शुभमन गिल का बड़ा स्वीकारोक्ति: फील्डिंग और डेथ ओवर बॉलिंग में सुधार जरूरी, सीरीज 2-1 से जीती
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान शुभमन गिल ने 4 अक्टूबर को नई चंडीगढ़ में खेले गए तीसरे वनडे में वेस्टइंडीज के हाथों 5 विकेट से मिली हार के बाद माना कि फील्डिंग और डेथ ओवर बॉलिंग में तत्काल सुधार की आवश्यकता है। हालाँकि, गिल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह 2-1 से सीरीज जीतने वाली टीम के समग्र प्रदर्शन से संतुष्ट हैं।
मैच का घटनाक्रम
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 7 विकेट पर 351 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। रोहित शर्मा (92 रन) और ऋतुराज गायकवाड़ (57 रन) ने दूसरे विकेट के लिए 137 रनों की महत्त्वपूर्ण साझेदारी की, जिसके बाद केएल राहुल ने नाबाद 129 रनों की पारी से पारी को मज़बूत आधार दिया।
लेकिन यह स्कोर भी पर्याप्त नहीं रहा। वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने नाबाद 162 रनों की असाधारण पारी खेलते हुए अपनी टीम को वनडे इतिहास के सबसे बड़े सफल रन-चेज में से एक में पार कराया। यह 2023 के बाद इस फॉर्मेट में वेस्टइंडीज की भारत पर पहली जीत थी।
गिल की प्रतिक्रिया — क्या कहा कप्तान ने
मैच के बाद प्रेजेंटेशन सेरेमनी में गिल ने कहा, 'कई चीजें सही रहीं। मुझे लगता है कि अभी भी कुछ ऐसी चीजें हैं जिनमें निश्चित रूप से सुधार की जरूरत है। मैं बनाए गए स्कोर से बहुत खुश था। मुझे लगता है कि खेल हमारे कंट्रोल में था, लेकिन इस टीम के खिलाफ चार ओवर पीछे रहने और फिर आखिरी ओवरों में, मुझे लगता है कि उन्होंने हमसे खेल छीन लिया।'
डेथ ओवर रणनीति पर उन्होंने कहा, 'डेथ बॉलिंग भी। मुझे लगता है कि कभी-कभी हम पूरी तरह से स्पष्ट नहीं होते कि हम अटैक कर रहे हैं या डिफेंड, खासकर जब हम डेथ ओवरों में बॉलिंग कर रहे होते हैं। ये कुछ ऐसे क्षेत्र हैं जिनमें हमें निश्चित रूप से बेहतर होने की जरूरत है।'
कुलदीप यादव के ओवर बचाने की रणनीति
गिल ने रिस्ट-स्पिनर कुलदीप यादव के ओवर देर से उपयोग करने के अपने फैसले को भी उचित ठहराया। उन्होंने बताया कि तेज गेंदबाज गुरनूर बरार को क्रैम्प्स की समस्या थी और यह स्पष्ट नहीं था कि वह वापस आकर बॉलिंग कर पाएंगे या नहीं।
गिल ने कहा, 'नहीं, असल में ऐसा नहीं था। हमें नहीं पता था कि गुरनूर क्रैम्प्स के बावजूद वापस आकर बॉलिंग कर पाएंगे या नहीं। इसलिए थोड़ी अनिश्चितता थी। वह विकेट लेने वाले बॉलर हैं और मैं चाहता था कि उनके कुछ ओवर आखिर के लिए बचे रहें।'
फील्डिंग पर चिंता — वर्ल्ड कप से पहले खतरे की घंटी
गिल ने पूरी सीरीज में छह या सात कैच छूटने की बात स्वीकार की और इसे वर्ल्ड कप से पहले एक गंभीर चेतावनी के रूप में रेखांकित किया।
उन्होंने कहा, 'मैं काफी हद तक खुश हूं, लेकिन अभी भी कुछ कमियाँ हैं। हमारी फील्डिंग और बेहतर हो सकती थी। पूरी सीरीज में हमने लगभग छह या सात कैच छोड़े, जो वर्ल्ड कप से पहले अच्छा संकेत नहीं है।' गौरतलब है कि यह ऐसे समय में आया है जब भारतीय टीम बड़े टूर्नामेंट की तैयारियों में जुटी है और फील्डिंग की खामियाँ निर्णायक मुकाबलों में महंगी साबित हो सकती हैं।
आगे क्या होगा
जायडेन सील्स के हाथों जल्दी आउट होने पर गिल ने कहा, 'जब भी आप जल्दी आउट होते हैं तो हमेशा निराशा होती है, लेकिन मुझे नहीं लगता कि आज उस गेंद पर मैं कुछ और बेहतर कर सकता था।' सीरीज 2-1 से जीतने के बावजूद यह हार भारतीय टीम प्रबंधन के लिए एक स्पष्ट संकेत है कि डेथ ओवर रणनीति और फील्डिंग अनुशासन पर काम करना अभी बाकी है।