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अमित शाह का हैदराबाद में 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च, BJP बोली कांग्रेस के झूठ का देंगे करारा जवाब

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अमित शाह का हैदराबाद में 'लोकतंत्र बचाओ' मार्च, BJP बोली  कांग्रेस के झूठ का देंगे करारा जवाब

सारांश

गृह मंत्री अमित शाह के हैदराबाद दौरे ने तेलंगाना की सियासत में उबाल ला दिया। 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान कांग्रेस की रामलीला मैदान रैली का सीधा जवाब है — और भाजपा का दावा है कि यहीं से तेलंगाना में सत्ता परिवर्तन का बिगुल बजेगा।

मुख्य बातें

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद में BJP के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान को संबोधित किया।
भाजपा ने इसे कांग्रेस इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली के जवाब के रूप में प्रस्तुत किया।
राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने दावा किया कि अगले चुनावों में तेलंगाना में भाजपा की सरकार बनेगी।
रैली सेंटर सोसाइटी फॉर डेमोक्रेसी और पीपल फॉर डेमोक्रेसी फोरम द्वारा आयोजित की गई।
भाजपा प्रवक्ता महेश नामानी के अनुसार रामलीला मैदान में 28 हज़ार कुर्सियाँ लगाई गई थीं, जो कथित तौर पर खाली रहीं — दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के 2 नवंबर 2026 को हैदराबाद दौरे से पहले शहर का राजनीतिक माहौल तेज़ी से गरमा गया। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के तहत हैदराबाद की सड़कों और चौराहों को पोस्टरों व बैनरों से पाट दिया गया। भाजपा ने इस कार्यक्रम को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन की रामलीला मैदान रैली के सीधे जवाब के रूप में प्रस्तुत किया और दावा किया कि यह एसआईआर तथा चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस द्वारा फैलाए जा रहे कथित झूठ के विरुद्ध एक देशव्यापी जागरूकता मार्च है।

अभियान की पृष्ठभूमि

भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने स्पष्ट किया कि यह हैदराबाद कार्यक्रम देशभर में चल रहे 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान की एक कड़ी है। उन्होंने कहा, "अमित शाह आज हैदराबाद आ रहे हैं। पूरे देश में इस अभियान के तहत कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं और यह कार्यक्रम भी उसी श्रृंखला का हिस्सा है।"

रेखा शर्मा ने आगे दावा किया कि गृह मंत्री के इस दौरे का राजनीतिक संदेश भी स्पष्ट है। उनके अनुसार, "आज की तारीख और समय नोट कर लीजिए। अगले चुनावों के बाद हम आपको याद दिलाएंगे कि हमने कहा था कि तेलंगाना में अगली सरकार भारतीय जनता पार्टी की होगी।"

भाजपा नेताओं के तीखे तेवर

हैदराबाद में भाजपा नेता मनमीत सिंह ने कांग्रेस पर सीधा हमला बोला। उनके अनुसार, "कांग्रेस ने पूरे देश में झूठ की अराजकता फैला रखी है। उसके खिलाफ भारतीय जनता पार्टी पूरे देश में महा पदयात्रा निकाल रही है। हम लोगों को सच्चाई से वाकिफ करा रहे हैं।"

भाजपा प्रवक्ता महेश नामानी ने बताया कि यह रैली सेंटर सोसाइटी फॉर डेमोक्रेसी और पीपल फॉर डेमोक्रेसी नामक फोरम द्वारा आयोजित की जा रही है। नामानी ने रामलीला मैदान की कांग्रेस रैली पर तंज कसते हुए दावा किया, "कल रामलीला मैदान में 28 हज़ार कुर्सियाँ लगाई गई थीं, लेकिन उन पर बैठने के लिए भी लोग नहीं थे।" यह दावा कांग्रेस के आधिकारिक आँकड़ों से मेल नहीं खाता और इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।

तेलंगाना की राजनीतिक अहमियत

यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है। भाजपा प्रवक्ता ने इसे रेखांकित करते हुए कहा कि हैदराबाद का चयन जानबूझकर किया गया है — जहाँ से गृह मंत्री कांग्रेस शासन पर सवाल उठाएंगे। नामानी ने सरदार वल्लभ भाई पटेल का भी उल्लेख किया और कहा कि हैदराबाद को विमुक्ति दिलाने की विरासत भाजपा के साथ जुड़ी है।

गौरतलब है कि तेलंगाना में भाजपा अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश में लंबे समय से लगी है। अमित शाह का यह दौरा उसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

आगे क्या

भाजपा नेताओं के अनुसार, गृह मंत्री अमित शाह के भाषण में एसआईआर और चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस के आरोपों का विस्तार से जवाब दिए जाने की उम्मीद है। यह देशव्यापी महा पदयात्रा अभियान भाजपा की उस व्यापक रणनीति का हिस्सा है जिसमें वह विपक्ष के हर आंदोलन का ज़मीनी स्तर पर प्रतिउत्तर देना चाहती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो पार्टी आयोजन और नागरिक समाज आयोजन के बीच की रेखा को धुंधला करती है। रामलीला मैदान की भीड़ पर भाजपा के दावे सत्यापित नहीं हुए — ऐसी परस्पर विरोधी भीड़ गणनाएँ अब हर बड़ी रैली के बाद मानक राजनीतिक हथियार बन चुकी हैं।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान क्या है?
यह भारतीय जनता पार्टी का एक देशव्यापी जागरूकता अभियान है, जिसके तहत महा पदयात्राएँ और रैलियाँ आयोजित की जा रही हैं। भाजपा का कहना है कि यह अभियान एसआईआर और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस द्वारा कथित रूप से फैलाई जा रही भ्रामक जानकारी के विरुद्ध है।
अमित शाह हैदराबाद क्यों आए?
गृह मंत्री अमित शाह 2 नवंबर 2026 को 'लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ' अभियान के हिस्से के रूप में हैदराबाद आए। भाजपा नेताओं ने इसे तेलंगाना में अगले चुनाव से पहले पार्टी की स्थिति मज़बूत करने की दिशा में एक अहम कदम बताया।
यह मार्च कांग्रेस की रामलीला मैदान रैली से कैसे जुड़ा है?
भाजपा ने इस हैदराबाद कार्यक्रम को कांग्रेस और इंडिया गठबंधन द्वारा रविवार को रामलीला मैदान में आयोजित रैली का सीधा जवाब बताया। भाजपा प्रवक्ता ने दावा किया कि रामलीला मैदान की रैली में 28 हज़ार कुर्सियाँ खाली रहीं, हालाँकि इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
हैदराबाद की यह रैली किसने आयोजित की?
भाजपा प्रवक्ता महेश नामानी के अनुसार, यह रैली 'सेंटर सोसाइटी फॉर डेमोक्रेसी' और 'पीपल फॉर डेमोक्रेसी' नामक फोरम द्वारा आयोजित की गई। भाजपा इसे अपने व्यापक राष्ट्रीय अभियान से जोड़ कर देख रही है।
तेलंगाना में भाजपा की राजनीतिक स्थिति क्या है?
फिलहाल तेलंगाना में कांग्रेस की सरकार सत्ता में है। भाजपा लंबे समय से राज्य में अपनी उपस्थिति मज़बूत करने की कोशिश कर रही है। राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा ने दावा किया कि अगले विधानसभा चुनावों में भाजपा तेलंगाना में सरकार बनाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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