शुभमन गिल का वनडे में 223* का तूफान, भारत ने वेस्टइंडीज को 8 विकेट से रौंदकर सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बनाई
सारांश
मुख्य बातें
कप्तान शुभमन गिल ने 30 सितंबर को गुवाहाटी के बारसापरा क्रिकेट स्टेडियम में वनडे क्रिकेट के इतिहास में अपना सबसे बड़ा स्कोर दर्ज करते हुए 133 गेंदों में 223 रन नाबाद की पारी खेली और भारत को वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में 8 विकेट से शानदार जीत दिलाई। इस जीत के साथ टीम इंडिया ने तीन मैचों की सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त हासिल कर ली है।
वेस्टइंडीज की बड़ी पारी — 405 रनों का पहाड़
टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी वेस्टइंडीज ने निर्धारित 50 ओवरों में 7 विकेट खोकर 405 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया। टीम को 37 के स्कोर पर पहला झटका लगा जब कीसी कार्टी मात्र 9 रन बनाकर पवेलियन लौटे।
इसके बाद जॉन कैंपबेल और शाई होप ने दूसरे विकेट के लिए 79 गेंदों में 110 रन की साझेदारी कर टीम को 147 तक पहुँचाया। कैंपबेल ने 68 गेंदों में 9 चौके और 5 छक्के लगाते हुए 101 रन की पारी खेली।
कैंपबेल के आउट होने के बाद कप्तान शाई होप ने आमिर जंगू के साथ तीसरे विकेट के लिए 131 गेंदों में 182 रन की विस्फोटक साझेदारी की। होप 94 गेंदों में 8 चौके और 3 छक्के की मदद से 104 रन बनाकर आउट हुए, जबकि जंगू ने 77 गेंदों में 13 चौके और 3 छक्के लगाते हुए 114 रन की धुआँधार पारी खेली। रोस्टन चेज ने अंत में 29 रन नाबाद जोड़कर स्कोर को और मजबूत किया।
भारत की ओर से गूरनूर बरार, रवींद्र जडेजा और कुलदीप यादव ने 2-2 विकेट लिए, जबकि प्रसिद्ध कृष्णा ने 1 विकेट अपने नाम किया।
गिल का ऐतिहासिक तूफान — 223* का अविश्वसनीय स्कोर
406 रनों के विशाल लक्ष्य का पीछा करते हुए भारत ने 43.3 ओवरों में ही मैच अपने नाम कर लिया। ओपनर रोहित शर्मा और कप्तान गिल ने पहले विकेट के लिए 158 गेंदों में 255 रन की दमदार साझेदारी कर भारत की नींव रखी।
रोहित 75 गेंदों में 10 चौके और 6 छक्के की मदद से 101 रन बनाकर आउट हुए। इसके बाद विराट कोहली ने गिल के साथ दूसरे विकेट के लिए 35 गेंदों में 65 रन जोड़कर टीम को 300 के पार पहुँचाया।
अंत में गिल ने ऋतुराज गायकवाड़ के साथ तीसरे विकेट के लिए 68 गेंदों में 86 रन की अटूट साझेदारी कर भारत को आसान जीत दिलाई। गिल ने अपनी 133 गेंदों की पारी में 26 चौके और 8 छक्के लगाए — यह उनका वनडे करियर का सर्वश्रेष्ठ स्कोर है। गायकवाड़ 37 गेंदों में 2 चौकों के साथ 31 रन नाबाद रहे। मेहमान टीम की ओर से जेडेन सील्स और शमार जोसेफ ने एक-एक विकेट लिया।
सीरीज का संदर्भ और पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि भारत ने सीरीज का पहला वनडे भी 8 विकेट के अंतर से जीता था, यानी लगातार दो मैचों में एकतरफा प्रदर्शन। यह ऐसे समय में आया है जब टीम इंडिया आगामी बड़े टूर्नामेंटों की तैयारी में जुटी है और युवा कप्तान गिल अपनी नेतृत्व क्षमता का लोहा मनवा रहे हैं।
405 रन के लक्ष्य का सफलतापूर्वक पीछा करना वनडे क्रिकेट में असाधारण उपलब्धि है। यह भारत की बल्लेबाजी गहराई और आत्मविश्वास का स्पष्ट प्रमाण है।
आगे क्या होगा
तीन मैचों की वनडे सीरीज का तीसरा और अंतिम मुकाबला 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ में खेला जाएगा। सीरीज पहले ही भारत के नाम हो चुकी है, इसलिए यह मैच दोनों टीमों के लिए प्रयोग का अवसर बन सकता है। इसके बाद 5 मुकाबलों की टी20 सीरीज का आयोजन होगा, जिसमें भारत अपनी लय बरकरार रखने की कोशिश करेगा।