राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: 'जेन ज़ी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते, PM मोदी और अमित शाह सावधान रहें'
सारांश
मुख्य बातें
कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार, 31 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार जेन ज़ी की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सीधे संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि भारत के भविष्य के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, इस पर सावधान रहें।
एक्स पर क्या लिखा राहुल गांधी ने
अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, 'पीएम मोदी और अमित शाह, आप जेन ज़ी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनके हाथ-पैर तोड़े। अब एफआईआर कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रहे हैं। आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसे लेकर सावधान रहें।' यह पोस्ट तब आई जब प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव तेज़ हो गया है।
संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप
इससे पहले बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया था कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, उन्हें कहा गया कि यदि वे गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए अपने बयान पर माफ़ी माँग लें तो उन्हें बोलने की अनुमति दी जाएगी — जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य मंत्रियों को बार-बार बोलने का मौका मिला, जबकि उन्हें रोका जाता रहा।
छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप
राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और एक छात्र की आँख में पैलेट लगने से उसकी दृष्टि जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिसमें पैलेट लगने की पुष्टि हुई है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
गृह मंत्री पर सीधा निशाना
गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए कहा, 'पैलेट गन का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना नहीं हो सकता। मैंने खुद संसद में अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात करते देखा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को भी लगातार फोन आ रहे थे। इसका मतलब सरकार को पता था कि सड़क पर क्या हो रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष संसद सत्र के दौरान सरकार को लगातार घेर रहा है।
आगे क्या
गौरतलब है कि जेन ज़ी के प्रदर्शनों और उन पर हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। राहुल गांधी के इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह तीखे टकराव का रूप लेता दिख रहा है।