2 अक्टूबर 2026
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शरद पवार का पुणे के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा, 100% कृषि कर्ज माफी और 17 सूत्रीय राहत की माँग

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शरद पवार का पुणे के सूखाग्रस्त इलाकों का दौरा, 100% कृषि कर्ज माफी और 17 सूत्रीय राहत की माँग

सारांश

शरद पवार ने 2 अक्टूबर को पुणे के सूखाग्रस्त बारामती, पुरंदर और दौंड तालुका का दौरा कर किसानों की तकलीफों को नजदीक से देखा। उन्होंने 17 सूत्रीय राहत पैकेज, 100% कर्ज माफी और विशेष विधानसभा सत्र की माँग करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस से जल्द मुलाकात का भरोसा दिलाया।

मुख्य बातें

शरद पवार ने 2 अक्टूबर 2026 को पुणे जिले के बारामती, पुरंदर और दौंड तालुका के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया।
पवार ने किसानों का 100 प्रतिशत कृषि कर्ज तत्काल माफ करने और 17 सूत्रीय राहत पैकेज लागू करने की माँग की।
राज्य के 265 तालुका को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है, लेकिन पुरंदर समेत कई प्रभावित तालुका अभी भी सूची से बाहर हैं।
किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख और भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को ₹25,000 की तत्काल सहायता की माँग की गई।
पवार ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से तीन दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाने का आग्रह किया।
27 सितंबर को मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पवार ने पुरंदर को आधिकारिक सूखाग्रस्त सूची में शामिल करने की माँग पहले ही रखी थी।

राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (शरदचंद्र पवार) के अध्यक्ष शरद पवार ने 2 अक्टूबर 2026 को पुणे जिले के सूखा प्रभावित क्षेत्रों का व्यापक दौरा शुरू किया और महाराष्ट्र राज्य सरकार से किसानों का 100 प्रतिशत कृषि कर्ज तत्काल माफ करने की माँग की। बारामती, पुरंदर और दौंड तालुका के खेतों का जायजा लेने के बाद उन्होंने पुरंदर तालुका के परिंचे गाँव में ग्रामीणों को संबोधित किया और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से व्यक्तिगत मुलाकात का भरोसा दिलाया।

मुख्य घटनाक्रम

पवार ने बारामती, पुरंदर और दौंड तालुका के खेतों में पहुँचकर फसलों को हुए नुकसान का प्रत्यक्ष आकलन किया। उन्होंने किसानों और स्थानीय ग्रामीणों से सीधी बातचीत की और उनकी समस्याओं को पहले हाथ से समझने की कोशिश की। पवार के अनुसार, 27 सितंबर को उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर पुरंदर समेत कई तालुका को आधिकारिक सूखाग्रस्त सूची में शामिल करने की माँग की थी।

17 सूत्रीय राहत पैकेज की माँग

मुख्यमंत्री फडणवीस को लिखे पत्र में पवार ने 17 सूत्रीय राहत पैकेज की माँग की है। इनमें प्रमुख हैं — किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख और भूमिहीन खेतिहर मजदूरों को ₹25,000 की तत्काल सहायता। उन्होंने सहकारी, राष्ट्रीयकृत, शहरी और समाज कल्याण से जुड़े वित्तीय संस्थानों के सभी कृषि कर्ज और रोजगार-व्यवसाय से संबंधित ऋण पूरी तरह माफ करने की भी अपील की।

इसके अलावा पवार ने कृषि पंपों के बिजली बिल माफ करने, सूखाग्रस्त इलाकों में बिजली कनेक्शन न काटने, और खेतिहर मजदूरों तथा कृषि परिवारों को प्रति परिवार 25 किलो मुफ्त अनाज देने की माँग की। सूखा प्रभावित परिवारों के छात्रों की ट्यूशन, हॉस्टल और मेस फीस माफ करने की भी अपील की गई।

पुरंदर को सूखाग्रस्त सूची में शामिल करने की माँग

पवार ने इस बात पर जोर दिया कि राज्य सरकार ने 265 तालुका को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित किया है, लेकिन पुरंदर समेत कई बुरी तरह प्रभावित क्षेत्र अभी भी इस सूची से बाहर हैं। उन्होंने कहा, 'बारिश की कमी के कारण किसानों और पशुओं के लिए जीवन मुश्किल हो गया है। फिलहाल मेरी प्राथमिकता सरकार पर जल्द कदम उठाने के लिए दबाव बनाना है, ताकि खेतों में बची फसलों को बचाया जा सके।'

