31 जुलाई 2026
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राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: 'जेन ज़ी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते, PM मोदी और अमित शाह सावधान रहें'

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राहुल गांधी का केंद्र पर हमला: 'जेन ज़ी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते, PM मोदी और अमित शाह सावधान रहें'

सारांश

राहुल गांधी ने एक्स पर PM मोदी और अमित शाह को सीधे चेताया — जेन ज़ी पर FIR, सोशल मीडिया अकाउंट बंद और पैलेट गन के आरोप लगाते हुए कहा, 'आप भारत का अतीत हैं।' संसद में बोलने से रोके जाने का भी दावा किया।

मुख्य बातें

राहुल गांधी ने 31 जुलाई को एक्स पर पोस्ट कर PM मोदी और अमित शाह को चेताया कि जेन ज़ी को धमकाकर चुप नहीं कराया जा सकता।
गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों पर FIR दर्ज करा रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रही है।
एक छात्र की आँख में पैलेट लगने और दृष्टि जाने के खतरे का दावा; एम्स मेडिकल सर्टिफिकेट का हवाला दिया — स्वतंत्र पुष्टि नहीं।
गांधी का आरोप — लोकसभा में बोलने की अनुमति तब तक नहीं दी गई जब तक वे अमित शाह पर दिए बयान पर माफ़ी नहीं माँगते; उन्होंने माफ़ी मांगने से इनकार किया।
गृह मंत्री अमित शाह और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह पर संसद से पुलिस कार्रवाई का निर्देश देने का आरोप — सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं।

कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने शुक्रवार, 31 जुलाई को एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट कर केंद्र सरकार पर सीधा हमला बोला और आरोप लगाया कि सरकार जेन ज़ी की आवाज़ को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सीधे संबोधित करते हुए चेतावनी दी कि भारत के भविष्य के साथ किस तरह का व्यवहार किया जा रहा है, इस पर सावधान रहें।

एक्स पर क्या लिखा राहुल गांधी ने

अपनी पोस्ट में राहुल गांधी ने लिखा, 'पीएम मोदी और अमित शाह, आप जेन ज़ी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते। पहले आपने उनके हाथ-पैर तोड़े। अब एफआईआर कर रहे हैं और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रहे हैं। आप भारत का अतीत हैं। भारत के भविष्य के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए, इसे लेकर सावधान रहें।' यह पोस्ट तब आई जब प्रदर्शनकारी छात्रों पर की गई कार्रवाई को लेकर विपक्ष और सरकार के बीच टकराव तेज़ हो गया है।

संसद में बोलने से रोके जाने का आरोप

इससे पहले बुधवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में राहुल गांधी ने दावा किया था कि उन्हें लोकसभा में अपनी बात रखने का अवसर नहीं दिया गया। उनके अनुसार, उन्हें कहा गया कि यदि वे गृह मंत्री अमित शाह को लेकर दिए गए अपने बयान पर माफ़ी माँग लें तो उन्हें बोलने की अनुमति दी जाएगी — जिसे उन्होंने अस्वीकार कर दिया। गांधी ने यह भी आरोप लगाया कि संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह सहित अन्य मंत्रियों को बार-बार बोलने का मौका मिला, जबकि उन्हें रोका जाता रहा।

छात्रों पर पैलेट गन के इस्तेमाल का आरोप

राहुल गांधी ने प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि छात्रों पर पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया और एक छात्र की आँख में पैलेट लगने से उसकी दृष्टि जाने का खतरा है। उन्होंने कहा कि उन्होंने एम्स का मेडिकल सर्टिफिकेट देखा है, जिसमें पैलेट लगने की पुष्टि हुई है। हालाँकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

गृह मंत्री पर सीधा निशाना

गांधी ने गृह मंत्री अमित शाह पर सवाल उठाते हुए कहा, 'पैलेट गन का इस्तेमाल उनकी जानकारी के बिना नहीं हो सकता। मैंने खुद संसद में अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात करते देखा। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को भी लगातार फोन आ रहे थे। इसका मतलब सरकार को पता था कि सड़क पर क्या हो रहा है।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष संसद सत्र के दौरान सरकार को लगातार घेर रहा है।

आगे क्या

गौरतलब है कि जेन ज़ी के प्रदर्शनों और उन पर हुई कार्रवाई को लेकर राजनीतिक तापमान बढ़ता जा रहा है। राहुल गांधी के इन आरोपों पर केंद्र सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद संसद के भीतर और बाहर दोनों जगह तीखे टकराव का रूप लेता दिख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि जेन ज़ी को विपक्ष के राजनीतिक आख्यान से जोड़ने की सुनियोजित कोशिश है — एक ऐसी पीढ़ी जो परंपरागत दलीय राजनीति से दूरी रखती है। दिलचस्प यह है कि कांग्रेस उसी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर रही है जिस पर वह 'अकाउंट बंद' करने का आरोप लगा रही है — यह विरोधाभास मुख्यधारा की कवरेज में अनदेखा रह जाता है। एम्स सर्टिफिकेट और पैलेट गन के दावे गंभीर हैं, लेकिन स्वतंत्र सत्यापन के बिना ये राजनीतिक आरोप बने रहते हैं। सरकार की चुप्पी इस कथा को और बल दे रही है।
RashtraPress
31 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी ने एक्स पर क्या पोस्ट किया?
राहुल गांधी ने 31 जुलाई को एक्स पर लिखा कि PM मोदी और अमित शाह जेन ज़ी को धमकाकर चुप नहीं करा सकते। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों पर FIR दर्ज कर रही है और उनके सोशल मीडिया अकाउंट बंद करवा रही है।
राहुल गांधी को लोकसभा में बोलने से क्यों रोका गया?
राहुल गांधी के अनुसार, उन्हें गृह मंत्री अमित शाह पर दिए गए बयान पर माफ़ी माँगने की शर्त पर ही बोलने की अनुमति देने की बात कही गई थी। उन्होंने माफ़ी माँगने से इनकार कर दिया, जिसके बाद उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं मिला।
छात्रों पर पैलेट गन इस्तेमाल के आरोप क्या हैं?
राहुल गांधी ने दावा किया कि प्रदर्शनकारी छात्रों पर पैलेट गन चलाई गई और एक छात्र की आँख में पैलेट लगने से उसकी दृष्टि जाने का खतरा है। उन्होंने एम्स के मेडिकल सर्टिफिकेट का हवाला दिया, हालाँकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
राहुल गांधी ने अमित शाह पर क्या आरोप लगाए?
गांधी ने दावा किया कि उन्होंने संसद में अमित शाह को पुलिस अधिकारियों से फोन पर बात करते देखा, और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह को भी लगातार फोन आ रहे थे। उनका तर्क है कि इससे स्पष्ट होता है कि सरकार को सड़क पर हो रही कार्रवाई की पूरी जानकारी थी।
केंद्र सरकार ने राहुल गांधी के आरोपों पर क्या कहा?
अभी तक केंद्र सरकार की ओर से राहुल गांधी के इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह विवाद संसद सत्र के दौरान विपक्ष और सत्तापक्ष के बीच बढ़ते टकराव की पृष्ठभूमि में सामने आया है।
राष्ट्र प्रेस
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