अमित शाह: भाजपा इमरजेंसी से नहीं चलाती सरकार, यह कांग्रेस की सोच; जेन-ज़ी आंदोलन पर दिया करारा जवाब
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 13 सितंबर 2026 को मुंबई में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में जेन-ज़ी आंदोलन पर पूछे गए सवाल के जवाब में स्पष्ट कहा कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) आपातकाल लगाकर शासन करने में विश्वास नहीं रखती — यह कांग्रेस की कार्यशैली है, भाजपा की नहीं। यह प्रेस कॉन्फ्रेंस 17 सितंबर से शुरू होने वाले 'सेवा संकल्प अभियान' के ऐलान के अवसर पर बुलाई गई थी, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन और संवैधानिक पद पर 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में चलाया जाएगा।
जेन-ज़ी आंदोलन पर शाह का रुख
गृह मंत्री शाह ने कहा, 'हम लोकतंत्र में हैं और कई विषयों पर लोगों का अपना मत होता है, जिसे व्यक्त करना ज़रूरी है।' उन्होंने आगे जोड़ा, 'भाजपा की सरकार इमरजेंसी लगाकर शासन नहीं कर सकती — यह कांग्रेस की संस्कृति है, लेकिन हमारी नहीं। हम बातचीत करते हैं।' यह बयान ऐसे समय में आया है जब देशभर में युवा पीढ़ी की राजनीतिक सहभागिता को लेकर बहस जारी है।
सेवा संकल्प अभियान क्या है
राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) और भाजपा के सहयोगी दलों ने मिलकर 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक यानी पूरे एक महीने के लिए 'सेवा संकल्प अभियान' चलाने का निर्णय किया है। शाह ने बताया कि इससे पहले 17 सितंबर से 2 अक्टूबर तक 'सेवा सप्ताह' के रूप में मोदी का जन्मदिन मनाने की परंपरा रही है, लेकिन इस वर्ष एक विशेष उद्देश्य के चलते इसे विस्तार दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 7 अक्टूबर को प्रधानमंत्री मोदी के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में सार्वजनिक जीवन के 25 वर्ष पूरे हो रहे हैं। शाह के अनुसार, देश में बहुत कम नेता ऐसे हुए हैं जिन्होंने राज्य के मुख्यमंत्री और देश के प्रधानमंत्री के रूप में लगातार जनसेवा का ऐसा रिकॉर्ड बनाया हो।
अभियान की व्यापकता और पहुँच
गृह मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह अभियान देश की हर प्रशासनिक इकाई — सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों — में संचालित किया जाएगा। हर ज़िले, हर लोकसभा क्षेत्र, हर विधानसभा क्षेत्र और हर बूथ स्तर तक जनता से सीधा संपर्क साधा जाएगा। इससे अभियान की ज़मीनी पहुँच का अंदाज़ा लगाया जा सकता है।
अभियान के प्रमुख कार्यक्रम
शाह ने इस अभियान के तहत आयोजित होने वाले कार्यक्रमों की एक विस्तृत सूची साझा की, जिसमें शामिल हैं — सेवा दिवस, मेरे सपनों का भारत चित्र, नमो सेवा की अनकही कहानियाँ, संगीतमय नाट्य प्रस्तुति, आंगन मिलन सेवा, सेवा की कहानी, सेवा ज्योति कलश यात्रा, वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा, सेवा मेरा योगदान, सेवा सेतु अभियान, सेवा के रंग राष्ट्र के संग, सेवा फॉर इनोवेशन चैलेंज और सुशासन सेवा संवाद। गौरतलब है कि 'वडनगर से वाराणसी तक सेवा यात्रा' मोदी की राजनीतिक यात्रा — उनके गृहनगर गुजरात के वडनगर से उनकी संसदीय सीट वाराणसी तक — को प्रतीकात्मक रूप से रेखांकित करती है।
आगे की राह
यह अभियान न केवल भाजपा की संगठनात्मक ताकत का प्रदर्शन है, बल्कि 2027 में आने वाले कई राज्यों के विधानसभा चुनावों से पहले बूथ स्तर तक कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने की रणनीति भी मानी जा रही है। यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या अभियान की व्यापक रूपरेखा ज़मीनी स्तर पर उतनी ही प्रभावी साबित होती है, जितना दावा किया गया है।