19 सितंबर 2026
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अभिषेक बनर्जी के सहयोगी ने TMC खाते में जमा किए ₹7 करोड़, CID का पश्चिम मिदनापुर अदालत में दावा

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अभिषेक बनर्जी के सहयोगी ने TMC खाते में जमा किए ₹7 करोड़, CID का पश्चिम मिदनापुर अदालत में दावा

सारांश

पश्चिम बंगाल CID ने अदालत में दावा किया है कि अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक ने सांसद के कथित निर्देश पर ₹7 करोड़ TMC के खाते में जमा किए — सालबोनी भूमि घोटाले की जड़ें अब सीधे पार्टी की वित्तीय संरचना तक पहुँचती दिख रही हैं।

मुख्य बातें

CID ने 19 सितंबर 2026 को पश्चिम मिदनापुर अदालत में दावा किया कि सुमित रॉय ने ₹7 करोड़ TMC के खाते में जमा किए।
यह राशि 2018 से 2021 के बीच पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस के नाम दर्ज बैंक खाते में जमा की गई।
सुमित रॉय ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें यह राशि डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर टी.
सुमित ने भूमि घोटाले से सीधे धन प्राप्त करने से इनकार किया, लेकिन पार्टी निर्देश पर सालबोनी जाना स्वीकार किया।
अदालत ने सभी आरोपियों को पाँच दिन की CID हिरासत में भेजा; CID अब टी.
घोष का बयान दर्ज करना चाहती है।

पश्चिम बंगाल पुलिस के आपराधिक जांच विभाग (CID) ने 19 सितंबर 2026 को पश्चिम मिदनापुर की जिला अदालत में दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (TMC) के महासचिव एवं डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी के निजी सहायक सुमित रॉय ने ₹7 करोड़ पार्टी के एक बैंक खाते में जमा किए थे। यह खुलासा सालबोनी के कथित अवैध भूमि कब्जा मामले की जांच के दौरान CID द्वारा अदालत में दाखिल दस्तावेजों में किया गया।

मुख्य घटनाक्रम

सुमित रॉय को पूर्व TMC विधायक सुजय हाजरा समेत अन्य आरोपियों के साथ पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में सरकारी भूमि के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी कथित बिक्री के मामले में गिरफ्तार किया गया था। जांच एजेंसी के अनुसार, 2018 से 2021 के बीच कोलकाता स्थित एक सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक के उस खाते में ₹7 करोड़ जमा हुए, जो पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस के नाम पर दर्ज था।

CID द्वारा अदालत में पेश दस्तावेजों के अनुसार, सुमित रॉय ने जांचकर्ताओं को कथित तौर पर बताया कि डायमंड हार्बर सांसद के निर्देश पर उन्हें टी. घोष — जिन्हें सांसद का कोषाध्यक्ष बताया गया है — ने यह रकम TMC पार्टी फंड में जमा कराने को कही थी। हालांकि सुमित ने भूमि घोटाले से किसी राशि की प्राप्ति से इनकार किया।

आरोपी का बयान और जांच की दिशा

सुमित रॉय ने स्वीकार किया कि पार्टी के निर्देश पर वे कई बार सालबोनी गए थे, भले ही उन्होंने भूमि घोटाले से प्रत्यक्ष संबंध से इनकार किया। CID सूत्रों के अनुसार, यह रकम व्यक्तिगत खाते की बजाय पार्टी खाते में जमा कराना किसी एकल व्यक्ति का स्वतंत्र निर्णय नहीं हो सकता — यही कारण है कि जांच एजेंसी अब टी. घोष का बयान दर्ज करना चाहती है।

गौरतलब है कि इस महीने की शुरुआत में सुजय हाजरा के खिलाफ दाखिल चार्जशीट में भी CID ने इन जमा राशियों का उल्लेख किया था। यह मामला पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ दल से जुड़े कथित भ्रष्टाचार की एक और कड़ी के रूप में सामने आया है।

