सहयोग की बाध्यता पहले से तय है।

आगे क्या होगा

सर्वोच्च न्यायालय अब सोमवार को इस मामले में अगली सुनवाई करेगा, जिसमें अग्रिम जमानत याचिका पर निर्णायक सुनवाई होने की संभावना है। गौरतलब है कि गिरफ्तारी पर रोक तब तक बरकरार रहेगी जब तक अदालत अन्यथा आदेश न दे। इस मामले का परिणाम पश्चिम बंगाल में चल रहे भूमि कब्जे और नौकरी घोटाले की जाँच की दिशा पर भी असर डाल सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन सॉलिसिटर जनरल का यह कहना कि आरोपी सवालों का जवाब नहीं दे रहा — यह उस शर्त की खोखली अनुपालना को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या सर्वोच्च न्यायालय इस 'तकनीकी सहयोग' को पर्याप्त मानेगा या हिरासत में पूछताछ का रास्ता खोलेगा — जो इस मामले की दिशा बदल सकता है।
RashtraPress
19 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमित रॉय कौन हैं और उन पर क्या आरोप हैं?
सुमित रॉय TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के करीबी माने जाते हैं। उन पर पश्चिम बंगाल में अवैध भूमि कब्जे और 'सरकारी नौकरी के बदले नकदी' लेने के दो अलग-अलग मामलों में आरोप हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने सुमित रॉय की गिरफ्तारी पर रोक क्यों लगाई?
6 अगस्त को सुमित रॉय ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर अंतरिम सुरक्षा माँगी थी। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की पीठ ने शर्तों के साथ गिरफ्तारी पर रोक लगाई और निर्देश दिया कि वे जाँच में पूरा सहयोग करें।
कलकत्ता उच्च न्यायालय ने इस मामले में क्या फैसला दिया था?
3 अगस्त को न्यायमूर्ति तीर्थंकर घोष की एकल पीठ ने भूमि कब्जे वाले मामले में अग्रिम जमानत खारिज कर दी। उसी दिन 'नौकरी घोटाले' वाले दूसरे मामले में शर्तों के साथ जमानत दी गई और 10 दिन में जाँच एजेंसी के सामने पेश होने का आदेश दिया गया।
सॉलिसिटर जनरल ने अदालत में क्या कहा?
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि सुमित रॉय पुलिस के समन पर उपस्थित तो हो रहे हैं, लेकिन पूछताछ में सवालों का जवाब नहीं दे रहे। उन्होंने तर्क दिया कि इस स्थिति में हिरासत में पूछताछ आवश्यक है।
इस मामले में अगली सुनवाई कब होगी?
सर्वोच्च न्यायालय में अगली सुनवाई सोमवार, 19 अगस्त को निर्धारित है। तब तक गिरफ्तारी पर रोक बरकरार रहेगी।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 सप्ताह पहले
  2. 1 सप्ताह पहले
  3. 1 सप्ताह पहले
  4. 1 सप्ताह पहले
  5. 2 सप्ताह पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 2 महीने पहले
  8. 2 महीने पहले