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शालबनी जमीन घोटाला: अभिषेक बनर्जी के सहायक सुमित रॉय की जमानत खारिज, 14 दिन न्यायिक हिरासत

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शालबनी जमीन घोटाला: अभिषेक बनर्जी के सहायक सुमित रॉय की जमानत खारिज, 14 दिन न्यायिक हिरासत

सारांश

पश्चिम मेदिनीपुर अदालत ने शालबनी जमीन घोटाले में TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय समेत चार आरोपियों की जमानत खारिज कर दी। 13 दिन की पुलिस हिरासत में मात्र एक मोबाइल और डेटा केबल बरामद होने के बाद भी अदालत ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत बरकरार रखी।

मुख्य बातें

पश्चिम मेदिनीपुर की सीजेएम अदालत ने 24 सितंबर 2026 को सुमित रॉय समेत चारों आरोपियों की जमानत याचिकाएँ खारिज कीं।
सभी चार आरोपियों — सुमित रॉय , अमित घोष , नृत्य रॉय और लक्ष्मीकांत भुइयां — को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
बचाव पक्ष का तर्क: 13 दिनों की पुलिस हिरासत में केवल एक मोबाइल फोन और एक डेटा केबल ही बरामद हो सकी।
रेत घोटाला मामले में सुमित रॉय पर कथित तौर पर ₹50 लाख के लेन देन का आरोप; अदालत ने 9 दिन की पुलिस हिरासत मंज़ूर की।
जमीन घोटाले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर , रेत घोटाले की 3 अक्टूबर को निर्धारित।

पश्चिम मेदिनीपुर की सीजेएम अदालत ने 24 सितंबर 2026 को शालबनी जमीन घोटाला मामले में तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय की जमानत याचिका खारिज कर दी और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इसी मामले में सह आरोपी अमित घोष, नृत्य रॉय और लक्ष्मीकांत भुइयां को भी न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।

अदालत में क्या हुआ

सरकारी वकील सैयद नाजिम हबीब के अनुसार, शालबनी थाने में दर्ज मामले में सीआईडी की पुलिस हिरासत पूरी होने के बाद सुमित रॉय समेत चारों आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। चारों की जमानत याचिकाओं पर विस्तार से सुनवाई के बाद अदालत ने सभी याचिकाएँ खारिज कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत का आदेश दिया। मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को निर्धारित की गई है।

बचाव पक्ष की दलीलें

सुमित रॉय के वकील प्रतिम दास गुप्ता ने कहा कि करीब 13 दिनों की पुलिस हिरासत के दौरान जाँच एजेंसी उनके मुवक्किल के पास से एक मोबाइल फोन और एक डेटा केबल के अलावा कोई अन्य महत्वपूर्ण वस्तु बरामद नहीं कर सकी। इसी आधार पर बचाव पक्ष ने जमानत की माँग की थी, परंतु अदालत ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया।

रेत घोटाले में भी पेश किए गए

जमीन घोटाले के अलावा, शालबनी थाने में दर्ज एक अलग रेत घोटाला मामले में भी सुमित रॉय को अदालत के समक्ष पेश किया गया। अभियोजन पक्ष के अनुसार, उन पर ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही की सुविधा देने के बदले कथित तौर पर करीब ₹50 लाख के लेन देन का आरोप है। बचाव पक्ष का दावा है कि यह मामला वर्ष 2023 का है और सुमित रॉय कथित धन लेन देन में सीधे तौर पर शामिल नहीं थे।

रेत घोटाले में हिरासत का आदेश

रेत घोटाला मामले में पुलिस ने 12 दिनों की हिरासत की माँग की थी, किंतु अदालत ने सुमित रॉय को 9 दिन की पुलिस हिरासत में भेजने का आदेश दिया। इस मामले की अगली सुनवाई 3 अक्टूबर को होगी। गौरतलब है कि सीआईडी दोनों मामलों की जाँच कर रही है और अभियोजन पक्ष ने अदालत के समक्ष जाँच से संबंधित तथ्य प्रस्तुत किए।

आगे क्या होगा

जमीन घोटाला मामले में अगली सुनवाई 7 अक्टूबर और रेत घोटाला मामले में 3 अक्टूबर को निर्धारित है। न्यायिक हिरासत के दौरान सीआईडी की जाँच जारी रहेगी। यह मामला पश्चिम बंगाल में जमीन और खनन से जुड़े भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाइयों की एक कड़ी के रूप में देखा जा रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पश्चिम बंगाल में स्थानीय स्तर पर संगठित भ्रष्टाचार की व्यापक तस्वीर की ओर इशारा करते हैं। TMC के एक प्रभावशाली सांसद के निजी सहायक का इस मामले में नाम आना राजनीतिक संरक्षण और जमीन माफिया के बीच संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े करता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर हिरासत के तकनीकी पहलुओं पर केंद्रित रहती है, लेकिन असली जवाबदेही तब आएगी जब सीआईडी की चार्जशीट यह स्पष्ट करे कि धन का प्रवाह किस स्तर तक पहुँचा था।
RashtraPress
25 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शालबनी जमीन घोटाला क्या है?
शालबनी जमीन घोटाला पश्चिम मेदिनीपुर जिले के शालबनी थाने में दर्ज एक भूमि धोखाधड़ी का मामला है, जिसकी जाँच सीआईडी कर रही है। इसमें TMC सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय समेत कई आरोपियों पर एफआईआर दर्ज है।
सुमित रॉय की जमानत क्यों खारिज हुई?
पश्चिम मेदिनीपुर की सीजेएम अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलें और जाँच से संबंधित तथ्यों को सुनने के बाद जमानत याचिका खारिज कर दी। बचाव पक्ष का यह तर्क कि 13 दिन की हिरासत में केवल एक मोबाइल और डेटा केबल बरामद हुई, अदालत को स्वीकार्य नहीं हुआ।
सुमित रॉय पर रेत घोटाले में क्या आरोप हैं?
रेत घोटाले में सुमित रॉय पर कथित तौर पर ओवरलोडेड वाहनों की आवाजाही की सुविधा देने के बदले करीब ₹50 लाख के लेन देन का आरोप है। बचाव पक्ष के अनुसार यह मामला वर्ष 2023 का है और वे सीधे तौर पर इसमें शामिल नहीं थे।
अगली सुनवाई कब होगी?
जमीन घोटाला मामले की अगली सुनवाई 7 अक्टूबर को और रेत घोटाला मामले की सुनवाई 3 अक्टूबर को निर्धारित है। दोनों मामलों में सीआईडी की जाँच जारी है।
इस मामले में और कौन कौन आरोपी हैं?
जमीन घोटाले में सुमित रॉय के अलावा अमित घोष, नृत्य रॉय और लक्ष्मीकांत भुइयां भी आरोपी हैं। इन सभी की जमानत याचिकाएँ खारिज होने के बाद चारों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
राष्ट्र प्रेस
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