राहुल गांधी का हमला: 'मोदी और अमित शाह में संसद में विपक्ष के सामने खड़े होने की हिम्मत नहीं'
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 10 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित प्रेस वार्ता में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि दोनों वरिष्ठ नेताओं में संसद में आकर विपक्ष के सवालों का सामना करने का साहस नहीं है।
संसद में अनुपस्थिति पर निशाना
राहुल गांधी ने कहा कि पिछले 15 दिनों से न तो प्रधानमंत्री और न ही गृह मंत्री सदन में उपस्थित हुए हैं। उन्होंने कहा, 'सवाल कभी यह नहीं था कि गृह मंत्री संसद में आकर किसी सामान्य विषय पर भाषण दें — जनता भी गृह मंत्री से छात्रों के साथ हुई बर्बरता पर जवाब सुनना चाहती है।' उन्होंने माँग की कि स्पष्ट किया जाए कि दिल्ली में प्रदर्शनकारी युवाओं पर पैलेट गन चलाने का आदेश किसने दिया।
अमित शाह पर इस्तीफे की माँग
राहुल गांधी ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह के सामने दो ही विकल्प हैं — या तो उन्होंने पैलेट गन चलाने का आदेश दिया, जिससे वे दोषी ठहरते हैं, या उन्हें इसकी जानकारी ही नहीं थी, जिससे वे अपने पद के लिए अयोग्य साबित होते हैं। उन्होंने कहा, 'दोनों ही स्थितियों में उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।'
कांग्रेस की तीन प्रमुख माँगें
राहुल गांधी ने तीन स्पष्ट माँगें रखीं। पहली, गृह मंत्री अमित शाह सदन में आकर बयान दें और इस्तीफा दें। दूसरी, छात्रों पर हुए हमले के लिए सार्वजनिक माफी माँगी जाए। तीसरी, राम मंदिर में कथित 'चढ़ावा चोरी' के मुद्दे पर संसद में विधिवत चर्चा कराई जाए।
झारखंड लाठीचार्ज की निंदा
राहुल गांधी ने झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी तरह की हिंसा — चाहे वह कहीं भी हो — स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने झारखंड के छात्रों को संदेश दिया कि उनका संघर्ष न्यायसंगत है।
आगे क्या
यह ऐसे समय में आया है जब संसद का मानसून सत्र लगातार हंगामे की भेंट चढ़ रहा है। गौरतलब है कि विपक्ष ने छात्र प्रदर्शनों और कथित पुलिस बर्बरता को लेकर सरकार को घेरने की रणनीति बनाई है। सरकार की ओर से इन आरोपों पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।