अदालत की कार्रवाई

सरकारी अधिवक्ता सैयद नाजिम हबीब ने अदालत में पुष्टि की कि सुमित रॉय, सुजय हाजरा और अन्य आरोपियों से आगे भी पूछताछ आवश्यक है। CID ने सात दिन की हिरासत की माँग की थी, जबकि सुमित के अधिवक्ता ने पहले जमानत याचिका दाखिल की, परंतु बाद में उसे वापस ले लिया। अंततः अदालत ने सभी गिरफ्तार आरोपियों को पाँच दिन की CID हिरासत में भेज दिया।

राजनीतिक पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस नेताओं से जुड़े कई मामलों की जांच केंद्रीय और राज्य एजेंसियाँ कर रही हैं। अभिषेक बनर्जी TMC के भीतर दूसरी सबसे प्रभावशाली हस्ती माने जाते हैं और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे हैं। विपक्षी दलों ने इस मामले को पार्टी-स्तरीय भ्रष्टाचार का उदाहरण बताते हुए CBI जांच की माँग की है। TMC की ओर से अब तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

आगे की जांच में CID की नज़र टी. घोष के बयान और पार्टी खाते में जमा राशि की उत्पत्ति की पड़ताल पर केंद्रित रहेगी — जो इस मामले में निर्णायक मोड़ साबित हो सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह महज जमीन के फर्जी दस्तावेजों का मामला नहीं रहेगा, बल्कि राजनीतिक फंडिंग और जवाबदेही का बड़ा सवाल बनेगा। गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी से जुड़े मामलों में केंद्रीय जांच एजेंसियाँ पहले से सक्रिय रही हैं, और अब राज्य की CID भी उसी दिशा में संकेत दे रही है — यह राजनीतिक दृष्टि से असाधारण स्थिति है। सबसे बड़ा अनुत्तरित प्रश्न यह है कि टी. घोष का बयान और पार्टी खाते में जमा राशि की वास्तविक उत्पत्ति क्या बताएगी।
RashtraPress
19 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सुमित रॉय पर TMC खाते में ₹7 करोड़ जमा करने का आरोप क्या है?
CID के अनुसार, सुमित रॉय ने 2018 से 2021 के बीच पश्चिम बंगाल तृणमूल यूथ कांग्रेस के नाम दर्ज एक बैंक खाते में ₹7 करोड़ जमा किए। उन्होंने कथित तौर पर जांचकर्ताओं को बताया कि यह रकम डायमंड हार्बर सांसद अभिषेक बनर्जी के निर्देश पर टी. घोष ने उन्हें दी थी।
सालबोनी भूमि घोटाला मामला क्या है?
पश्चिम मिदनापुर जिले के सालबोनी में सरकारी जमीन के फर्जी दस्तावेज तैयार कर उसकी कथित बिक्री का यह मामला है। इस मामले में पूर्व TMC विधायक सुजय हाजरा, सुमित रॉय और अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
अदालत ने आरोपियों को कितने दिन की हिरासत में भेजा?
पश्चिम मिदनापुर की जिला अदालत ने 19 सितंबर 2026 को सभी गिरफ्तार आरोपियों को पाँच दिन की CID हिरासत में भेज दिया। CID ने मूलतः सात दिन की हिरासत की माँग की थी।
CID अब आगे किस पर ध्यान केंद्रित कर रही है?
CID अब टी. घोष — जिन्हें अभिषेक बनर्जी का कोषाध्यक्ष बताया गया है — का बयान दर्ज करना चाहती है। जांच एजेंसी का मानना है कि ₹7 करोड़ की राशि का पार्टी खाते में जाना किसी एक व्यक्ति का स्वतंत्र निर्णय नहीं हो सकता।
क्या अभिषेक बनर्जी को इस मामले में आरोपी बनाया गया है?
अभी तक इस मामले में अभिषेक बनर्जी को औपचारिक रूप से आरोपी नहीं बनाया गया है। CID ने अदालत में उनके नाम का उल्लेख सुमित रॉय के कथित बयान के संदर्भ में किया है, और जांच जारी है।
राष्ट्र प्रेस
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