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अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज: 'मॉक पार्लियामेंट में ही पीएम बन जाओ, असली में कभी नहीं बनोगे'

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अमित शाह का राहुल गांधी पर तंज: 'मॉक पार्लियामेंट में ही पीएम बन जाओ, असली में कभी नहीं बनोगे'

सारांश

हैदराबाद में 'लोकतंत्र बचाओ' पदयात्रा के दौरान गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की मॉक पार्लियामेंट पर सीधा तंज कसा और SIR पर कांग्रेस के 13 करोड़ वोट काटने के दावे को आँकड़ों के साथ खारिज किया। इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली को 'घुसपैठिया बचाओ रैली' बताया।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद में BJP की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा निकाली।
शाह ने राहुल गांधी पर तंज कसा — 'मॉक पार्लियामेंट में ही पीएम बन जाओ, असली संसद में यह संभव नहीं।' SIR से 13 करोड़ वोट काटने के कांग्रेस के दावे को खारिज किया; 2.8 करोड़ मृत मतदाता, 3 करोड़ घुसपैठियों के नाम बताए।
रामलीला मैदान रैली को 'घुसपैठिया बचाओ रैली' करार दिया।
पदयात्रा से पहले भाग्य लक्ष्मी मंदिर में पूजा और निजाम कॉलेज से मार्च की शुरुआत।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार, 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' पदयात्रा के दौरान कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर जोरदार प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी मॉक पार्लियामेंट में ही प्रधानमंत्री बन सकते हैं, असली संसद में यह संभव नहीं।

शाह का सीधा हमला

जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा, 'राहुल गांधी ने दो दिन पहले मॉक पार्लियामेंट की थी। मुझसे पूछा होता तो मैं कहता — नकली पार्लियामेंट में विपक्ष के नेता बने बिना ही प्रधानमंत्री बन जाओ, क्योंकि असली पार्लियामेंट में राहुल गांधी कभी प्रधानमंत्री नहीं बन पाएंगे।'

शाह ने यह भी कहा कि राहुल गांधी हाथ में संविधान रखते हैं, लेकिन संविधान का सम्मान नहीं करते। उनके अनुसार, 'संविधान का दायित्व संसद में निभाया जाता है, लेकिन राहुल गांधी संसद चलने ही नहीं देते।'

SIR पर BJP बनाम कांग्रेस की जंग

यह पदयात्रा मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर जारी विवाद की पृष्ठभूमि में निकाली गई। शाह ने राहुल गांधी के उस दावे को सीधे खारिज किया जिसमें कहा गया था कि SIR के कारण 13 करोड़ मतदाताओं के नाम सूची से काटे गए।

शाह ने इसका तर्कपूर्ण खंडन करते हुए कहा कि सवा छह करोड़ मतदाता वे हैं जो दूसरी जगह रहने चले गए हैं, 2.8 करोड़ ऐसे लोग हैं जिनकी मृत्यु हो चुकी है, एक करोड़ प्रविष्टियाँ डुप्लीकेट हैं, और शेष तीन करोड़ नाम बांग्लादेशी घुसपैठियों के हैं।

विपक्ष की दिल्ली रैली पर पलटवार

एक दिन पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में इंडिया गठबंधन की रैली हुई थी, जिसे विपक्ष ने 'वोट बचाओ रैली' बताया था। शाह ने इसे 'घुसपैठिया बचाओ रैली' कहा और आरोप लगाया कि कांग्रेस SIR को रोककर बांग्लादेशी घुसपैठियों को मतदाता सूची में बनाए रखना चाहती है।

उन्होंने कहा, 'भाजपा एक-एक घुसपैठिए को मतदाता सूची और देश से बाहर निकालकर ही दम लेगी।' EVM विवाद पर शाह ने विपक्ष को घेरते हुए कहा कि यदि EVM में गड़बड़ी है, तो तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी और केरल, तमिलनाडु, हिमाचल प्रदेश में विपक्षी सरकारें कैसे बनीं।

हैदराबाद यात्रा की शुरुआत

पदयात्रा से पहले अमित शाह ने भाग्य लक्ष्मी मंदिर में पूजा-अर्चना की और फिर निजाम कॉलेज से मार्च की शुरुआत की। इस अवसर पर उन्होंने सरदार पटेल को याद करते हुए कहा, 'यदि सरदार पटेल ने उस समय निजाम को नहीं झुकाया होता, तो हैदराबाद आज भारत का हिस्सा नहीं होता।'

BJP की यह पदयात्रा अभियान दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और हैदराबाद समेत देशभर में एक साथ चल रहा है। गौरतलब है कि SIR का मुद्दा इस समय राष्ट्रीय राजनीति का केंद्रबिंदु बना हुआ है और दोनों पक्ष आक्रामक स्थिति में हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन चुनाव आयोग का स्वतंत्र और सार्वजनिक ऑडिट अभी तक सामने नहीं आया है। मॉक पार्लियामेंट पर तंज राजनीतिक दृष्टि से तीखा है, पर यह असली सवाल से ध्यान भटकाता है — SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता कितनी है और हटाए गए वोटों की श्रेणीवार सत्यापन कहाँ है। जब तक निष्पक्ष डेटा सार्वजनिक नहीं होता, दोनों पक्षों के दावे राजनीतिक बयानबाजी से ज़्यादा कुछ नहीं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अमित शाह ने राहुल गांधी की मॉक पार्लियामेंट पर क्या कहा?
अमित शाह ने हैदराबाद में कहा कि राहुल गांधी को मॉक पार्लियामेंट में ही प्रधानमंत्री बन जाना चाहिए क्योंकि असली संसद में वे कभी पीएम नहीं बन पाएंगे। यह तंज राहुल गांधी द्वारा आयोजित मॉक पार्लियामेंट सत्र के दो दिन बाद आया।
SIR विवाद क्या है और BJP-कांग्रेस में इस पर क्यों टकराव है?
SIR यानी मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण एक प्रक्रिया है जिसमें मतदाता सूची की समीक्षा कर अवैध या गलत प्रविष्टियाँ हटाई जाती हैं। कांग्रेस का आरोप है कि इससे 13 करोड़ असली मतदाताओं के नाम काटे गए, जबकि शाह का कहना है कि ये नाम मृत, स्थानांतरित, डुप्लीकेट और घुसपैठियों के थे।
'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान क्या है?
यह BJP का राष्ट्रव्यापी पदयात्रा अभियान है जो कांग्रेस की रामलीला मैदान रैली के जवाब में शुरू किया गया है। यह अभियान दिल्ली, बिहार, पश्चिम बंगाल और हैदराबाद समेत कई शहरों में एक साथ चलाया जा रहा है।
शाह ने EVM विवाद पर विपक्ष को कैसे घेरा?
शाह ने तर्क दिया कि यदि EVM में सचमुच गड़बड़ी होती तो तेलंगाना में रेवंत रेड्डी, केरल, तमिलनाडु और हिमाचल प्रदेश में विपक्षी सरकारें नहीं बनतीं। उन्होंने कहा कि जब जीतते हैं तो जनादेश मानते हैं और जब हारते हैं तो EVM को दोष देते हैं।
अमित शाह ने हैदराबाद में सरदार पटेल का ज़िक्र क्यों किया?
शाह ने कहा कि यदि सरदार वल्लभभाई पटेल ने समय रहते निजाम को न झुकाया होता, तो हैदराबाद आज भारत का हिस्सा नहीं होता। यह बयान हैदराबाद के ऐतिहासिक संदर्भ में BJP की राष्ट्रवादी भावना को रेखांकित करने के लिए दिया गया।
राष्ट्र प्रेस
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