चीन-लाओस सीमा-पार डिजिटल भुगतान सेवा शुरू, डिजिटल युआन से होगा सीधा लेन-देन
सारांश
मुख्य बातें
चीन और लाओस के बीच सीमा-पार डिजिटल भुगतान की अंतर्संबंधता 19 सितंबर 2026 को औपचारिक रूप से सक्रिय हो गई, जिससे दोनों देशों के नागरिक और व्यापारी सीधे डिजिटल माध्यम से वित्तीय लेन-देन कर सकेंगे। चीनी पीपुल्स बैंक के अनुसार, यह उपलब्धि दोनों देशों के केंद्रीय बैंकों के बीच जून 2026 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन का सीधा परिणाम है।
समझौते की पृष्ठभूमि
यह सेवा जून 2026 में चीन और लाओस के केंद्रीय बैंकों के बीच हस्ताक्षरित 'वित्तीय नवाचार, डिजिटल भुगतान और वैधानिक डिजिटल मुद्रा सहयोग को मजबूत करने संबंधी समझौता ज्ञापन' के अंतर्गत एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। गौरतलब है कि यह पहल चीन की व्यापक डिजिटल मुद्रा कूटनीति का हिस्सा है, जिसके तहत वह अपने पड़ोसी देशों के साथ वित्तीय एकीकरण को गहरा कर रहा है।
बारकोड भुगतान: कैसे काम करेगी यह प्रणाली
डिजिटल रनमिनबी (डिजिटल युआन) अंतरराष्ट्रीय संचालन केंद्र द्वारा विकसित डिजिटल रनमिनबी सीमा-पार निपटान समग्र सेवा मंच (सीबीईटीएस) ने लाओस के राष्ट्रीय भुगतान नेटवर्क (एलएपी-नेट) के साथ सफलतापूर्वक तकनीकी कनेक्शन स्थापित कर लिया है। इसके परिणामस्वरूप, डिजिटल युआन और लाओस के स्थानीय बारकोड भुगतान प्रणाली के बीच सीमा-पार लेन-देन की सुविधा अब व्यावहारिक रूप से उपलब्ध हो गई है।
2025 के अंत तक चीनी निवासी अपने डिजिटल रनमिनबी वॉलेट के माध्यम से लाओस के स्थानीय वाणिज्यिक बैंकों से जुड़े व्यापारियों के यहाँ स्कैन-कोड पद्धति से सीधा भुगतान कर सकेंगे। दोनों पक्ष इस सुविधा को और व्यापक बनाने तथा इसके उपयोग का दायरा विस्तृत करने पर सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं, विशेष रूप से पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के संदर्भ में।
व्यापार और निवेश निपटान में भी बड़ा कदम
आर्थिक और व्यापारिक लेन-देन के क्षेत्र में भी सहयोग ठोस रूप ले रहा है। लाओस के कुछ स्थानीय बैंक पहले से ही सीबीईटीएस से जुड़ चुके हैं और उन्होंने नई 'डिजिटल रनमिनबी लिफ्ट' (सीबीईटीएस लिफ्ट) सेवा आरंभ कर दी है, जो व्यापार निपटान और निवेश-वित्तपोषण को डिजिटल माध्यम से सक्षम बनाती है।
आम जनता और व्यापार पर असर
यह कदम चीन-लाओस के बीच आवाजाही करने वाले पर्यटकों, व्यापारियों और प्रवासी श्रमिकों के लिए सीमा-पार वित्तीय लेन-देन को सरल और किफायती बनाएगा। दोनों देशों के बीच चीन-लाओस रेलवे के संचालन के बाद से व्यापार और पर्यटन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे इस डिजिटल भुगतान सुविधा की आवश्यकता और प्रासंगिकता और भी बढ़ गई है।
आगे की राह
यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर केंद्रीय बैंक डिजिटल मुद्राओं (CBDC) के सीमा-पार उपयोग को लेकर प्रयोग तेज हो रहे हैं। चीन की डिजिटल युआन परियोजना अब द्विपक्षीय से आगे बढ़कर क्षेत्रीय वित्तीय एकीकरण की दिशा में एक व्यावहारिक साधन बनती दिख रही है। दोनों देश इस प्रणाली के विस्तार और उपयोगकर्ता अनुभव को बेहतर बनाने के लिए आगे भी समन्वय जारी रखेंगे।