महाराष्ट्र सूखा: सुनेत्रा पवार ने एनसीपी नेताओं को किसानों के खेतों का दौरा कर फसल नुकसान का जायजा लेने का आदेश दिया
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र में सूखे जैसे गंभीर हालात के बीच, उप-मुख्यमंत्री एवं नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को पार्टी के मंत्रियों, प्रभारी मंत्रियों, सांसदों, विधायकों, पूर्व विधायकों और प्रमुख पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे स्वयं किसानों के खेतों का दौरा करें और फसल को हुए नुकसान का व्यक्तिगत आकलन करें। लंबे समय तक वर्षा न होने के कारण खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और महाराष्ट्र के किसान समुदाय पर गहरा आर्थिक संकट मंडरा रहा है।
मुख्य निर्देश और पार्टी की अपील
सुनेत्रा पवार ने एनसीपी प्रतिनिधियों से स्पष्ट शब्दों में कहा कि प्राकृतिक आपदा के इस दौर में किसान बेसहारा नहीं रहने चाहिए। उन्होंने नेताओं को निर्देश दिया कि वे प्रभावित क्षेत्रों में जाएँ, किसानों की परेशानियाँ सुनें और प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित कर समय पर राहत सुनिश्चित करें।
उन्होंने कहा, 'जब किसान मुश्किल दौर से गुजर रहे हों, तो उनके साथ मजबूती से खड़े रहना हमारा फर्ज है। उनके खेतों में जाएँ, उनकी परेशानियाँ सुनें, उन्हें भरोसा दिलाएँ और उन्हें जरूरी सरकारी मदद दिलाने की हर मुमकिन कोशिश करें।' उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से यह भी अपील की कि किसानों के मन में यह विश्वास जगाएँ कि मुश्किल समय में एनसीपी उनके साथ है।
पंचनामा और राहत प्रक्रिया पर जोर
पवार ने विशेष रूप से इस बात पर बल दिया कि किसानों की समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि पंचनामा — फसल नुकसान की आधिकारिक दस्तावेज़ीकरण प्रक्रिया — समय पर पूरी हो। सरकारी स्तर पर राहत एवं अन्य आवश्यक उपाय तत्काल लागू किए जाने पर उन्होंने ज़ोर दिया।
उप-मुख्यमंत्री ने नेताओं से कहा कि वे आम जनता के लिए सुलभ रहें और राहत कार्यों की निगरानी करें। यह निर्देश ऐसे समय में आया है जब राज्य सरकार राहत उपायों का आकलन कर रही है और विपक्षी दल प्रभावित किसानों को बिना शर्त आर्थिक सहायता देने की माँग कर दबाव बना रहे हैं।
'लालबागचा राजा' दर्शन और किसानों के लिए प्रार्थना
इसी दिन सुनेत्रा पवार ने मुंबई में प्रसिद्ध 'लालबागचा राजा' के दर्शन किए और किसानों के संकट से राहत के लिए प्रार्थना की। उनके कार्यालय से जारी बयान के अनुसार, उन्होंने प्रार्थना की कि किसानों के खेतों में फिर से हरियाली आए, फसलों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध हो और उनकी कठिन मेहनत का उचित फल मिले। उन्होंने भगवान गणेश से यह भी कामना की कि पूरे महाराष्ट्र में अच्छी वर्षा हो, फसल का नुकसान न हो और किसान खुशहाल तथा समृद्ध रहें।
नासिक 'चिंतन शिविर' स्थगित
इससे एक दिन पहले, मंगलवार को पवार ने नासिक में 27 सितंबर को निर्धारित एनसीपी के 'चिंतन शिविर' को स्थगित करने की घोषणा की थी। पार्टी के भीतर कुछ नेताओं ने चेतावनी दी थी कि खेती-किसानी के संकट के दौरान बड़े राजनीतिक आयोजन से पार्टी की छवि को नुकसान पहुँच सकता है। आंतरिक विमर्श के बाद कार्यक्रम को स्थगित करने का निर्णय लिया गया, जो पार्टी नेतृत्व की किसान-केंद्रित प्राथमिकता को दर्शाता है।
आगे की राह
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में सूखे की यह स्थिति केवल फसल नुकसान तक सीमित नहीं है — ग्रामीण अर्थव्यवस्था, पशुधन और पेयजल आपूर्ति पर भी इसका व्यापक असर पड़ रहा है। राज्य सरकार की राहत घोषणाओं और विपक्ष की माँगों के बीच, एनसीपी का यह जमीनी अभियान आगामी समय में किसान राजनीति की दिशा तय कर सकता है।