ब्रजेश पाठक का राहुल गांधी को सीधा संदेश: अमित शाह जवाब देने आ रहे हैं, संसद में चर्चा से मत भागिए
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने मंगलवार, 11 अगस्त को लखनऊ स्थित प्रदेश भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तीखा हमला बोला। पाठक ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह राहुल गांधी के हर सवाल का जवाब देने के लिए संसद में आने को तैयार हैं, इसलिए अब राहुल गांधी को चर्चा से पीछे नहीं हटना चाहिए।
मुख्य आरोप और चुनौती
पाठक ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 15 दिनों से राहुल गांधी लगातार अपने मुद्दे बदलते रहे हैं — पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की माँग, फिर NEET पर चर्चा की माँग, और बाद में जंतर-मंतर के छात्र प्रदर्शन को लेकर गृह मंत्री से सदन में बयान देने की माँग। उन्होंने कहा, 'गृह मंत्री आपके हर सवाल का जवाब देने सदन में आ रहे हैं — अब मैदान छोड़कर भागना मत और चर्चा से डरना मत।'
पाठक के अनुसार, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू के यह स्पष्ट करने के बाद कि गृह मंत्री सभी सवालों का जवाब देने को तैयार हैं, राहुल गांधी ने फिर अपना मुद्दा बदल दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शुरू से ही हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार थी, लेकिन विपक्ष ने सदन को चलने नहीं दिया।
जंतर-मंतर 'गोलीबारी' के दावे पर सवाल
उपमुख्यमंत्री पाठक ने राहुल गांधी के उस कथित बयान पर भी निशाना साधा जिसमें जंतर-मंतर के प्रदर्शन के दौरान गोली चलने की बात कही गई थी। पाठक ने इसे गलत बताते हुए कहा कि वहाँ कोई गोली नहीं चली। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी झूठ बोलकर जनता को गुमराह कर रहे हैं, और संसद को संवाद के बजाय राजनीतिक टकराव का मंच बना रहे हैं।
झारखंड में छात्रों पर कार्रवाई का मुद्दा
पाठक ने झारखंड की राजधानी रांची में छात्र-युवा प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने आरोप लगाया कि वहाँ प्रदर्शनकारी छात्रों पर कंटीले तार लगाए गए, आँसू गैस के गोले छोड़े गए, वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया और लाठीचार्ज किया गया। पाठक ने सवाल उठाया कि जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन को लेकर मुखर राहुल गांधी झारखंड में — जहाँ कांग्रेस और झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की गठबंधन सरकार है — छात्रों पर हुई कार्रवाई को लेकर चुप क्यों हैं।
भाजपा का रुख और कांग्रेस पर 'दोहरे रवैये' का आरोप
पाठक ने राहुल गांधी को 'अराजकता और झूठ का पोस्टर बॉय' करार दिया और कहा कि वह संसदीय इतिहास की गरिमा और मर्यादा को नुकसान पहुँचा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और राहुल गांधी जहाँ राजनीतिक लाभ दिखता है वहाँ छात्रों के मुद्दे उठाते हैं, लेकिन जहाँ कांग्रेस गठबंधन की सरकार है वहाँ चुप्पी साध लेते हैं।
भाजपा नेता ने माँग की कि कांग्रेस और राहुल गांधी अपने कथित दोहरे रवैये के लिए देश के युवाओं से माफी माँगें और झारखंड सरकार से प्रदर्शनकारी छात्रों की माँगों पर तत्काल विचार करने की अपील की।
आगे क्या
यह विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब संसद का मानसून सत्र विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच लगातार टकराव का गवाह बन रहा है। गौरतलब है कि NEET विवाद और छात्र आंदोलनों के बीच सत्र की कार्यवाही पहले भी बाधित हो चुकी है। अब देखना होगा कि गृह मंत्री अमित शाह सदन में कब और किस रूप में जवाब देते हैं, और क्या विपक्ष चर्चा में भाग लेता है।