शुभमन गिल का नाबाद 223: वनडे रन-चेज में सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर, भारत की 8 विकेट से ऐतिहासिक जीत
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने 30 सितंबर 2026 को गुवाहाटी में वेस्टइंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में नाबाद 223 रन की ऐतिहासिक पारी खेलकर वनडे रन-चेज इतिहास का सबसे बड़ा व्यक्तिगत स्कोर बना दिया। इस पारी की बदौलत भारत ने 406 रन के विशाल लक्ष्य को महज 39 गेंदें बाकी रहते 8 विकेट से हासिल कर लिया और तीन मैचों की सीरीज भी जीत ली।
रिकॉर्ड-तोड़ पारी का ब्यौरा
गिल ने 26 चौके और 8 छक्के की मदद से अपनी पारी सजाई। उन्होंने 89 गेंदों में 150 रन पूरे किए और फिर 39वें ओवर में लॉज की गेंद पर एक रन लेकर मात्र 117 गेंदों में दोहरा शतक जड़ा। इस तरह उन्होंने ईशान किशन के 126 गेंदों में बने सबसे तेज वनडे दोहरे शतक का रिकॉर्ड तोड़ दिया।
उनकी नाबाद 223 रन की पारी ने 2023 में अफगानिस्तान के खिलाफ ग्लेन मैक्सवेल के नाबाद 201 रन के रिकॉर्ड को भी ध्वस्त कर दिया, जो वनडे रन-चेज में किसी बल्लेबाज का सर्वोच्च व्यक्तिगत स्कोर था।
ऐतिहासिक उपलब्धियों की झड़ी
यह गिल के करियर का दूसरा वनडे दोहरा शतक था। इसके साथ ही वह क्रिकेट इतिहास के एकमात्र ऐसे कप्तान बन गए जिन्होंने टेस्ट और वनडे — दोनों प्रारूपों में कप्तानी करते हुए दोहरा शतक लगाया है। 406 रन का सफल रन-चेज वनडे इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा सफल रन-चेज भी है।
गर्मी और ऐंठन के बावजूद मैदान पर डटे रहे
मैच के बाद गिल ने शारीरिक कठिनाई स्वीकार की। उन्होंने कहा, 'मुझे लगता है कि अभी मेरे शरीर के हर हिस्से में ऐंठन हो रही है। दोपहर में बहुत गर्मी थी। जब लगभग 13 ओवर बचे थे, तो ऐसा लग रहा था जैसे हमने पहले ही 20-25 ओवर फील्डिंग कर ली हो।'
गिल ने यह भी जोड़ा, '400 रनों का पीछा करना कभी आसान नहीं होता। मैं इस बात से बहुत खुश हूं कि मैं आखिर तक टिका रहा और टीम के लिए मैच खत्म कर सका।'
रणनीति: खेल को छोटे हिस्सों में बांटा
गिल ने ओपनिंग पार्टनर रोहित शर्मा के साथ मिलकर विशाल लक्ष्य को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटने की रणनीति अपनाई। उन्होंने समझाया, 'पावरप्ले में हमारा लक्ष्य था कि बिना कोई विकेट खोए लगभग 75-80 रन बना लें। एक बार जब गेंद पुरानी हो जाती है, तो विकेट पर बल्लेबाजी करना बहुत आसान हो जाता है।'
उन्होंने बताया कि एक तरफ की बाउंड्री छोटी होने का फायदा उठाकर तेज गेंदबाजों पर निशाना साधा गया। पारी के आधे रास्ते तक कोई विकेट न गिरना भारत के लिए 'बड़ा बोनस' रहा।
गेंदबाजी पर चिंता और तीसरे मैच की तैयारी
गिल ने बल्लेबाजी से खुश होने के बावजूद गेंदबाजी प्रदर्शन को लेकर चिंता जाहिर की। उन्होंने माना कि पावरप्ले में गेंदबाजी उतनी अच्छी नहीं रही और एक वक्त लगा कि वेस्टइंडीज 420-430 रन तक पहुंच सकती है। सीरीज पहले ही जीत लेने के बाद, उन्होंने संकेत दिया कि न्यू चंडीगढ़ में शनिवार को होने वाले तीसरे और अंतिम वनडे में बेंच स्ट्रेंथ को मौका मिल सकता है।