यह ऐसे समय में आया है जब महाराष्ट्र में मानसून की कमी ने कृषि संकट को और गहरा कर दिया है। गौरतलब है कि प्रभावित इलाकों में पशुओं के लिए पानी और चारे की भी भारी किल्लत बताई जा रही है।

प्रशासनिक सुधारों की माँग

पवार ने पानी के टैंकरों की मंजूरी का अधिकार सीधे तहसीलदारों को देने की माँग की, जिससे आपातकालीन स्थिति में प्रशासनिक विलंब से बचा जा सके। उन्होंने 'विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन' (पूर्व में मनरेगा) के तहत रोजगार माँग स्थल से तीन किलोमीटर के दायरे में तत्काल स्थानीय रोजगार कार्य शुरू करने पर भी जोर दिया। इसके साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं की सभी लंबित राशि तुरंत जारी करने और राहत निधि सीधे संभागीय आयुक्तों एवं जिला कलेक्टरों को उपलब्ध कराने की माँग की गई।

विशेष विधानसभा सत्र की माँग

पवार ने मुख्यमंत्री फडणवीस से महाराष्ट्र विधानमंडल का तीन दिवसीय विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया। उनका कहना है कि दशहरा और दिवाली से पहले सूखे की स्थिति पर विस्तृत चर्चा होनी चाहिए और प्रभावित परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुँचनी चाहिए। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वस्त किया कि वे मुख्यमंत्री से जल्द मुलाकात करेंगे और किसानों की हर माँग सरकार के सामने रखेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली सवाल यह है कि क्या सरकार दशहरा-दिवाली की समयसीमा से पहले इन पर कार्रवाई करेगी या ये माँगें भी पिछले सूखा-राहत चक्रों की तरह फाइलों में दब जाएंगी। पवार का मुख्यमंत्री फडणवीस से पहले का संवाद और उनकी 'विचार करने की सहमति' उत्साहजनक है, लेकिन महाराष्ट्र में कृषि राहत का इतिहास बताता है कि घोषणा और वास्तविक वितरण के बीच की खाई अक्सर सबसे बड़ी बाधा होती है।
RashtraPress
2 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शरद पवार ने पुणे के किन इलाकों का सूखा दौरा किया?
शरद पवार ने 2 अक्टूबर 2026 को पुणे जिले के बारामती, पुरंदर और दौंड तालुका के सूखा प्रभावित खेतों का दौरा किया। उन्होंने पुरंदर तालुका के परिंचे गाँव में ग्रामीणों से सीधी बातचीत भी की।
शरद पवार ने किसानों के लिए क्या माँगें रखी हैं?
पवार ने 100 प्रतिशत कृषि कर्ज माफी, किसानों को प्रति हेक्टेयर ₹1 लाख और भूमिहीन मजदूरों को ₹25,000 की तत्काल सहायता सहित 17 सूत्रीय राहत पैकेज की माँग की है। उन्होंने कृषि पंपों के बिजली बिल माफी और सूखाग्रस्त क्षेत्रों में बिजली कटौती पर रोक की भी अपील की।
महाराष्ट्र में कितने तालुका को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है?
राज्य सरकार ने अब तक 265 तालुका को आधिकारिक रूप से सूखाग्रस्त घोषित किया है। हालाँकि शरद पवार का कहना है कि पुरंदर समेत कई बुरी तरह प्रभावित तालुका अभी भी इस सूची से बाहर हैं।
क्या शरद पवार मुख्यमंत्री फडणवीस से मिलेंगे?
हाँ, पवार ने परिंचे के ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से व्यक्तिगत मुलाकात करेंगे और किसानों की सभी माँगें उनके सामने रखेंगे। उन्होंने बताया कि फडणवीस पहले ही जमीनी हालात पर विचार करने की सहमति दे चुके हैं।
पवार ने विशेष विधानसभा सत्र की माँग क्यों की?
पवार ने दशहरा और दिवाली से पहले सूखे की स्थिति पर विस्तृत चर्चा और नीतिगत फैसले लेने के लिए तीन दिवसीय विशेष विधानसभा सत्र बुलाने की माँग की है। उनका तर्क है कि त्योहारों से पहले प्रभावित किसान परिवारों तक आर्थिक सहायता पहुँचनी चाहिए।
राष्ट्र प्रेस
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