श्वेता तिवारी के 46वें जन्मदिन पर याद: 'कसौटी जिंदगी की' की प्रेरणा से बिग बॉस 4 की पहली महिला विजेता तक
सारांश
मुख्य बातें
अभिनेत्री श्वेता तिवारी ने 4 अक्टूबर 2026 को अपना 46वाँ जन्मदिन मनाया। 4 अक्टूबर 1980 को जन्मीं श्वेता ने दो दशक से अधिक लंबे करियर में टेलीविजन, रियलिटी शो और फिल्मों में अपनी मज़बूत उपस्थिति दर्ज कराई है। एकता कपूर के धारावाहिक 'कसौटी जिंदगी की' में प्रेरणा शर्मा के किरदार ने उन्हें भारतीय टेलीविजन का एक जाना-पहचाना चेहरा बना दिया।
करियर की शुरुआत और बड़ा मोड़
श्वेता तिवारी का टेलीविजन सफर 1999-2000 के आसपास शुरू हुआ। हालाँकि, उनके करियर को असली पहचान 2001 में मिली, जब उन्होंने 'कसौटी जिंदगी की' में काम शुरू किया। 2001 से 2008 तक उन्होंने प्रेरणा शर्मा की भूमिका निभाई, जो दर्शकों के दिलों में गहरी जगह बना गई। इस किरदार के लिए उन्हें लीड रोल में सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री के लिए इंडियन टेली अवॉर्ड्स सहित कई पुरस्कार और नामांकन मिले।
रियलिटी शो में उपलब्धियाँ
2010 में श्वेता ने बिग बॉस 4 में हिस्सा लिया और विजेता बनकर उभरीं। इसके साथ ही वह इस लोकप्रिय रियलिटी शो की पहली महिला विजेता बन गईं — एक ऐसा रिकॉर्ड जो आज भी उनकी पहचान का हिस्सा है। इसके अलावा उन्होंने नच बलिए, झलक दिखला जा 6 और फियर फैक्टर: खतरों के खिलाड़ी 11 जैसे चर्चित रियलिटी शोज़ में भी शिरकत की।
टेलीविजन और फिल्मों में विस्तार
श्वेता ने 'कसौटी जिंदगी की' के बाद 'परवरिश - कुछ खट्टी कुछ मीठी', 'बेगूसराय', 'मेरे डैड की दुल्हन' और 'मैं हूँ अपराजिता' जैसे धारावाहिकों में प्रमुख भूमिकाएँ निभाईं। यह ऐसे समय में आया जब डिजिटल मनोरंजन का दौर तेज़ी से बदल रहा था। उन्होंने हिंदी के अलावा भोजपुरी और अन्य क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों में भी काम किया।
निजी जीवन के उतार-चढ़ाव
श्वेता तिवारी की निजी ज़िंदगी भी कई बार सुर्खियों में रही। उन्होंने 1998 में अभिनेता राजा चौधरी से विवाह किया, जिनसे उनकी बेटी पलक तिवारी हैं। यह रिश्ता टिक नहीं सका और 2012 में दोनों का तलाक हो गया। इसके बाद 2013 में उन्होंने अभिनेता अभिनव कोहली से विवाह किया। दोनों के बेटे रेयांश का जन्म 2016 में हुआ। बाद में इस रिश्ते में भी विवाद सामने आए और दोनों अलग हो गए।
अगली पीढ़ी में पलक तिवारी
गौरतलब है कि श्वेता की बेटी पलक तिवारी अब खुद मनोरंजन जगत में सक्रिय हैं और अपनी अलग पहचान बनाने में जुटी हैं। यह माँ-बेटी की जोड़ी टेलीविजन की उस विरासत को आगे बढ़ाती दिखती है जो श्वेता ने दो दशक पहले शुरू की थी। 46वें जन्मदिन पर श्वेता का सफर यह साबित करता है कि भारतीय टेलीविजन में लंबे समय तक प्रासंगिक बने रहना किसी उपलब्धि से कम नहीं।